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महिला शक्ति:20 सालों से बिना फीस अपने घर व स्लम एरिया में जाकर मरीजों का कर रही हैं इलाज, ऐसी डॉक्टर जो मुफ्त में देती हैं दवाइयां

रायपुर9 महीने पहलेलेखक: संदीप राजवाड़े
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भुवनेश्वर की महिला डॉक्टर स्लम एरिया में जाकर निशुल्क लोगों के इलाज के साथ उन्हें मुफ्त दवा देती हैं। - Dainik Bhaskar
भुवनेश्वर की महिला डॉक्टर स्लम एरिया में जाकर निशुल्क लोगों के इलाज के साथ उन्हें मुफ्त दवा देती हैं।
  • ओडिशा के पूर्व मंत्री की बेटी डॉ. सेफाली हर जरूरतमंद की करती हैं सेवा, कहा- पद व पावर से दूर पिता ने सिखाया दूसरों का दर्द बांटना

ओडिशा के भुवनेश्वर में रहने वाली डॉ. सेफाली मलिक का घर 24 घंटे किसी भी बीमार व जरूरतमंद मरीज के लिए खुला रहता है। पिछले 20 साल ज्यादा समय से वे अपने घर में सुबह व शाम नि:शुल्क मरीजों को देखती हैं, उनका इलाज कर रही हैं। इतना ही नहीं वे शहर के स्लम एरिया में जाकर भी उन्हें देखती हैं। इलाज के साथ फ्री में मरीजों के लिए दवा भी लाकर देती हैं। ओडिशा के पूर्व मंत्री रह चुके प्रहलाद मलिक की बेटी डॉ. सेफाली का कहना है कि पिता ने सिखाया व उन्हें देखा है कि कैसे वे जरूरतमंदों व गरीबों की मदद करते रहे हैं।

वे कहती हैं कि वे न तो राजनीतिक पार्टी में हैं न ही उन्हें इसमें रुचि है, लेकिन मरीजों का इस तरह से मदद करना ही उनका शौक बन है। भुवनेश्वर की डॉ. सेफाली वर्तमान में डायरेक्टर हेल्थ सर्विस में एडिशनल डायरेक्टर नर्सिंग का प्रभार संभाल रही हैं, इससे पहले वे लंबे समय तक शहर के नगर निगम के सरकारी अस्पताल में पदस्थ रही हैं। डॉक्टर बनने के पीछे उनका जरूरतमंदों की सेवा करना ही मुख्य उद्देश्य रहा है।शेष|पेज 10

डॉ. सेफाली कहती हैं कि सरकारी नौकरी के बाद भी निजी प्रैक्टिस व निजी अस्पताल में जॉब के कई अवसर आए लेकिन मैं नहीं करना चाहती। नौकरी के समय के बाद इन जरूरतमंद मरीजों को घर में देखने व उनके स्लम एरिया में जाकर उनके ट्रीटमेंट करने में ज्यादा रुचि है। 5 भाई-बहनों में वे ही डॉक्टर हैं, बाकी सभी अन्य पेशे में हैं। वे बताती हैं कि उनके घर के पास कुछ बड़ी झुग्गी बस्ती है, वहां रहने वाले लोग निजी अस्पतालों में इलाज व ट्रीटमेंट के लिए नहीं जा पाते हैं। वे बड़ी उम्मीद व विश्वास से दिखाने आते हैं। उन्हें लगता है कि यहां मैडम उनका ट्रीटमेंट कर देंगी। इसी विश्वास को पिछले कई सालों से कायम रखा हुआ है।

पिता मंत्री थे तब भी वे पैदल 6 किमी जाती थी स्कूल : डॉ. सेफाली बताती हैं कि ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे बीजू पटनायक सरकार में पिता प्रहलाद मालिक कृषि व सिंचाई मंत्री रहे हैं, इसके बाद भी उन्हें हमने कभी अपने पद व पावर का उपयोग व गुरूर करते नहीं देखा। उनके मंत्री रहने के दौरान भी मैं 6 किमी पैदल या साइकिल से स्कूल जाती थी। पिता जी खुद सरकारी संसाधनों का उपयोग सीमित तौर पर करते थे। उन्हें देखते हुए बड़े हुए हैं और आज उनकी सीख को जीवन में अमल कर रहे हैं।

बड़े ऑपरेशन होने पर भी पहले मुझसे आकर लेते हैं राय
मेरे घर में आने वाले मरीज लगभग सभी मजदूर वर्ग, रिक्शा वाले व अन्य डेली काम कर अपना पेट पालने वाले लोग हैं। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी किसी भी तरह की परेशानी व बीमारी होने पर पहले यहां ही अाएंगे। मैं उन्हें देखने के साथ जहां तक हो अपने पास मौजूद दवा जो सरकारी के साथ दवा कंपनियों द्वारा दी गई सैंपल टेबलेट-सीरप ही उन्हें देती हूं। जरूरत पड़ने पर उन्हें बाजार से लाकर दवा देती हूं। किसी मरीज को कोई बड़ी बीमारी है या उन्हें किसी भी तरह का अन्य सरकारी व निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराना है तो पहले मुझे आकर बताते हैं और फिर राय लेकर ही वे वहां अपना इलाज कराते हैं। उनकी सेवा व विश्वास ही मेरे 20 सालों की पूंजी है। अच्छा लगता है कि मैं ऐसे जरूरतमंदों की मदद कर पा रही हूं। और यह मैं किसी दबाव या लोभ में नहीं करती हूं बल्कि इससे मुझे खुशी व संतृष्टि मिलती है। और हम इस समाज में अच्छा मुकाम व आर्थिक तौर पर बेहतर हैं तो ऐसे कमजोर वर्ग के लोगों को थोड़ा साथ व सहायता तो दे सकते हैं।

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