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दूसरों को बचाते-बचाते खुद हार गई जिंदगी:लोगों को वैक्सीन लगाते हुए संक्रमित हो गई नर्स, ECTC में बेड तक नहीं मिला; 4 दिन बाद जब मिला, तब सांसें टूट गईं

​​​​​​​जांजगीर9 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ में कोरोना वॉरियर अपनी जिंदगी की जंग लगातार हार रहे हैं। कभी सिस्टम, तो कभी लापरवाही उनकी जान ले रही है। जांजगीर में एक नर्स वैक्सीनेशन के दौरान संक्रमित हो गई। ऑक्सीजन लेवल कम होने पर परिजन ECTC (एक्सक्लूसिव कोविड ट्रीटमेंट सेंटर) ले गए, वहां बेड ही नहीं मिला। मजबूरी में महुदा कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया। तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो फिर 4 दिन बाद ECTC लेकर पहुंचे। इस बार उन्हें बेड तो मिला, पर सांसे टूट चुकी थीं।

बलौदा ब्लॉक के देवरहा पिसौद गांव निवासी नर्स द्रोपदी तिवारी (61) ग्राम जर्वे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ थीं। उनकी ड्यूटी विभाग की ओर से वैक्सीनेशन में लगी थी। हेल्थ वर्कर होने के कारण वैक्सीन की एक डोज उन्हें 25 दिन पहले लग चुकी थी। दूसरी डोज उन्होंने 16 अप्रैल को लगवाई थी। इस दौरान सेंटर में आने वालों को वैक्सीनेशन कर रही थीं। इसी बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई। कोरोना के लक्षण होने के कारण वह होम आइसोलेशन में चली गईं और टेस्ट कराया।

कोविड केयर सेंटर में तबीयत ज्यादा बिगड़ गई

BPM पार्थ सिंह के अनुसार, नर्स द्रौपदी तिवारी की रिपोर्ट 24 अप्रैल को पॉजिटिव आई थी। इस बीच तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए ECTC लेकर आए, लेकिन बेड खाली नहीं होने के कारण भर्ती नहीं किया जा सका। इसके बाद उन्हें फिर से महुदा के कोविड केयर सेंटर भेज दिया गया। वहां उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। इसके बाद 28 अप्रैल को फिर ECTC भेजा गया, लेकिन वहां पर उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

जब इलाज के लिए ECTC लाए, तब ऑक्सीजन सेचुरेशन 40 था
जब नर्स को अस्पताल लाया गया तो उनका ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल 40 था। गंभीर स्थिति में भर्ती करने के बाद इलाज शुरू होने पर ऑक्सीजन लेवल 65-70 तक पहुंच गया था। इसके बाद उन्हें ECTC में इलाज के भर्ती किया गया था। जहां उनकी मौत हो गई है।
- डॉ. रामायण सिंह, कोविड केयर सेंटर महुदा

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