विवादों के नंद कुमार:CM बेटे की महत्वाकांक्षी योजना 'राम वन गमन पथ' का विरोध किया; महिषासुर, रावण को बताया था महान योद्धा, दशहरा को मनाते हैं शोक दिवस

रायपुर5 महीने पहले
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पत्नी बिंदेश्वरी देवी के निधन पर संस्कार भी बंटे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सनातन परंपरा, पिता नंद कुमार बघेल ने बौद्ध धर्म से किया। - Dainik Bhaskar
पत्नी बिंदेश्वरी देवी के निधन पर संस्कार भी बंटे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सनातन परंपरा, पिता नंद कुमार बघेल ने बौद्ध धर्म से किया।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल प्रदेश में अपने बयानों से लगातार विवादों में घिरते रहे हैं, हालांकि यह पहली बार है कि उन्हें जेल जाना पड़ा है। वैसे तो वे पहले से ही ब्राह्मण विरोधी बयान देते रहे हैं, लेकिन पहला चर्चित विवाद 2001 में उनकी पुस्तक ‘ब्राह्मण कुमार रावण को मत मारो’ था। वे महिषासुर, रावण को महान योद्धा भी बता चुके हैं। उनसे जुड़े कुछ प्रमुख विवाद।

प्रतिबंधित है ‘ब्राह्मण कुमार रावण को मत मारो’ पुस्तक नंदकुमार बघेल की पुस्तक ‘ब्राह्मण कुमार रावण को मत मारो’ में मनुस्मृति और वाल्मिकी रामायण, तुलसीदास के रामचरित मानस पर समीक्षात्मक टिप्पणियां हैं। इसमें बघेल ने राम को काल्पनिक चरित्र बताया है। लिखा है कि सर्वणों ने राम नाम का अस्तित्व दलितों, मूलनिवासियों और आदिवासियों पर राज करने के लिए उन्हें दबाने, कुचलने के लिए गढ़ा है। इसमें दक्षिण के विचारक पेरियार के विचार भी हैं। इस पुस्तक को 2001 में अजीत जोगी सरकार ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और वर्गों के बीच द्वेष बढ़ाने वाला मानते हुए प्रतिबंधित कर दिया था। बघेल इसके खिलाफ हाईकोर्ट गए, जहां हाईकोर्ट की फुल बेंच ने 17 साल बाद उनकी याचिका को खारिज कर दी और पुस्तक पर बैन बरकरार रखा।

रावण और महिषासुर को बताया महान योद्धा
नंदकुमार बघेल ने पिछले कुछ वर्ष से छत्तीसगढ़ के गांवों में दुर्गा पूजा और रावण वध के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है। वे गांव-गांव का दौरा करते हैं और वहां के आदिवासी समुदाय से अपील करते हैं कि वे विजयादशमी को रावण दहन ना करें। 2019 में उन्होंने दशहरा के कार्यक्रम में रावण को महान योद्धा, पुरखा बताकर विजयादशमी को शोक दिवस कहा था। वे सभी स्थानों पर जाकर महिषासुर, रावण, मेघनाद के पुतले जलाए जाने और दुर्गा पूजा का विरोध करते हैं। कहते हैं कि महान योद्धाओं का वध ब्राह्मण समाज बहुजन मूल संस्कृति को अपमानित करने के लिए कर रहा है।

राम वन गमन पथ योजना का विरोध
नंदकुमार बघेल ने अपने बेटे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की एक योजना का सार्वजनिक विरोध किया। मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2019 में घोषणा की थी कि भगवान राम अपने वनवास काल में छत्तीसगढ़ के 51 स्थानों से गुजरे थे। इनमें से 9 स्थानों का विकास राम वन गमन पथ के अंतर्गत किया जाएगा। इन्हें धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। नंद कुमार कुछ आदिवासी संगठनों के साथ इस योजना के खिलाफ खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि इस योजना से बहुजन, दलितों की संस्कृति पर ब्राह्मण संस्कृति थोपने का प्रयास किया जा रहा है। यह आरएसएस और भाजपा का एजेंडा है भूपेश बघेल मोदी को खुश करने के लिए यह योजना बना रहे हैं।

सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण का विरोध
मोदी सरकार ने आर्थिक आधार पर सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा की है। इस घोषणा का नंदकुमार बघेल पूरे देश में घूम-घूम कर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे वंचितों के अधिकार पर डाका डाला जा रहा है। सवर्ण पहले से ही आर्थिक, सामाजिक रूप से संपन्न है ऐसे में इन्हें कोई भी आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। बघेल इसी सिलसिले में लगातार उत्तरप्रदेश में प्रदर्शनों में शामिल हो रहे हैं।

कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ प्रचार
चुनाव के दौरान ऐसे कई किस्से हैं जब नंदकुमार बघेल ने सवर्ण कांग्रेसी प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव प्रचार किया। उन्होंने ऐसे चुनाव में भी कांग्रेस प्रत्याशियों का विरोध किया, जब उनके पुत्र भूपेश बघेल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे अथवा बड़े महत्वपूर्ण पदों पर थे।

पत्नी का अंतिम संस्कार सनातन तरीके से नहीं
पिछले वर्ष उनकी पत्नी बिंदेश्वरी देवी का निधन हो गया था। उनके पुत्र भूपेश बघेल ने अपनी माता का अंतिम संस्कार सनातन धर्म के अंतर्गत पूरे विधिविधान से किया, लेकिन नंद कुमार बघेल ने अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार बौद्ध धर्म के अंतर्गत अलग से किया।