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भास्कर रियलिटी चेक:​​​​​दंतेवाड़ा में नक्सली इलाकों की चेकपोस्ट पर रात को टीचर और कर्मचारियों की ड्यूटी, पर न पुलिस, न सुरक्षा; पास और कोरोना रिपोर्ट देखने की है जिम्मेदारी

​​​​​​​दंतेवाड़ा7 महीने पहले
गीदम इलाका नक्सलियों का गढ़ माना जाता है। यहां पर NH-63 पर चेकपोस्ट बनाकर 3 शिक्षकों और एक फॉरेस्टकर्मी की ड्यूटी लगाई गई है।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में लॉकडाउन के चलते जिले की सीमाएं सील हैं। इस दौरान जांच के लिए चेकपोस्ट बनाए गए हैं। इन चेकपोस्ट पर कर्मचारियों की ड्यूटी है, पर नक्सली इलाकों में टीचर जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रहे हैं। सुबह तो इनके साथ जवान रहते हैं, लेकिन शाम ढलते ही न सुरक्षा होती है और न पुलिस। दैनिक भास्कर के रियलिटी चेक में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि रात के समय जवानों की ड्यूटी चेकपोस्ट पर लगाई ही नहीं गई है।

जिले में लॉकडाउन27 अप्रैल से बढ़ाकर 6 मई किया गया
कुल पॉजिटिव7425
एक्टिव केस328
कुल मौतें

18

कुल टेस्ट हुए111574
अब तक ठीक हुए मरीज7079

जिले में जांच के लिए बनाए गए हैं तीन चेकपोस्ट
दरअसल, कोरोना के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए जिले को 6 मई तक कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इस दौरान जिले की सारी सीमाओं को सील कर 3 चेकपोस्ट बनाए गए हैं। इनमें पहला चेक पोस्ट बड़े सुरोखी में, दूसरा गीदम और तीसरा नकुलनार में है। ये बीजापुर, जगदलपुर और सुकमा जिलों की सीमा को जोड़ते हैं। इन सभी पर शिक्षकों और वन कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। रात को 2 बजे जब भास्कर की टीम पहुंची तो इन चेकपोस्ट पर एक भी पुलिस का जवान नहीं था।

बताया कि कई वाहन तो इतनी तेज रफ्तार में आते हैं कि रोकने के बजाए तेज रफ्तार में भाग जाते हैं।
बताया कि कई वाहन तो इतनी तेज रफ्तार में आते हैं कि रोकने के बजाए तेज रफ्तार में भाग जाते हैं।

गीदम चेकपोस्ट से 100 मीटर पर थाना, पर एक भी जवान नहीं
जिले में गीदम इलाका नक्सलियों का गढ़ माना जाता है। यहां पर NH-63 पर चेकपोस्ट बनाकर 3 शिक्षकों और एक फॉरेस्टकर्मी की ड्यूटी लगाई गई है। चेकपोस्ट से महज 100 मीटर दूर थाना है, पर एक भी पुलिसकर्मी की ड्यूटी नहीं है। अभी टीम शिक्षकों से बात कर रही थी कि जगदलपुर और बीजापुर की ओर से कुछ वाहन आ गए। टीचरों ने उन्हें रुकवाया और जानकारी मांगी। पास दिखाने पर जाने दिया, लेकिन कुछ बहस करने लगे। इस दौरान शिक्षकों ने समझाने का प्रयास भी किया।

शिक्षक बोले- जिले को कोरोना से बचाना है, इसलिए हम डटे हुए हैं
आने वाले वाहन चालकों से अक्सर उनकी झड़प भी होती है। ड्यूटी कर रहे शिक्षक संतोष यादव, श्रवण कुमार दुग्गे, शिव कुमार गुप्ता और वन विभाग के कर्मचारी रामनाथ ठाकुर ने बताया कि कई वाहन तो इतनी तेज रफ्तार में आते हैं कि रोकने के बजाए तेज रफ्तार में भगा कर चले जाते हैं। कई बार उनको रोकने में लगता है कि हमारे ऊपर ही वाहन चढ़ा देंगे। हालांकि चेकपोस्ट में CCTV कैमरा भी लगाया गया है। शिक्षक कहते हैं कि जिले को कोरोना से बचाना है, इसलिए हम डटे हुए हैं।

शिक्षक कहते हैं कि जिले को कोरोना से बचाना है, इसलिए हम डटे हुए हैं।
शिक्षक कहते हैं कि जिले को कोरोना से बचाना है, इसलिए हम डटे हुए हैं।

इस लिए बेहद महत्वपूर्ण है गीदम का चेक पोस्ट
गीदम का चेक पोस्ट काफी महत्वपूर्ण है। ये दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा से किसी को रायपुर या जगदलपुर जाना हो तो यहीं से क्रॉस करना पड़ता है। इसके अलावा यह मार्ग तेलंगाना और आंध्र प्रदेश को भी जोड़ता है। रात करीब 2 बजे आंध्रप्रदेश से ही मजदूरों को लेकर दो बसें इस चेक पोस्ट से गुजरी जो सीधे बिहार जा रही थी। यह काफी महत्वपूर्ण सड़क मार्ग है, ऐसे में इस चेक पोस्ट में प्रशासन को निगरानी बनाए रखना बेहद जरूरी है।

जिले की सभी चेक पोस्ट पर जवानों की ड्यूटी लगाई जा रही है। गीदम चेक पोस्ट में जवान क्यों नहीं थे, मैं पता करवाता हूं। अब यहां रोज जवान मौजूद रहेंगे।
-डॉ. अभिषेक पल्लव, SP दंतेवाड़ा

रिपोर्ट- लोकेश शर्मा

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