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गजराज का आतंक:मरवाही में 17 दिन में तीसरी बार गांव को बनाया निशाना, हाथियों के झुंड बार-बार आकर मकानों और फसलों को करते हैं तबाह

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही7 महीने पहले
हाथियों ने जिले के तनेरा गांव में आज सुबह फिर उत्पात मचाया है। जिसके चलते ग्रामीण का घर तबाह हो गया है।

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में मरवाही सीमा के पास एक गांव में जंगली हाथी ने उत्पात मचाया है। शनिवार तड़के 3 बजे हाथी कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज के तनेरा गांव में घुस गया। इसके बाद उसने कई घरों को तोड़ा और फसलों को भी बर्बाद कर दिया। इस दौरान गांव वालों की लापरवाही का भी एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में लोग जान जोखिम में डालकर हाथी के करीब जाकर वीडियो बनाते दिख रहे हैं। इस दौरान हाथी लोगों को दौड़ाता हुआ भी नजर आ रहा है। फिलहाल वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और लोगों से हाथियों के पास नहीं जाने की अपील की है। इसी इलाके में 17 दिन के भीतर हाथियों के उत्पात की यह तीसरी घटना है।

23 हाथियों का झुंड है मौजूद
जानकारी के मुताबिक, कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज में हाथियों का झुंड मौजूद है। इसी में से एक हाथी सुबह तनेरा गांव पहुंचा था। चूंकि इसी रेंज से मरवाही वन मंडल भी लगा हुआ है, जिसके कारण लगातार हाथी इस गांव में पहुंच रहे हैं। पता चला है कि पसान रेंंज में लंबे से समय से करीब 23 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है, जिसके चलते कई बार हाथी झुंड से भटककर इस इलाके में आ जाते हैं और लोगों को घरों को नुकसान पहुंचाते हैं। बहरहाल वन विभाग की टीम हाथी को वापस जंगल की ओर खदेड़ा दिया है।

17 दिन के अंदर 3 बार हाथियों ने मचाया आतंक
तनेरा गांव में गजदलों के आतंक का ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी हाथी इस गांव को 17 दिन के भीतर 2 बार निशाना बना चुके हैंं। 7 अप्रैल को झुंड से बिछड़ कर 2 हाथी इस गांव में घुसे थे। उस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को घर को तोड़ दिया था। इसके अलावा गजराज ने एक ग्रामीण के घर में रखे 3 क्विंटल महुआ और फसलों को चट कर दिया था। वहीं इसी गांव में 8 अप्रैल को भी एक हाथी घुस आया था और अधेर सिंह गोड़ के घर को तोड़कर मक्का और धान की फसल को खा लिया था। आज भी हाथी ने चार ग्रामीणों के घर को तबाह कर दिया था। इस प्रकार हाथियों ने इसी गांव को तीसरी बार निशाना बनाया है।

वन विभाग ने अब तक नहीं किए हैं सुरक्षा के इंतजाम, ग्रामीणों में दहशत
पसान रेंज में हाथियों का मूवमेंट लंबे समय से है। हाथी पसान रेंज के ही रूट से इस मरवाही इलाके में आते हैं। इसके बावजूद मरवाही वन मंडल ने सुरक्षा के कोई खास इंतजाम नहीं किए हैं। यही कारण की हाथी बार-बार इस इलाके में घुस रहे हैं। हालांकि हाथी ने अब तक किसी की जान नहीं ली है। लेकिन ग्रामीणों में हाथियों को लेकर दहशत है। बताते चलें कि मरवाही सीमा से सटे कटघोरा वनमंडल एक घना वन परिक्षेत्र है। जिसकी वजह से बार-बार हाथी इस क्षेत्र मे आ जाते हैं। वन विभाग की टीम यदि इन्हें किसी ओर खदेड़ भी देती है तो भी ये इसी जंगल में आ जाते हैं।

20 अप्रैल को बलौदाबाजार में भी दंपती को उतारा मौत के घाट
छत्तीसगढ़ में लगातार हाथियों के आतंक के मामले अलग-अलग इलकों से सामन आते रहे हैं, जिसकी वजह से कई ग्रामीणों की जान भी जा चुकी है। इससे पहले 20 अप्रैल को बलौदाबाजार जिले के कसडोल इलाके के लवन वन परिक्षेत्र अंतर्गत खैरा (ब) गांव में हाथियों ने एक दंपती को मौत के घाट उतार दिया था। उस दौरान इसी इलाके में 3 हाथियों के मूवमेंट की जानकारी मिली थी।

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