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18 करोड़ की बंद मशीनों का मामला:सरकार ने हाईकोर्ट में जवाब देने के लिए समय मांगा; रायपुर के मेकाहारा में दो साल से बंद हैं मशीनें, इससे हो सकती है कोरोना की जांच

बिलासपुरएक महीने पहले
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अगली सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं की गई है। पूरे मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच द्वारा की गई। - Dainik Bhaskar
अगली सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं की गई है। पूरे मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच द्वारा की गई।

मेकाहारा हॉस्पिटल में 2019 से बंद पड़ी 18 करोड़ की मशीनों के मामले में सरकार ने हाईकोर्ट से समय मांग लिया है। मशीनों को कोराेना संक्रमित मरीजों के लिए इस्तेमाल में लाने की मांग करते हुए कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

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रायपुर के सुमित अठवानी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कहा है कि राज्य सरकार ने मेकाहारा हॉस्पिटल में कैंसर के मरीजों के लिए 18 करोड़ रुपए की लागत से मशीनें खरीदी थीं। यहां दो साल पहले कैंसर डिटेक्ट करने के लिए पैक स्कैन मशीनों का इंस्टॉलेशन हुआ था। लेकिन 2019 से ये मशीनें बंद पड़ी हुई है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए इन मशीनों का इस्तेमाल कोरोना संक्रमित मरीजों की जांच में किया जा सकता है। इन मशीनों के जरिए मरीजों के चेस्ट में मौजूद संक्रमण का आसानी से पता लगाया जा सकता है।

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याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में बताया कि राज्य सरकार के पास RT-PCR किट की संख्या भी लगातार कम हो रही है ऐसे में इन मशीनों को इस्तेमाल में लाने से रोज 100 से अधिक मरीजों की स्कैनिंग हो सकेगी। इससे कई मरीजों की जान बचाई जा सकती है। ऐसे में हाईकोर्ट राज्य सरकार को इन मशीनों को दोबारा शुरू करने को लेकर आदेश जारी करे। शासन की ओर से सुनवाई में उपस्थित एडवोकेट ने इस संबंध में जवाब देने के लिए समय मांग लिया। अगली सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं की गई है।पूरे मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच द्वारा की गई।