CG में सिस्टम से हार गया किसान:बार-बार बताता रहा कि खेत में पानी भर रहा, फिर भी किसी ने नहीं सुना, परेशान किसान ने फांसी लगाकर दे दी जान

जशपुर5 महीने पहले
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परिजनों ने बताया कि किसान पिछले 2 साल से खेती नहीं कर पा रहा था। जिसके चलते वो परेशान था। - Dainik Bhaskar
परिजनों ने बताया कि किसान पिछले 2 साल से खेती नहीं कर पा रहा था। जिसके चलते वो परेशान था।

छत्तीसगढ़ में एक किसान ने सुसाइड कर लिया है। कारण है कि वह खेती नहीं कर पा रहा था। जिसके चलते वो परेशान था और आखिरकार उसने रविवार-सोमवार की दरमियानी रात को आत्मघाती कदम उठा लिया। इतना ही नहीं मामले में हैरानी करने वाली बात ये सामने आई है कि उसने अपनी परेशानी प्रशासन और पुलिस को भी बताई थी। इसके बावजूद उसका समाधान नहीं हो सका, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठा लिया है।

पहले ही आत्महत्या की बात कही थी, 2 साल से खेती नहीं कर पा रहा था

लोदाम के एक किसान खेत में पानी भरने की समस्या से परेशान था। इसके लिए लालदेव (46) के परिवार वालों ने कुछ दिन पहले अपने खेत के पास खड़े होकर वीडियो भी बनवाया था। इस वीडियो में लालदेव के परिवार वालों ने साफ तौर पर आत्महत्या की बात कही थी। वीडियाे में लालदेव के परिवार की महिला चंद्रावती ने कहा था कि खेत में पानी भरे होने के कारण दो साल से वे खेती से वंचित है। उनके जीने के लिए खेती ही एकमात्र सहारा है। यदि खेती नहीं हुई तो वे भूखे मर जाएंगे। इससे बेहतर है कि हम पहले ही मर जाएं। आखिरकार लालदेव ने ये कदम उठा ही लिया।

कुछ दिन पहले अपने खेत के पास खड़े होकर परिवार के साथ वीडियो भी बनाया था।
कुछ दिन पहले अपने खेत के पास खड़े होकर परिवार के साथ वीडियो भी बनाया था।

किसानों के खेत से पानी नहीं निकल पा रहा

दरअसल, कुनकुरी से शंख नदी पुल तक शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा नई सड़क का निर्माण किया गया है। सड़क किनारे पानी के बहाव को लेकर नाले भी बनाए गए हैं। लोदाम व आसपास के क्षेत्र में अब सड़क की ऊंचाई बढ़ने व सड़क किनारे नाले की दीवार खड़ी हो जाने के कारण किसानों के खेत का पानी नहीं निकल पा रहा है।

कलेक्टर को सौंपा था ज्ञापन

लालदेव के साथ चंद्रावती, तेतरु राम, जनकु उरांव सहित अन्य किसानों ने 15 जून को जशपुर पहुंचकर कलेक्टर को समस्या बताई थी। उस वक्त कलेक्टर ने पानी निकासी की व्यवस्था बनवाने की बात उनसे कही थी। शिकायत में लालदेव के परिवार वालों ने कहा था कि सड़क निर्माण के वक्त कंस्ट्रक्शन कंपनी ने खेत से पानी निकासी की व्यवस्था बनाने का आश्वासन दिया था। पर अब सड़क बन जाने के बाद कंपनी का कोई कर्मचारी नहीं आता है। उनके पास इतने पैसे नहीं कि वे खुद ही खेत के पानी की निकासी की व्यवस्था बना सकें।

मृतक किसान के परिवार वालों ने बताया कि उनकी खेत में पानी भरने की वजह से दो साल से वे खेती नहीं कर पा रहे थे। इस समस्या को लेकर उन्होंने कलेक्टर व पुलिस को शिकायत भी की थी। पर कहीं से कोई सुनवाई नहीं हुई। इस साल भी खेती शुरू नहीं हो पाने से लालदेव काफी परेशान था।

परिजनों ने बताया कि किसान ने पूरे मामले की जानकारी पहले भी पुलिस को दी थी।
परिजनों ने बताया कि किसान ने पूरे मामले की जानकारी पहले भी पुलिस को दी थी।

पूर्व मंत्री ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोका
घटना की सूचना मिलने के बाद पूर्व मंत्री गणेश राम भगत मृतक के घर पहुंचे। उनके साथ लोदाम के स्थानीय लोग भी थे। जिन्होंने किसान की आत्महत्या का कारण प्रशासन और सड़क निर्माण कंपनी को ठहराते हुए मुआवजे की मांग की। शव को घर से बाहर निकालकर आंगन पर लिटाकर छोड़ दिया गया। पुलिस जब लाश को पोस्टमार्टम के लिए ले जाना चाह रही थी तो विरोध किया गया। गणेश राम के साथ स्थानीय लोगों ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाने का विरोध शुरू कर दिया। मौके पर जशपुर एसडीएम ज्योति बबली कुजूर भी पहुंची, जिन्होंने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। गणेश राम भगत द्वारा निर्माण कंपनी से मुआवजे को लेकर बातचीत की गई। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया।

मामला हुआ दर्ज, तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई

वहीं इस मामले में कलेक्टर महादेव कावरे ने कहा है कि मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कंपनी ने एक लाख मुआवजा दिया

इधर, शिवालया कंपनी की तरफ से मृतक किसान के परिजनों को एक लाख रुपए मुआवजे के रूप में दिया है। कंपनी के डीपीएम संजय सिंह ने बताया कि फिलहाल मृतक के परिजनों को एक लाख की राशि दी गई है। परिजनों की किस तरह की मदद की जाएंगी, इसका निर्णय फैसला कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी करेंगे।

मंगलवार को एक लाख रुपए और दिए जाएंगे

इस मामले में एसडीओपी राजेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि 2 लाख का मुआवजा मृतक के परिजनों को दिलवाया गया है। सोमवार एक लाख की राशि परिजनों को सौंपी गई है। बची हुई 1 लाख की राशि परिजनों को मंगलवार को सौंपी जाएंगी।

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