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सरकारी उड़न खटोले का शीशा चटखा:तकनीकी खराबी की वजह से टेकऑफ नहीं कर पाया हैलीकॉप्टर, सड़क के रास्ते अंबिकापुर लौटे मंत्री टीएस सिंहदेव

सूरजपुर14 दिन पहले
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सिंहदेव अक्सर सूरजपुर, सरगुजा इलाके का दौरा सरकारी हैलीकॉप्टर से करते रहे हैं। फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
सिंहदेव अक्सर सूरजपुर, सरगुजा इलाके का दौरा सरकारी हैलीकॉप्टर से करते रहे हैं। फाइल फोटो।

रविवार की दोपहर सूरजपुर पहुंचे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव जैसे ही लौटने लगे हैलीकॉप्टर में दिक्कत आ गई। सूत्रों से जानकारी मिली की सरकारी हैलीकॉप्टर का शीशा चटक गया था, ऐसे में टेकऑफ करना रिस्की हो सकता था। लिहाजा पायलट ने उड़ान भरने से इंकार कर दिया। हालांकि प्रशासनिक अफसरों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि हैलीकॉप्टर में दिक्कत किस तरह आई थी। कुछ ही देर में सिंहदेव के लिए गाड़ियों का बंदोबस्त किया गया, वो सड़क के रास्ते ही अंबिकापुर के लिए लौटे।

धरसेड़ी आए थे मजदूरों से मिलने
सूरजपुर जिले के ओड़गी ब्लॉक के धरसेड़ी गांव में शनिवार को एक हादसा हो गया। शाम के वक्त यहां बन रहे कुएं की मिट्‌टी धसकने से अंदर तीन मजदूर फंस गए। करीब 24 घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद भी तीनों को नहीं बचाया जा सका। इस हादसे का जायजा लेने और ग्रामीणों से मिलने टीएस सिंहदेव पहुंचे थे। यहां से जब मंत्री सिंहदेव लौटने लगे उसी वक्त हैलीकॉप्टर में दिक्कत आई।

मुख्यमंत्री ने किया सिंहदेव को फोन, अब घटना की जांच होगी

देर शाम सरकार की तरफ से इस घटना पर प्रतिक्रिया आई। ये बताया गया कि सूरजपुर जिले के भैयाथान में लैंडिग के दौरान हेलीकॉप्टर का शीशा टूटा। इसलिए दोबारा टेकऑफ नहीं हो पाया है। अब इस घटना की जांच के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना की जानकारी मिलते ही मंत्री टी.एस. सिंहदेव से फोन पर बात की। अब राज्य सरकार ने हेलीकॉप्टर के चीफ पायलट और विमानन विभाग के अतिरिक्त संचालक को इस पूरी घटना के हर पहलु की जांच कर अपनी रिपोर्ट देने कहा है।

मिट्टी में दबकर तीन मजदूरों की मौत

शनिवार को हुए हादसे में एक मजदूर का शव रविवार सुबह 6 बजे तो दूसरे का दोपहर करीब 3 बजे मिला। वहीं शाम करीब 6:30 बजे तीसरे का भी शव बरामद कर लिया गया। सूचना के बाद घटनास्थल पर जिला प्रशासन की 3 JCB राहत कार्य में जुटी थी। हादसे के वक्त कुएं में 6 मजदूर काम कर रहे थे। मिट्टी धंसने के बाद तीन ने तो जैसे-तैसे खुद को बचा लिया। मगर बाकी के तीन अंदर ही फंस गए। सिंहदेव ने श्रमिकों के परिवारों को सरकार की तरफ से हर मुमकिन मदद देने का वादा किया है। इस मामले में अब सूरजपुर कलेक्टर को तीनों मृतक श्रमिकों के परिजन को 5.25 -5.25 लाख रुपए की आर्थिक देने को कहा गया है।

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