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छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ सकता है लॉकडाउन:22 दिन की सख्ती के बावजूद एक दिन में मिले करीब 15 हजार कोरोना पॉजिटिव, 3 मई को प्रभारी मंत्री करेंगे हालात की समीक्षा

रायपुर5 महीने पहले
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यह तस्वीर रायपुर स्थित डूमरतराई थोक सब्जी मंडी में रात 11 बजे की है। - Dainik Bhaskar
यह तस्वीर रायपुर स्थित डूमरतराई थोक सब्जी मंडी में रात 11 बजे की है।

करीब 1 लाख 19 हजार एक्टिव कोरोना मरीज और 8 हजार 581 मौतों से थर्राया छत्तीसगढ़ इस महामारी से बचने के सारे उपाय कर रहा है। इसके लिए प्रदेश में सिर्फ अप्रैल में ही दो बार लॉकडाउन बढ़ाया जा चुका है और इसे तीसरी बार भी बढ़ाने की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि सीएम हाउस से जिलों के प्रभारी मंत्रियों से कहा गया है कि वे कलेक्टर से लगातार चर्चा करें, जिलों के हालात की समीक्षा करें और जहां जरूरी है वहां लॉकडाउन बढ़ाने का निर्णय लें। माना जा रहा है कि सरकार 3 मई को लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला कर सकती है।

22 के लॉकडाउन के बाद मिले करीब 15 हजार संक्रमित

छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में जरूर मरीज कम हुए हैं, लेकिन बाकी जिलों में हालात नहीं संभल रहे हैं। 30 अप्रैल को 22 दिन के लॉकडाउन के बाद भी प्रदेश में 14 हजार 994 मरीज मिले हैं। 200 से अधिक मौतें भी हुई हैं। प्रदेश में अभी भी कोरोना मरीजों के लिए पर्याप्त बिस्तर, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर नहीं हैं। अस्पताल के बाहर दाखिले का इंतजार करते मरीजों की भीड़ बनी हुई है। लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला सरकार को इसलिए भी लेना पड़ेगा, क्योंकि इस समय कोरोना का हॉटस्पॉट गांव व छोटे जिले हो रहे हैं।

छोटे जिलों में भी तेजी से बढ़ रहे मरीज

कांकेर, जशपुर, कोरिया, महासमुंद जैसे छोटे-छोटे जिलों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है और आंकड़े रोज 500 के पार जा रहे हैं, जबकि यहां टेस्टिंग अभी उस रफ्तार से हो नहीं रही है। यहां मौतों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे तकरीबन सभी छोटे जिलों में मरीज बढ़ रहे हैं और वहां पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं है, लिहाजा इस स्थिति को कंट्रोल करने के लिए सरकार को एक और लॉकडाउन लगाना ही होगा। सूत्रों के मुताबिक, 3 मई को मुख्यमंत्री कलेक्टर्स को फिर कह सकते हैं कि वे अपने जिलों के हालात को देखते हुए फैसला लें। ऐसे में कहा जा रहा है कि अधिकांश जिलों में 15 तारीख तक लॉकडाउन बढ़ाया जा सकता है।

इससे पहले दो बार बढ़ चुका लॉकडाउन

प्रदेश में मार्च के अंतिम सप्ताह और अप्रैल में कोरोना मरीजों की संख्या और उससे होने वाली मौतों ने सरकार को मजबूर कर दिया कि वह पूर्ण लॉकडाउन लगाए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी जिलों के कलेक्टर को अधिकार दिए कि वे अपने जिलों में लॉकडाउन का निर्णय ले सकते हैं। इसके बाद तकरीबन सभी जिलों में पहला लॉकडाउन 9 अप्रैल से 19 अप्रैल तक का लगाया गया। उम्मीद थी कि 10 दिन में हालात सुधरेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जब मरीजों की संख्या और मौतों की संख्या लगातार बढ़ने लगी तो सरकार ने लॉकडाउन 26 अप्रैल तक बढ़ा दिया, लेकिन इस समय तक मरीजों की संख्या 17 हजार रोज तक पहुंच गई थी और मौत 250 के पार। ऐसे में सरकार ने दूसरी बार लॉकडाउन बढ़ाया और 5 मई तक सब बंद रखने की घोषणा कर दी।

जानिए कैसे बढ़े केस?

2021 में 15 मार्च तक कोरोना के केस कंट्रोल में थे। 16 मार्च को अचानक 856 पॉजिटिव मरीज मिले। 11 जनवरी के 62 दिन बाद इतने अधिक केस मिले थे। सिर्फ रायपुर में 306 मरीज मिले थे और पूरे प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 4 हजार 661 पर जा पहुंची थी। इसके बाद तो प्रदेश में कोरोना विस्फोट जारी रहा। 18 मार्च को यह आंकड़ा 1 हजार पार गया। 24 मार्च को केसेस 2 हजार से ज्यादा हो गए तो 31 को नए पॉजिटिव केसेस 4 हजार 563 पर पहुंच ग्ए। अप्रैल में तो इस महामारी ने हाहाकार मचा दिया। 7 अप्रैल से प्रदेश में 10 हजार से ज्यादा केसेस मिलने शुरू हुए तो यह 30 अप्रैल तक जारी हैं। इसी माह 23 तारीख को प्रदेश में एक दिन में सबसे ज्यादा 17 हजार 397 पॉजिटिव मरीज मिले। अभी भी कोरोना मरीजों की रफ्तार घटी नहीं है। कल ही करीब 15 हजार मरीज मिले हैं, लिहाजा लॉकडाउन बढ़ना तय लगता है।