• Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Sexual Abuse Of Children In Samarth Divyang Kendra Jashpur; Two Employees Sexually Abused Girls Children At Samarth Divyang Center In Chhattisgarh Jashpur

दिव्यांग केंद्र में बच्ची से रेप:जशपुर में नशे में धुत दो कर्मचारियों ने कई बच्चों के कपड़े फाड़े, नग्न मूक-बधिर बच्चे जान बचाने भागते रहे; अधीक्षक निलंबित, जिला समन्वयक को नोटिस

जशपुर8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
एडिशनल SP प्रतिभा पांडेय ने बताया कि अभी तक एक दिव्यांग बच्ची से दुष्कर्म और 5 छात्राओं से छेड़छाड़ की घटना का पता चला है। - Dainik Bhaskar
एडिशनल SP प्रतिभा पांडेय ने बताया कि अभी तक एक दिव्यांग बच्ची से दुष्कर्म और 5 छात्राओं से छेड़छाड़ की घटना का पता चला है।

छत्तीसगढ़ में शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जशपुर स्थित समर्थ दिव्यांग केंद्र में नशे में धुत केयर टेकर और चौकीदार ने बच्चों से मारपीट और अश्लील हरकतें की। उनके कपड़े फाड़ दिए। बच्चे जान बचाने के लिए नग्न हालत में कैंपस में भागते रहे। चौकीदार ने 15 साल की एक बच्ची से दुष्कर्म किया। जबकि 5 बच्चियों से यौन उत्पीड़न की शिकायत भी सामने आई है। घटना 3 दिन पुरानी है। बच्चियों के परिजन उनसे मिलने पहुंचे तो इसका पता चला। वहीं महिला आयोग ने भी दैनिक भास्कर की खबर को संज्ञान में लिया है।

इस दिव्यांग केंद्र का संचालन खनिज न्यास मद के तहत राजीव गांधी शिक्षा मिशन की ओर से किया जाता है। घटना 22 सितंबर देर रात की है। बताया जा रहा है कि घटना वाली रात हॉस्टल अधीक्षक वहां नहीं थे। बच्चों की जिम्मेदारी यहां के केयर टेकर राजेश राम और चौकीदार नरेंद्र भगत पर थी। दोनों रात करीब 11 बजे शराब के नशे में धुत होकर केंद्र में पहुंचे। वहां शोर मचाया और सो रहे बच्चों को जगा दिया। हॉस्टल में 22 बच्चे और 12 बच्चियां रहती हैं। इनमें से कोई भी बोल और सुन नहीं सकता है।

इस मामले में कलेक्टर ने केंद्र के अधीक्षक संजय राम को निलंबित कर दिया और राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला समन्वयक विनोद पैंकरा को शोकाज नोटिस जारी किया गया है।

कुछ बच्चों को उठाकर नाली में फेंका
आरोपियों ने बच्चों से मारपीट शुरू कर दी। कुछ बच्चियों के कपड़े फाड़ दिए। किसी तरह से बचकर भाग रहे बच्चों को उठाकर हॉस्टल कैंपस की नाली में फेंक दिया। इस दौरान हॉस्टल की स्वीपर कुमारी बाई बीचबचाव करने आई तो आरोपियों ने उसे बाथरूम में बंद कर दिया। वह किसी तरह से बाहर निकली और फोन कर हॉस्टल अधीक्षक संजय राम को सूचना दी। इस पर वह रात में ही केंद्र पहुंच गए और कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया

रात को ही शिक्षकों को बुलाया गया
बच्चों के साथ क्या-क्या हुआ है, इसे पता करने के लिए हॉस्टल अधीक्षक ने रात में ही साइन लैंग्वेज के शिक्षकों को बुलाया। बच्चों ने साइन लैंग्वेज में केयर टेकर और चौकीदार की करतूतों का खुलासा किया। इसके बाद हॉस्टल अधीक्षक ने घटना की सूचना विभाग में दी। विभाग ने केयर टेकर राजेश राम और चौकीदार नरेन्द्र भगत को पद से हटा दिया है। इसके बाद भी घटना पर पर्दा डालने का प्रयास किया गया।

दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया।
दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया।

आरोपियों को जेल भेजा
दिव्यांग केंद्र में साइन लैंग्वेज समझने के लिए टीचर या कर्मचारी नहीं हैं। ऐसे में इंटरप्रेटर की मदद से बच्चियों से जानकारी ली जाएगी। कलेक्टर महादेव कावरे ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। एडिशनल SP प्रतिभा पांडेय ने बताया कि अभी तक एक दिव्यांग बच्ची से दुष्कर्म और 5 छात्राओं से छेड़छाड़ की घटना का पता चला है। पूछताछ के बाद शनिवार को दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। DEO सत्यनारायण पांडा का कहना है कि वह रायपुर में हैं। घटना की जानकारी उनको मिली है। शिक्षकों की स्थिति वहां क्या थी, यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा। मुझे गए हुए अभी 4 दिन ही हुए हैं।

महिला आयोग बोला- मामला गंभीर, कार्रवाई करेंगे

दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद राज्य महिला आयोग भी एक्शन में आ गया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि घटना को स्वत: संज्ञान में लिया जा रहा है। अधिकारियों को दैनिक भास्कर की रिपोर्ट भेजी गई है। जल्दी ही कार्रवाई के लिए नोटशीट चला दी जाएगी। उन्होंने कहा, घटना गंभीर है। महिला आयोग इस पर कड़ी कार्रवाई करेगा।

राज्य में न तंत्र और न प्रशासन काम कर रहा

इस घटना के बाद प्रदेश में सियासत भी गरमाने लगी है। भाजपा और कांग्रेस दोनों एक-दूसरे पर घटना के लिए आक्षेप लगा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जशपुर की घटना शर्मनाक है। इस राज्य में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों को ऐसा सामना करना पड़ रहा है। ऐसा लगता है कि छत्तीसगढ़ में न तंत्र काम कर रहा है न प्रशासन काम कर रहा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि बोलने और सुनने में असमर्थ दिव्यांग बच्चों के साथ हृदय विदारक घटना घट जाती हैं। घटना 22 सितंबर की रात की बताई जा रही हैं। यानी 3 दिनों से घटना को दबाने का प्रयास किया जा रहा था, यह शर्मनाक है। इस अमानवीय घटना की न्यायिक जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

भाजपा की सरकार में ऐसे लोग पुरस्कृत होते थे

कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने भी जशपुर की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कहा कि ऐसी घटनाओं को रोके जाने के लिए संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को समय-समय पर छात्रावासों की जांच करनी चाहिए। आवश्यकता हुई तो वरिष्ठ अधिकारियों से भी सवाल पूछे जाएंगे। भाजपा के 15 साल के कार्यकाल में ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों को पुरस्कृत किया जाता था। कांग्रेस की सरकार में घटना उजागर होते ही तत्काल कड़ी से कड़ी कार्रवाई की गई है।

कलेक्टर महादेव कावरा ने आवासीय प्रशिक्षण केंद्र के अधीक्षक संजय राम को निलंबित कर दिया है। वहीं राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला समन्वयक विनोद पैंकरा को भी शोकाज नोटिस जारी किया गया है।

खबरें और भी हैं...