35 हाथी गांव में घुसे, फसल तबाह कर दी:कोरबा-GPM सीमा पर हाथियों का उत्पात; रातभर मशाल जलाकर बैठे रहे ग्रामीण, वन विभाग सिर्फ दूर रहने की हिदायत देता रहा

​​​​​​​पेंड्रा/कोरबाएक वर्ष पहले
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हाथियों के डर से ग्रामीण सारी रात मशाल जलाकर बैठे रहे। मरवाही DFO संजय त्रिपाठी ने बताया कि हाथी फिलहाल कोरबा जिले के पसान रेंज की सीमा में मौजूद हैं। एहतियातन हम भी पूरे अलर्ट पर हैं। - Dainik Bhaskar
हाथियों के डर से ग्रामीण सारी रात मशाल जलाकर बैठे रहे। मरवाही DFO संजय त्रिपाठी ने बताया कि हाथी फिलहाल कोरबा जिले के पसान रेंज की सीमा में मौजूद हैं। एहतियातन हम भी पूरे अलर्ट पर हैं।

छत्तीसगढ़ के कोरबा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले की सीमा पर हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। बुधवार देर रात अमझर गांव में 35 हाथियों के दल ने धावा बोल दिया। कटघोरा वन मंडल के गांव में किसानों की फसलों को चौपट कर दिया और उनके मकानों पर भी हमला किया। हाथियों के डर से ग्रामीण सारी रात मशाल जलाकर बैठे रहे। इस दौरान वन विभाग की टीम सूचना मिलने पर पहुंची, लेकिन वह सिर्फ लोगों को दूर रहने की हिदायत देती रही।

मरवाही में बिछड़ा हाथियों का दल फिर एक साथ आया
बताया जा रहा है कि हाथियों के पहले दो दल थे, जो तनेरा और अमझर सहित मरवाही में बिछड़े थे। अब सभी हाथी एक साथ एक दल में हो गए हैं। फिलहाल अमझर के जंगलों में मौजूद हैं। सुबह पता चला कि हाथियों ने 12 किसानों की फसलों को पूरी तरह से चौपट कर दिया था।

मरवाही वन मंडल भी अलर्ट मोड पर, मूवमेंट पर नजर
मरवाही वनमंडल के अधिकारी और कर्मचारी भी इतनी बड़ी संख्या में सीमा के पास हाथियों की मौजूदगी से अलर्ट मोड पर हैं। वे हाथियो की मूवमेंट पर नजर रख रहे हैं। मरवाही DFO संजय त्रिपाठी ने बताया कि हाथी फिलहाल कोरबा जिले के पर्सन रेंज की सीमा में मौजूद हैं। एहतियातन हम भी पूरे अलर्ट पर हैं। वन विभाग का स्टाफ भी हाथियों की मूवमेंट पर नजर रखे हुए हैं।

वन विभाग की टीम सूचना मिलने पर पहुंची, लेकिन वह सिर्फ लोगों को हाथियों से दूर रहने की हिदायत देती रही।
वन विभाग की टीम सूचना मिलने पर पहुंची, लेकिन वह सिर्फ लोगों को हाथियों से दूर रहने की हिदायत देती रही।
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