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छत्तीसगढ़ में वैक्सीन वॉर:स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा- को-वैक्सीन परीक्षण के नतीजे आ जाएं मैं खुद लगवाउंगा, विरोध पर शशि थरूर का भी मिला साथ

रायपुर4 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव परीक्षण के अंतिम नतीजे आने से पहले को-वैक्सीन लगाने की अनुमति का लगातार विरोध करते रहे हैं। - Dainik Bhaskar
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव परीक्षण के अंतिम नतीजे आने से पहले को-वैक्सीन लगाने की अनुमति का लगातार विरोध करते रहे हैं।
  • स्वास्थ्य मंत्री की ओर से को-वैक्सीन का विरोध जारी, पूर्व सीएम को दिया तीखा जवाब
  • कहा- आपके शब्द केंद्र सरकार की भक्ति से सुशोभित अन्यथा केंद्र की गलत नीतियों का बचाव न करते

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का को-वैक्सीन विरोध जारी है। इसमें उन्हें पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज शशि थरूर का भी साथ मिला है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है, को-वैक्सीन परीक्षण के तीसरे चरण के जांच की सफलता प्रकाशित कर, स्वीकृति प्राप्त कर लेती है तो मैं छत्तीसगढ़ में इसके प्रति विश्वास बढ़ाने के लिए इसे सबसे पहले लेने को तैयार हूं। सिंहदेव की बातों का समर्थन करते हुए शशि थरूर ने लिखा, जिस दिन को-वैक्सीन परीक्षण को पार कर जाएगा हम उसकी भी सिफारिश करेंगे। तब तक समझदारी इसी में है कि इसे बढ़ावा न दिया जाये।

दरअसल स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने पिछले दिनों केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को पत्र लिखकर को-वैक्सीन की खेप छत्तीसगढ़ नहीं भेजने का अनुरोध किया था। उसके बाद इस मामले पर राजनीति तेज है। भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने टीएस सिंहदेव की आपत्तियों का विरोध किया। रमन सिंह ने कहा, केंद्र की हर योजना और हर निर्णय में अड़ंगा लगाकर कांग्रेस सरकार आखिर किसे खुश करना चाहती है। क्या राहुल गांधी चाटुकारिता करने पर ज्यादा नंबर देते हैं। अब टीएस सिंहदेव भी प्रदेश की जनता की जान से खिलवाड़ कर उन्हें खुश करने के लिए वैक्सीन तक का विरोध कर रहे हैं।

जवाब में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, "आदरणीय रमन सिंह जी, आपके शब्दों के चयन स्वयं ही केंद्र सरकार की भक्ति से सुशोभित हैं अन्यथा अपने प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य के ऊपर आप केंद्र की त्रुटिपूर्ण नीतियों के बचाव में नहीं आते। क्या केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय या स्वयं आप यह बताने का कष्ट करेंगे कि को-वैक्सीन जिसके तीसरे चरण के परीक्षण का परिणाम अभी अपेक्षित है, उसका इस्तेमाल हम अपने प्रिय स्वास्थ्यकर्मियों पर होने दें?”

सिंहदेव ने कहा, केंद्र सरकार की नीतियों का नतीजा सारा देश देख रहा है। जिसके कारण परेशानियों और असंतोष के भाव प्रत्यक्ष हैं। अगर भक्ति को नजरअंदाज कर आप भी इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखते तो आपको मामले की गहराई दिखती। सिंहदेव ने कहा, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने खुद कहा था, जब तक किसी भी टीके की पूर्णतः जांच नही हो जाती उसे सक्रिय रूप से प्रयोग नही किया जाएगा। सिंहदेव ने कहा, “मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि यदि को-वैक्सीन भी परीक्षण के तीसरे चरण के जांच की सफलता प्रकाशित कर प्रयोग की स्वीकृति प्राप्त कर लेती है तो मैं छत्तीसगढ़ में इसके प्रति जागरूकता और विश्वास बढ़ाने के लिए इसे सबसे पहले लेने को तैयार हूं।'

बाहरी देश भी लेने को तैयार नहीं
टीएस सिंहदेव ने कहा, "बाहरी देशों को निर्यात किए गए टीके की 64.7 लाख खुराक में से सिर्फ 2 लाख को-वैक्सीन है। केंद्र सरकार ने उन देशों को इसकी गुणवत्ता को स्वयं परखने का सुझाव दिया है। मगर देशवासियों के लिए इस टीके को अनिवार्य किया जा रहा है। यह केंद्र की संवेदनशीलता को शंका के दायरे में लाता है।'

शशि थरुर ने यह कहा
कांग्रेस नेता शशि थरूर भी सिंहदेव के साथ आये हैं। उन्होंने कहा, यह वही बात है जो उन्होंने उठाया था। उन्होंने कहा, "मुझे कोविशील्ड वैक्सीन लेने और सिफारिश करने में प्रसन्नता होती है, क्योंकि यह परीक्षण के सभी तीन चरणों को पार कर चुका है। जिस दिन को-वैक्सीन भी इन तीन चरणों के परीक्षण को पार कर जाएगा हम उसकी भी सिफारिश करेंगे। तब तक समझदारी इसी में है कि इसे बढ़ावा न दिया जाये।'

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