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  • Covid 19 Vaccination In Chhattisgarh | Chhattisgarh Police Arrested A Young Man In Raigarh Who Spread Rumors On Facebook About Covid 19 Vaccine

ये हैं समाज के संक्रमण:वैक्सीनेशन को लेकर झूठी जानकारी देने के लिए फेसबुक पर बनाए 18 अकाउंट, लड़कियों के नाम की फेक ID से फैलाता था अफवाह

​​​​​​​रायगढ़एक महीने पहले
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कोरोना संक्रमण के कारण लगातार हालात बिगड़ रहे हैं। सरकार तमाम कोशिशें कर रही है कि वैक्सीनेशन के जरिए लोगों को सुरक्षित रखा जा सके। बावजूद इसके ऐसे लोग भी हैं जो समाज के लिए संक्रमण बन गए हैं। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में पुलिस ने एक ऐसे ही युवक को गिरफ्तार किया है, जो वैक्सीनेशन को लेकर अफवाहें फैला रहा था। इसके लिए आरोपी ने फेसबुक पर 18 अकाउंट बनाए थे। इनमें ज्यादातर लड़कियों के नाम से थे।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस को जानकारी मिली कि रायगढ़ छत्तीसगढ़ नाम से बने फेसबुक पेज पर वैक्सीनेशन को लेकर लगातार जानकारी झूठी जानकारी डाली जा रही है। इस पर SP संतोष सिंह ने साइबर सेल को जांच के निर्देश दिए। टीम ने फेसबुक पर चल रही अकाउंट ID होल्डर के बारे में जानकारी जुटाई और फिर कोतवाली पुलिस के साथ मिलकर आरोपी दरोगापारा निवासी आशीष ठेठवार को पकड़ लिया।

मोबाइल जब्त किया तो पता चले फेक अकाउंट

पकड़ा गया आरोपी पहले एक बैंक में कर्मचारी था। पुलिस ने उसके पास से मोबाइल भी जब्त किया है। उससे पता चला कि शातिर ने अलग-अलग 18 अकाउंट फेसबुक पर बना रखे थे। इसमें रायगढ़ छत्तीसगढ़ सहित मिस्टी पटेल, सुरभि मिश्रा, सुजाता यादव, रिचा यादव, रश्मि साहू, डॉ. कविता यादव, डॉ. आराधना साहू, सुजाता ठाकुर, नेहा गुप्ता, डॉ. निशा, स्वाति यादव, निशा गोपाल, चंचल अग्रवाल जैसे नामों का इस्तेमाल किया गया था।

महिलाओं के नाम से बनी फेसबुक ID पर लोग आसानी से जुड़ते थे
पूछताछ में आरोपी आशीष ठेठवार ने बताया कि महिलाओं के नाम से बनी फेसबुक ID में लोग आसानी से जुड़ जाते हैं। इसके चलते उसने महिलाओं के नाम की फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाना शुरू किया। इसके जरिए वह पोस्ट करता तो ज्यादा से ज्यादा लोगों के पास पहुंचता था। रायगढ़ छत्तीसगढ़ के नाम से ही बने पेज में करीब 4200 फ्रेंड हैं। वहीं मिष्टी पटेल में करीब 2700 लोग फ्रेंड लिस्ट में जुड़े हुए हैं। यही स्थिति अन्य ID में भी है।

अफवाह फैलाने की सनक... और कुछ नहीं
पुलिस ने बताया कि युवक कोरोना और वैक्सीनेशन को लेकर भ्रामक जानकारी क्यों फैलाता था, इस संबंध में कुछ स्पष्ट रूप से सामने नहीं आ सका है। बस यह उसकी सनक थी और कुछ नहीं। पूछताछ में बताया है कि वह पहले से ही युवतियों और महिलाओं के नाम से फर्जी फेसबुक ID बनाता था। जब उसमें 3-4 हजार लोग जुड़ जाते थे, तो उसको पेज में बदल देता था। इसके बाद भ्रामक पोस्ट करना शुरू कर दिया।

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