लाल आतंक का काला चेहरा:दंतेवाड़ा में IED के चपेट में आने से ग्रामीण की मौत, SP बोले- नक्सली अब ग्रामीणों पर भी नहीं कर रहे भरोसा

दंतेवाड़ा8 महीने पहले
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बस्तर के जंगलों में जमीन के भीतर IED छिपाकर नक्सली सुरक्षाबलों को निशाना बनाते रहे हैं। इसमें कई बार ग्रामीणों की भी जान जाती है। -प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
बस्तर के जंगलों में जमीन के भीतर IED छिपाकर नक्सली सुरक्षाबलों को निशाना बनाते रहे हैं। इसमें कई बार ग्रामीणों की भी जान जाती है। -प्रतीकात्मक फोटो।

छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों की कायराना हरकत जारी है। माओवादियों ने दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण थाना के तेलम गांव में IED प्लांट कर रखा था, जिसकी चपेट में आने से हिड़मा माड़वी नाम के ग्रामीण की मौके पर मौत हो गई। शुक्रवार को ही CAF और DRG जवानों की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों की सूचना पर टेटम और तुमकपाल के बीच से 5 किलो का IED बरामद किया था। तेलम गांव भी टेटम के पास ही है।

मृतक ग्रामीण तेलम का ही रहने वाला है। आशंका है कि नक्सलियों ने इस IED को भी सुरक्षबलों को नुकसान पहुंचाने लगाया था। इस घटना में जो महत्वपूर्ण और चिंता करने वाली बात ये निकलकर सामने आई है, वे ये है कि इस बार नक्सलियों ने ग्रामीणों को सूचना नहीं दिया था कि उन्होंने IED कहां प्लांट किया है। इसकी वजह से ही ग्रामीण इस विस्फोटक के चपेट में आया।

इस संबंध में SP ने कहा है कि नक्सली पूरी तरह से बौखला गए हैं। इससे पहले ग्रामीणों को सूचना होती थी कि नक्सली कहां पर IED प्लांट कर रहे हैं। लेकिन इस बार उन्होंने ग्रामीणों को बताया नहीं। ग्रामीणों का पुलिस पर भरोसा बढ़ा है, जिसकी वजह से वे अब ग्रामीणों पर भरोसा नहीं कर रहे। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

निशाने पर थे सुरक्षाबल

इसके पहले नक्सली लगातार IED प्लांट करते रहे हैं, लेकिन हर बार उनके निशाने पर जवान होते थे। इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि नक्सलियों को ग्रामीणों पर शक है कि वे पुलिस को मदद पहुंचा रहे हैं, क्योंकि टेटम और तुमकपाल के बीच से IED बरामद करने में ग्रामीणों का योगदान रहा था।

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