पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बेशर्म पति:पांच बेटियों के साथ पत्नी ट्रेन से कटकर मर गई, पति नशे में सोता रहा, अब बोला- हम तो शराब पीते ही हैं, उसे सोचना चाहिए था

महासमुंद8 दिन पहले
पुलिस ने पति केजराम को इस मामले में आरोपी बनाया है। उसके खिलाफ सभी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।

छत्तीसगढ़ के महासमुंद में पति के शराब पीने को लेकर हुए विवाद के बाद महिला ने अपनी 5 बेटियों के साथ खुदकुशी कर ली। सभी के शव अगले दिन गुरुवार सुबह रेलवे ट्रैक पर बिखरे पड़े मिले थे। इस पूरी घटना के दौरान पति शराब पीकर सोता रहा। दोपहर बाद जब नींद खुली तो उसे घटना का पता चला। जब उससे इस बारे में पूछा गया तो बेशर्मी भरा जवाब मिला। बोला कि हम तो शराब पीते ही हैं। पत्नी को ऐसा करने से पहले सोचना चाहिए था।

मां सहित 5 बेटियों के शव गांव पहुंचे तो परिजनों और रिश्तेदारों सहित आसपास के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल था।
मां सहित 5 बेटियों के शव गांव पहुंचे तो परिजनों और रिश्तेदारों सहित आसपास के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल था।

दरअसल, इमलीभांठा नहर पुलिया के पास गुरुवार सुबह लोगों ने रेलवे ट्रैक पर 6 लोगों के शव पड़े मिले। शिनाख्त हुई तो भतीजे ने बताया कि पति-पत्नी के बीच शराब पीने को लेकर विवाद हुआ था। आशंका है कि उसी के चलते बेटियों के साथ महिला ने खुदकुशी की है। नाम, पता सामने आने के बाद दोपहर बाद पुलिस महिला के पति बेमचा निवासी केजराम तक पहुंची और उसे थाने लेकर आई। केजराम का कहना है कि वह अपने परिवार को ढूंढ रहा था।

उमा साहू (45) का पति केजराम शराब पीने का आदी है। वह बुधवार शाम को भी शराब पीकर घर पहुंचा तो पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। इसके बाद उमा अपनी पांचों बेटियों को लेकर घर से निकल गई।
उमा साहू (45) का पति केजराम शराब पीने का आदी है। वह बुधवार शाम को भी शराब पीकर घर पहुंचा तो पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। इसके बाद उमा अपनी पांचों बेटियों को लेकर घर से निकल गई।

शाम को 7 बजे खाना खाने के बाद नोक-झोंक हुई, फिर सो गया

केजराम ने बताया कि उसका शराब पीने को लेकर पत्नी उमा साहू (45) से शाम करीब 7 बजे खाना खाने के बाद नोक-झोंक हुई थी। इसके बाद वह सो गया। रात करीब 11-12 बजे नींद खुली तो देखा वहां कोई नहीं था। उसे लगा कि सब यहीं-कहीं होंगे और वह फिर सो गया। बड़े बेशर्मी से केजराम ने कहा कि विवाद होने पर वह लोग निकल कर चले गए तो मैं क्या कर सकता हूं। खोजा तो नहीं मिले। सुबह पता चला कि घटना हो गई।

खुदकुशी करने वाली मां और बेटियां कबीर पंथ को मानती थीं। ऐसे में रीति-रिवाज के साथ उनके शवों को गांव में ही पोस्टमार्टम के बाद दफना दिया गया है।
खुदकुशी करने वाली मां और बेटियां कबीर पंथ को मानती थीं। ऐसे में रीति-रिवाज के साथ उनके शवों को गांव में ही पोस्टमार्टम के बाद दफना दिया गया है।

सभी बेटियां स्कूल में पढ़ रही थीं, शादी का भी दबाव था
केजराम ने बताया कि उसकी बड़ी बेटी 12वीं में पढ़ती थी। उससे छोटी वाली 9वीं में, दो बेटियां 8वीं और सबसे छोटी वाली तीसरी क्लास में पढ़ती थी। अब कौन है। उसकी मां को समझदारी होना चाहिए था कि ऐसा कदम क्यों उठा रही है। शादी का भी दबाव था। उसको लेकर भी झगड़ा होता था। मैं हमाल हूं, तो शराब तो पीयूंगा ही। लड़कियां ही होने को लेकर कोई झगड़ा नहीं था।

गांव में दफनाए गए सभी के शव, पति पर दर्ज हुई FIR
खुदकुशी करने वाली मां और बेटियां कबीर पंथ को मानती थीं। ऐसे में रीति-रिवाज के साथ उनके शवों को गांव में ही पोस्टमार्टम के बाद दफना दिया गया है। वहीं पुलिस ने पति केजराम को इस मामले में आरोपी बनाया है। उसके खिलाफ सभी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इसको लेकर जल्द उसकी गिरफ्तारी कर सकती है। वहीं प्रशासन भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

रेलवे ट्रैक पर बिखरे मिले थे सभी के शव
बेमचा निवासी महिला उमा साहू (45) का पति केजराम शराब पीने का आदी है। वह बुधवार शाम को भी शराब पीकर घर पहुंचा तो पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। इसके बाद उमा शाम करीब 7.30 बजे अपनी पांचों बेटियों अन्नपूर्णा (18), यशोदा (16), भूमिका (14), कुमकुम (12) और तुलसी (10) को लेकर घर से निकल गई। अगले दिन सुबह सभी के शव रेलवे ट्रैक पर बिखरे हुए मिले। बताया जा रहा है कि रात करीब 9.30 बजे लिंक एक्सप्रेस के सामने सभी ने कूदकर जान दे दी।

खबरें और भी हैं...