उफनती नदी और मौत के मुहाने में मासूम:शॉर्टकट के चक्कर में जोखिम में डाल रहे जान, मां-बाप के साथ मिलकर रोज नदी पार कर जाते हैं स्कूल; बड़ा हादसा होने का खतरा

बिलासपुर/पेंड्रा8 महीने पहले
एक साथ कई बच्चे जान हथेली में लेकर नदी पार करते हैं।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर इन दिनों स्कूल जा रहे हैं। यहां बच्चों के मां-बाप ही उन्हें अरपा नदी पार कराते हैं। जिसके बाद बच्चे स्कूल तक पहंचते हैं। जबकि गांव में स्कूल तक जान दूसरी तरफ से पुल भी बनाया गया है। इसके बावजूद शॉर्टकट के चक्कर में कई बच्चे रोज करीब साढ़े तीन सौ मीटर नदी पार करते हैं। ऐसे में बरसात होने के कारण बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है। पूरा मामला कोटा विधासनभा के मोहली गांव का है।

कई बच्चों के माता-पिता इस तरह से रोज बच्चों को नदी पर करवाते हैं।
कई बच्चों के माता-पिता इस तरह से रोज बच्चों को नदी पर करवाते हैं।

मोहली गांव के आस-पास कई आदिवासी परिवार रहते हैं। ये इलाका पहाड़ों से घिरा हुआ है। जिसके चलते थोड़ी से बारिश में भी नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। अरपा नदी भी इन दिनों उफान पर है। फिर भी बच्चे स्कूल जाने के चक्कर में लापरवाही कर रहे हैं। वहीं उनके मां-बाप भी इसमें उनका साथ दे रहे हैं। नदी में जिन दिनों बहुत ज्यादा पानी होता है, उन दिनों बच्चे पहले ड्रेस उतारकर बैग में भरते हैं। इसके बाद वे नदी पार करते हैं।

बच्चे इस तरह से हाथ में बाग लेकर नदी पार करते हैं।
बच्चे इस तरह से हाथ में बाग लेकर नदी पार करते हैं।

बच्चों के मां-बाप का कहना है कि बच्चों को स्कूल में पढ़ाना है। ऐसे में ये रास्ता नजदीक है। जिसके कारण हम नदी पार कराके बच्चों को स्कूल भेजते हैं। कई बार हम उनके लौटने का इंतजार भी करते हैं। हमारे गांव में अब भी बहुत से असुविधाएं हैं। ऐसे में हमारे सामने बच्चों को अच्छे से पढ़ाना है एक बेहतर विकल्प है।

कुछ साल पहले बना है पुल

इस मामले को लेकर कोटा विधायक रेणु जोगी का कहना है कि इन गांवों को जोड़ने के लिए कुछ साल पहले ही एक बड़ा पुल बनवा दिया गया था। इसके बावजूद ग्रामीण और बच्चे शॉर्टकट के चक्कर में इस प्रकार नदी को पार करने का जोखिम उठा रहे हैं।

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