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नक्सलियों ने जवान की हत्या की:सुकमा में सहायक आरक्षक को गांव में दौड़ा-दौड़ाकर खूब पीटा, बाद में धारदार हथियार से गोदकर मार डाला

सुकमा4 महीने पहले

छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों ने मंगलवार देर रात एक सहायक आरक्षक की बेरहमी से हत्या कर दी। पहले उसे डंडे से बुरी तरह से पीटा और फिर धारदार हथियार से उसका शरीर गोद दिया। इस दौरान जवान जान बचाने के लिए भागा भी, लेकिन नक्सलियों ने उसे घेरकर पकड़ लिया। जवान की पत्नी ने पुलिस को सूचना भी दी। इससे पहले कि पुलिस मौके पर पहुंचती, नक्सली उसे मारकर भाग चुके थे। घटना दोरनापाल क्षेत्र की है।

वेट्‌टी भीमा की पत्नी वेट्‌टी सेंगा ने घटना की सूचना पुलिस को दी। उसके 3 बच्चे हैं।
वेट्‌टी भीमा की पत्नी वेट्‌टी सेंगा ने घटना की सूचना पुलिस को दी। उसके 3 बच्चे हैं।

जानकारी के मुताबिक, पेंटा गांव के पुजारीपारा निवासी सहायक आरक्षक वेट्‌टी भीमा SIB (स्पेशल इंवेस्टीगेशन ब्रांच) में पदस्थ था और उसकी ड्यूटी दोरनापाल थाने में थी। वह रात करीब 9 बजे घर में ही सो रहा था। इसी दौरान 5-6 नक्सली दरवाजा तोड़कर अंदर घुस आए और उसे जगाने लगे। इसी बीच वेट्‌टी भीमा खिड़की से कूदकर भागने लगा, लेकिन बाहर पहले से मौजूद नक्सलियों ने उसे घेरकर पकड़ लिया।

जवान को पेड़ के नीचे लेकर गए और डंडे से पीटने के बाद हत्या कर दी
इसके बाद जवान को नक्सली घर से कुछ दूरी पर एक पेड़ के नीचे लेकर पहुंचे। वहां डंडों से बुरी तरह पीटने के बाद धारदार हथियार से गोदकर हत्या कर दी। इस दौरान वेट्‌टी भीमा की पत्नी वेट्‌टी सेंगा ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस के साथ ही CRPF 150वीं बटालियन के जवान मौके पर पहुंच गए, लेकिन इससे पहले ही नक्सली उसे मारकर भाग चुके थे। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।

जवान को नक्सली घर से कुछ दूरी पर एक पेड़ के नीचे लेकर पहुंचे। वहां डंडों से बुरी तरह पीटने के बाद धारदार हथियार से गोदकर हत्या कर दी।
जवान को नक्सली घर से कुछ दूरी पर एक पेड़ के नीचे लेकर पहुंचे। वहां डंडों से बुरी तरह पीटने के बाद धारदार हथियार से गोदकर हत्या कर दी।

मारा किसने पता नहीं, पर नक्सली वारदात की आशंका
सूचना मिलने के बाद हम लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन उससे पहले ही जवान को मारा जा चुका था। मौके से किसी तरह का नक्सली पर्चा बरामद नहीं हुआ है। हालांकि जिस तरह से मारा गया है, उससे नक्सली वारदात होने से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल जांच की जा रही है।
- अखिलेश कौशिक, SDOP, दोरनापाल, सुकमा

एक महीने में जवानों की हत्या का तीसरा मामला

पिछले एक महीने में पुलिस जवानों पर हमले का ये तीसरा मामला है। इससे पहले 15 अप्रैल को नक्सलियों ने सुकमा जिले के भेज्जी थाने से सिर्फ आधा किलोमीटर दूर पुलिस के दो जवानों की जबकि 24 अप्रैल को बीजापुर में अगवा किए गए DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप ) के SI मुरली ताती की हत्या कर दी थी।

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