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कार्रवाई:वेतन घोटाले का मास्टर माइंड गिरफ्तार कुछ अफसरों के शामिल होने का शक

रायपुर4 महीने पहले
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  • क्लर्क गंगाराम सिन्हा और रिश्तेदार अशोक को खरियार रोड में छापा मारकर पुलिस ने पकड़ा

निगम जोन-3 में 71 लाख के वेतन घोटाला के मास्टर माइंड क्लर्क गंगाराम सिन्हा और रिश्तेदार अशोक को खरियार रोड में छापा मारकर पुलिस ने गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को शुक्रवार शाम कोर्ट पेश किया गया। दोनों आरोपियों को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

आरोपी ने पूछताछ में जोन के कुछ अधिकारियों का नाम बताया है, जो घोटाले में शामिल थे। पुलिस अब उन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है कि वे वेतन घोटाले में शामिल थे कि नहीं। इस मामले में अभी 6 आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राजा तालाब का गंगाराम सिन्हा जोन-3 में क्लर्क है। उसने कंप्यूटर ऑपरेटर नेहा परवीन के साथ मिलकर पिछले 5 सालों में अपने 6 रिश्तेदारों के नाम से 71 लाख से ज्यादा वेतन निकाला है। आरोपियों ने वेतन का वाउचर और चेक बनाते समय फर्जीवाड़ा किया है। जोन में 140 कर्मचारी है। हर महीने आरोपी 140 की सूची बनाकर अकाउंट और जोन कमिश्नर से दस्तखत कराते थे। फिर 146 लोगों का चेक और वाउचर दस्तखत कराते थे।

अधिकारी भी चेक की गिनती नहीं करते थे, आंख मूंदकर दस्तखत कर देते थे। पुलिस अधिकारियों ने अशोक और उसके साडू से लंबी पूछताछ की। उन्होंने 5 साल में कैसे वेतन निकाला इसके बारे में बताया। क्लर्क गंगाराम ने पुलिस को बताया कि उसने कंप्यूटर ऑपरेटर नेहा परवीन के साथ मिलकर 5 साल में वेतन निकाला है। नेता ही कर्मचारियों की सूची बनाती थी। गंगा ने नेहा के आरोप को खारिज किया है कि नेता और उसकी बहनों का एटीएम गंगाराम रखता था।

गंगाराम के अनुसार दोनों ने अपने-अपने रिश्तेदारों का वेतन के लिए नया अकाउंट खुलवाया था। उसमें वेतन आते ही दोनों निकाल लेते थे। दोनों अपने-अपने रिश्तेदारों का अकाउंट का उपयोग करते थे। उसके पास नेहा व उसके परिजन का एटीएम नहीं है।

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