क्लास में फेल मास्टर जी को चेतावनी:बच्चों की पढ़ाई में लापरवाही पर प्रधान पाठक को फटकार, अंत्येष्टि नहीं लिख पाए थे; बच्चे किताब नहीं पढ़ सके, दो टीचरों की वेतन वृद्धि रोकी

कवर्धा4 महीने पहले
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DEO ने निरीक्षण के दौरान भी स्कूल में टीचरों को फटकार लगाई थी। - Dainik Bhaskar
DEO ने निरीक्षण के दौरान भी स्कूल में टीचरों को फटकार लगाई थी।

छत्तीसगढ़ के कवर्धा में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के निरीक्षण के दौरान हुई फजीहत के बाद अब भी टीचरों का संकट कम नहीं हो रहा है। अब बच्चों को पढ़ाने में लापरवाही और अनुपस्थित होने पर DEO ने फटकार लगाते हुए प्रधान पाठक सहित 4 शिक्षकों को चेतावनी पत्र जारी किया है। साथ ही दो टीचरों की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए हैं।

आदेश में कहा गया है कि सहायक शिक्षक रेखलाल साहू ने गुणवत्ता के लिए कुछ नहीं किया। जो कि शिक्षण कार्य में उदासीनता है।
आदेश में कहा गया है कि सहायक शिक्षक रेखलाल साहू ने गुणवत्ता के लिए कुछ नहीं किया। जो कि शिक्षण कार्य में उदासीनता है।

लोहारा ब्लॉक के ग्राम रक्शे स्थित प्राथमिक स्कूल के प्रधान पाठक नेमदास झारिया को दिए गए चेतावनी पत्र में कहा गया है कि आपकी ओर से बच्चों की अध्यापन व्यवस्था में लापरवाही बरती जा रही है। इससे स्पष्ट होता है कि कर्तव्य सही से नहीं निभाया जा रहा है। साथ ही चेतावनी दी गई कि दोबारा ऐसा होता है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

DEO मास्टर जी की ओर मुखातिब हुए। पता चला कि उनकी क्वॉलिफिकेशन MA हिंदी है। इस पर कॉपी-पेन देकर उनसे अंत्येष्टि शब्द लिखने को कहा, पर मास्टर जी नहीं लिख सके।
DEO मास्टर जी की ओर मुखातिब हुए। पता चला कि उनकी क्वॉलिफिकेशन MA हिंदी है। इस पर कॉपी-पेन देकर उनसे अंत्येष्टि शब्द लिखने को कहा, पर मास्टर जी नहीं लिख सके।

4थी क्लास की बच्ची 2 का पहाड़ा नहीं सुना सकी
दूसरे आदेश में कहा गया है कि 4थी में पढ़ने वाली छात्रा अपनी ही कक्षा की किताब का पहला पाठ नहीं पढ़ सकी। न वह पहली की किताब पढ़ पाई और न 2 का पहाड़ा सुना सकी। इससे पता चलता है कि सहायक शिक्षक रेखलाल साहू ने गुणवत्ता के लिए कुछ नहीं किया। जो कि शिक्षण कार्य में उदासीनता है। इसका स्पष्ट जवाब भी नहीं मिला। ऐसे में एक वेतन वृद्धि रोकी जाती है।

प्राथमिक स्कूल के प्रधान पाठक नेमदास झारिया को दिए गए चेतावनी पत्र में कहा गया है कि आपकी ओर से बच्चों की अध्यापन व्यवस्था में लापरवाही बरती जा रही है।
प्राथमिक स्कूल के प्रधान पाठक नेमदास झारिया को दिए गए चेतावनी पत्र में कहा गया है कि आपकी ओर से बच्चों की अध्यापन व्यवस्था में लापरवाही बरती जा रही है।

वित्तीय अनियमितता पर प्रभारी प्राचार्य की भी वेतन वृद्धि रोकी

DEO ने अपने आदेश में कहा है कि निरीक्षण के दौरान शिक्षक निलेंद्र वर्मा का अर्जित अवकाश आवदेन नहीं मिला। प्रभारी प्राचार्य काशीराम धुर्वे ने दो माह से बिना उपस्थिति प्रमाण पत्र और अवकाश स्वीकृति के वेतन आहरण किया। यह वित्तीय अनियमित्ता है। इसके लिए एक वेतन वृद्धि रोकी गई। वहीं एकाउंटेंट को भी इसके लिए चेतावनी पत्र दिया गया है।

चौथी क्लास की बच्ची पहली की किताब नहीं पढ़ सकी तो टीचर को फटकार लगाई। टीचर से कहा कि आपने अक्षर ज्ञान नहीं होने पर ऐसे बच्चों को अलग से क्यों नहीं पढ़ाया।
चौथी क्लास की बच्ची पहली की किताब नहीं पढ़ सकी तो टीचर को फटकार लगाई। टीचर से कहा कि आपने अक्षर ज्ञान नहीं होने पर ऐसे बच्चों को अलग से क्यों नहीं पढ़ाया।

31 जुलाई को DEO पहुंचे थे स्कूल का निरीक्षण करने

दरअसल, पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें दिख रहा था कि कवर्धा में DEO राकेश पांडेय के मोहल्ला क्लास के निरीक्षण के दौरान बच्चों के साथ-साथ पढ़ाने वाले मास्टर जी भी फेल हो गए। हिंदी में MA पास गुरुजी 'अंत्येष्टि' नहीं लिख सके। वहीं, चौथी और 7वीं क्लास में पढ़ने वाले बच्चे पहली कक्षा कि किताब नहीं पढ़ सके थे। इसका वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था निशाने पर आ गई।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर से मुलाकात कर निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग के अफसरों के वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर डालने से रोकने की मांग की।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर से मुलाकात कर निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग के अफसरों के वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर डालने से रोकने की मांग की।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि पहुंचे थे कलेक्टर से मिलने

वीडियो के आधार पर दैनिक भास्कर ने खबर 'DEO की क्लास में मास्टर जी फेल: हिंदी में MA पास और 'अंत्येष्टि' नहीं लिखना आता, पहली की किताब नहीं पढ़ सकी 7वीं की बच्ची, कविता और पहाड़ा भी नहीं आता' प्रकाशित की थी। इसके बाद छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर से मुलाकात कर निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग के अफसरों के वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर डालने से रोकने की मांग की।

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