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कागजों में नाली बनाने वाले नपा अध्यक्ष के घर छापा:मुंगेली में नेता-अधिकारियों ने मिलकर किया था कारनामा, FIR के बाद से फरार हैं सभी आरोपी; 13 लाख रुपए का घोटाला आया था सामने

मुंगेली6 महीने पहले
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पुलिस ने नगर पालिक अध्यक्ष संतुलाल सोनकर के घर पर सोमवार सुबह दबिश दी है। - Dainik Bhaskar
पुलिस ने नगर पालिक अध्यक्ष संतुलाल सोनकर के घर पर सोमवार सुबह दबिश दी है।

मुंगेली में कागजों में नाली बनाने के मामले में पुलिस की जांच अब तेज हो गई है। मामले में फरार चल रहे सभी 6 आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस ने सोमवार सुबह आरोपी नगर पालिका अध्यक्ष संतुलाल सोनकर के घर में दबिश दी है। पुलिस ने सोनकर के परिजन से पूछताछ की। साथ ही अन्य आरोपियों का भी पुलिस पता लगा रही है। ये मामला कागजों में नाली निर्माण कर 13 लाख रुपए के भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। सभी आरोपी FIR दर्ज होने के बाद से फरार हैं।

इस भ्रष्टाचार के मामले में कलेक्टर ने 20 जुलाई को नगर पालिका अध्यक्ष संतुलाल सोनकर, तत्कालीन CMO विकास पाटले, तत्कालीन सब इंजीनियर जोएस तिग्गा, तत्कालीन सहायक राजस्व निरीक्षक सियाराम साहू, लेखापाल आनंद निषाद और सोफिया कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार वसीम खान के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से ही सभी आरोपी फरार चल रहे हैं। इधर, जिले के एसपी डीआर. आंचला ने कहा है कि मामले में जो भी आरोपी हैं हम उनका पता लगा रहे हैं। इन सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर लिया जाएगा।

संतुलाल सोनकर अभी फरार चल रहे हैं।
संतुलाल सोनकर अभी फरार चल रहे हैं।

ये है पूरा मामला
मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र के परमहंस वार्ड में नाली निर्माण किया जाना था। इसके लिए सोफिया कंस्ट्रक्शन को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। बाद में इस मामले में यह बात सामने आई कि ठेकेदार ने तो सिर्फ कागजों में ही नाली निर्माण किया है। इतना ही नहीं यह भी पता चला कि नाली निर्माण में नगर पालिका से 13 लाख रुपए भी ले लिए गए। इसमें जो चौंकाने वाली बात सामने आई कि ठेकेदार को नगर पालिका कार्यालय से जो चेक जारी किया गया था, उसमें तत्कालीन प्रभारी CMO विकास पाटले और नगर पालिका अध्यक्ष संतुलाल सोनकर के हस्ताक्षर थे।

ये तस्वीर शहर के परमहंस वार्ड की है। यहां आज भी नाली निर्माण नहीं हो सका है।
ये तस्वीर शहर के परमहंस वार्ड की है। यहां आज भी नाली निर्माण नहीं हो सका है।

कारण बताओ नोटिस जारी हुआ
इस भ्रष्टाचार की शिकायत कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर अजीत वसन्त से की थी। इस पर कलेक्टर ने मुंगेली SDM के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित कर इस मामले की जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। जांच रिपोर्ट के बाद सभी आरोपियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी हुआ था, लेकिन कोई भी आरोपी उचित जवाब नहीं दे पाया था। इसके बाद इन सभी के खिलाफ कलेक्टर ने मामला दर्ज करवाने के निर्देश दिए थे।

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4 अधिकारियों पर गिरी थी गाज
इस मामले में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया से भी शिकायत हुई थी। इस पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने भी प्रथम दृष्टया अनियमित भुगतान के लिए जिम्मेदार दिख रहे चार अधिकारियों-कर्मचारियों के निलंबन का आदेश जारी कर दिया था। विभाग ने मुंगेली के तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी विकास पाटले, उप अभियंता जोयस तिग्गा, लेखापाल आनंद निषाद और सहायक राजस्व निरीक्षक सियाराम साहू को निलंबित किया था।

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