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घर-घर सर्वे की रिपोर्ट:55 लाख घरों के 1.16 लाख लोगों में कोरोना जैसे लक्षण, 1.07 लाख की जांच में 6571 ही पाॅजिटिव

रायपुर8 महीने पहले
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जांजगीर में सर्वे करतीं स्वास्थ्यकर्मी। (फाइल फोटो)। - Dainik Bhaskar
जांजगीर में सर्वे करतीं स्वास्थ्यकर्मी। (फाइल फोटो)।
  • जितने लोगों को सर्दी-खांसी, उनमें 6% को कोरोना, इनके इलाज से संक्रमण फैलने से बचा

राजधानी और प्रदेश में सरकारी अमले ने 5 से 12 अक्टूबर तक एक हफ्ते में 55 लाख से ज्यादा घरों में दस्तक दी। हालांकि कई जगह सर्वे टीमों को लोगों ने सहयोग नहीं किया, फिर भी टीमों ने घरों से 1.16 ऐसे लोगों को ढूंढ निकाला, जिनमें सर्दी-खांसी, बुखार, सांस में तकलीफ या कोरोना जैसे लक्षण थे। रैपिड टेस्ट में इनमें से 6571 लोग पाॅजिटिव निकल गए। इसी तरह, राजधानी रायपुर में 412428 घरों से सरकारी अमले ने 3297 लक्षण वाले वह 443 लोग हाई रिस्क वाले ढूंढ निकाले, जिनमें से 3162 लोगों का एंटीजन और आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया गया। इसमें 288 लोग पाॅजिटिव निकल गए। डाॅक्टरों का मानना है कि यह पाॅजिटिव आए लोगों की संख्या भले ही कम है, लेकिन इतने लोगों के पाॅजिटिव निकलने से इनके कारण परिवारों में संक्रमण का फैलाव रुक गया। अभियान के दौरान प्रदेश में 55.92 लाख घरों में सर्वे किया गया। इस दौरान कोरोना संक्रमण जैसे लक्षणों वाले जितने लोगों की पहचान की गई, उनमें से भी 92.4 प्रतिशत लोगों का टेस्ट करवाया गया। सघन सामुदायिक सर्वे के नाम से यह अभियान हर जिले में चला। भास्कर के पास जिलों में हुए सर्वे की रिपोर्ट है।

इसके मुताबिक बस्तर संभाग के बीजापुर में सर्दी-खांसी या लक्षण वाले जितने लोगों की पहचान की गई, उनमें से 13.8 फीसदी लोग कोरोना पॉजिटिव निकल गए। यह अनुपात दंतेवाड़ा में 10.2 प्रतिशत, कोरिया में 9.3, कवर्धा में 9.2, बालोद में 8, बेमेतरा में 7.7, जांजगीर-चांपा में 11.3 और बिलासपुर में 10.3 प्रतिशत रहा।

हर जिले में इतने घरों में जांच
सर्वे टीमें बलौदाबाजार में 2.39 लाख घरों में, धमतरी में 1.65 लाख, गरियाबंद में 1.56 लाख, महासमुंद में 2.32 लाख, बिलासपुर में 3.91 लाख, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 76 हजार, जांजगीर-चांपा में 3.48 लाख, कोरबा में 2.80 लाख , मुंगेली में 1.43 लाख, रायगढ़ में 3.29 लाख, बालोद में 2.17 लाख, बेमेतरा में 1.43 लाख और दुर्ग में सर्वे टीमें 3.16 लाख घरों में पहुंचीं। इसी तरह, कवर्धा जिले में 1.81 लाख, राजनांदगांव में 3.56 लाख, बलरामपुर में 1.71 लाख, जशपुर में 1.99 लाख, कोरिया में 1.38 लाख, सूरजपुर में 1.67 लाख, सरगुजा में 2.14 लाख, बस्तर में 1.84 लाख, बीजापुर में 41 हजार, दंतेवाड़ा में 1.04 लाख, कांकेर में 1.63 लाख, कोंडागांव में 1.39 लाख, नारायणपुर में 24 हजार तथा सुकमा में 51 हजार से ज्यादा घरों में सामुदायिक सर्वे टीमों ने दस्तक देकर कोरोना जैसे लक्षण वाले मरीजों को ढूंढा और जांच करवाई।

जशपुर में सिर्फ 2.1 प्रतिशत
सामुदायिक सर्वे में जिन जिलों में कम मरीज मिले, उनमें जशपुर में 2.1 फीसदी सूरजपुर में 2.8, सरगुजा में 3.5, वह कोंडागांव में 4.2 व महासमुंद 4 प्रतिशत हैं। रायपुर से कम पॉजिटिव मिले, उनमें कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, सुकमा, बलौदाबाजार, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, कोरबा, मुंगेली, रायगढ़, बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, बलरामपुर, जशपुर, सूरजपुर, सरगुजा व बस्तर जिले शामिल है।

हाई रिस्क वाले मरीजों की पहचा
"घर-घर सर्वे में सर्दी-खांसी, बुखार व सांस में तकलीफ के साथ हाई रिस्क वाले मरीजों की पहचान हुई। उनकी जांच भी करवाई गई और इलाज चालू हो गया। संक्रमितों में बच्चों से लेकर युवा और बुजुर्ग तक मिले।"
-डॉ. शारजा फुलझेले, एचओडी पीडियाट्रिक अंबेडकर अस्पताल

संक्रमण दूसरों में नहीं फैला
"सर्वे में यह खबरें भी आ रही थीं कि कुछ लोग सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। इसके बावजूद बावजूद काफी संख्या में संदिग्ध मिले और जांच हुई। यह बेहतर हुआ, क्योंकि उनकी वजह से संक्रमण दूसरों में नहीं फैला।"
-डॉ. सुनील खेमका, सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन

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