DEO की क्लास में मास्टर जी फेल:हिंदी में MA पास और 'अंत्येष्टि' नहीं लिखना आता, पहली की किताब नहीं पढ़ सकी 7वीं की बच्ची, कविता और पहाड़ा भी नहीं आता

कवर्धा4 महीने पहले
कवर्धा में जिला शिक्षा अधिकारी DEO के निरीक्षण में बच्चों के साथ-साथ पढ़ाने वाले मास्टर जी भी फेल हो गए हैं। बच्चों और शिक्षकों की स्थिति देखकर DEO ने फटकार लगाई। 

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के चलते करीब डेढ़ साल स्कूल बंद रहे। बच्चों का साल बर्बाद न हो, इसके लिए मोहल्ला क्लास लगाई गई। बिना परीक्षा लिए बच्चों को पास भी कर दिया गया। इसके नतीजे दिखाई देने लगे हैं। कवर्धा में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के निरीक्षण में बच्चों के साथ-साथ पढ़ाने वाले मास्टर जी भी फेल हो गए हैं। हिंदी में MA पास गुरुजी को 'अंत्येष्टि' लिखना नहीं आता है। वहीं, चौथी और 7वीं क्लास में पढ़ने वाले बच्चे पहली कक्षा कि किताब नहीं पढ़ सके।

चौथी क्लास की बच्ची पहली की किताब नहीं पढ़ सकी तो टीचर को फटकार लगाई। टीचर से कहा कि आपने अक्षर ज्ञान नहीं होने पर ऐसे बच्चों को अलग से क्यों नहीं पढ़ाया।
चौथी क्लास की बच्ची पहली की किताब नहीं पढ़ सकी तो टीचर को फटकार लगाई। टीचर से कहा कि आपने अक्षर ज्ञान नहीं होने पर ऐसे बच्चों को अलग से क्यों नहीं पढ़ाया।

प्रदेश में 2 अगस्त से स्कूल खुल गए हैं। कवर्धा DEO राकेश पांडेय लोहारा ब्लॉक के ग्राम रक्शे स्थित प्राथमिक स्कूल पहुंच गए। कुछ दूरी पर ही मोहल्ला क्लास चल रही थी। DEO वहां पहुंचे तो गुरुजी बातें करने में व्यस्त थे। पढ़ाई के टाइम पर बच्चे खेल रहे थे। अफसरों को देखते ही हिंदी की किताब निकालने को कहा गया। DEO ने सातवीं के एक बच्चे को खड़ा किया। उसे चौथी क्लास की हिंदी की किताब दी, लेकिन पढ़ नहीं सका। चौथी क्लास की बच्ची, पहली कक्षा की किताब नहीं पढ़ सकी। यह देख मास्साब की हवाइयां उड़ गईं।

DEO मास्टर जी की ओर मुखातिब हुए। पता चला कि उनकी क्वॉलिफिकेशन MA हिंदी है। इस पर कॉपी-पेन देकर उनसे अंत्येष्टि शब्द लिखने को कहा, मास्टर जी नहीं लिख सके।
DEO मास्टर जी की ओर मुखातिब हुए। पता चला कि उनकी क्वॉलिफिकेशन MA हिंदी है। इस पर कॉपी-पेन देकर उनसे अंत्येष्टि शब्द लिखने को कहा, मास्टर जी नहीं लिख सके।

बच्ची की प्रशंसा की, शिक्षक को फटकार लगाई
फिर उन्होंने एक बच्ची को खड़ा कर 5 का पहाड़ा सुनाने को कहा। उसने कहा नहीं आता तो कहा अब 2 का पहाड़ा सुनाओ, लेकिन बच्ची वह भी नहीं सुना पाई। फिर DEO ने एक बच्ची से कविता सुनी तो उसकी प्रशंसा की। इसके बाद DEO मास्टर जी की ओर मुखातिब हुए, पता चला कि उनकी क्वॉलिफिकेशन MA हिंदी है। इस पर कॉपी-पेन देकर उनसे अंत्येष्टि शब्द लिखने को कहा, पर मास्टर जी नहीं लिख सके। बच्चों और शिक्षकों की स्थिति देखकर DEO ने फटकार लगाई।

एक छोटी बच्ची ने कविता सुनाई तो उसकी प्रशंसा की। बच्चों से ताली भी बजवाकर उसे प्रोत्साहित किया।
एक छोटी बच्ची ने कविता सुनाई तो उसकी प्रशंसा की। बच्चों से ताली भी बजवाकर उसे प्रोत्साहित किया।

गायब शिक्षकों के वेतन काटने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान पता चला कि कई शिक्षक क्लास में पहुंचे ही नहीं थे। पूछा तो पता चला कि एक टीचर पेड लीव पर हैं, लेकिन अनुमति ही नहीं ली है। वहीं दूसरे टीचर दुर्ग से आते हैं, तो पहुंचे ही नहीं हैं। एक टीचर बिना बताए ही गायब थे। दो की तबीयत खराब थी, लेकिन एप्लीकेशन ही नहीं थी। इसके बाद DEO ने शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। फिलहाल पूरे मामले का वीडियो अब वायरल है। DEO इसमें कह रहे हैं कि 2 अगस्त से स्कूल खुलने वाले हैं, बच्चों ने क्या सीखा है।

खबरें और भी हैं...