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कॉल सेंटर में तैनात 14 टीचर को कोरोना:​​​​​​​कवर्धा के आइसोलेशन सेंटर में ड्यूटी कर रहे शिक्षक पॉजिटिव मिले, इसे बंद करने और वर्क फ्राम होम की मांग को लेकर हंगामा

​​​​​​​कवर्धा5 महीने पहले
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कवर्धा में बनाए गए आइसोलेशन कॉल सेंटर में ड्यूटी कर रहे 14 टीचर पॉजिटिव मिले हैं। अब सेंटर बंद करने की मांग को लेकर हंगामा हो गया है। शिक्षक घर में रहकर ही ड्यूटी करना चाहते हैं। - Dainik Bhaskar
कवर्धा में बनाए गए आइसोलेशन कॉल सेंटर में ड्यूटी कर रहे 14 टीचर पॉजिटिव मिले हैं। अब सेंटर बंद करने की मांग को लेकर हंगामा हो गया है। शिक्षक घर में रहकर ही ड्यूटी करना चाहते हैं।

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं। फिर भी हालत चिंताजनक है। बावजूद इसके प्रशासनिक सिस्टम में संक्रमण लग गया है। कवर्धा में बनाए गए आइसोलेशन कॉल सेंटर में ड्यूटी कर रहे 14 टीचर पॉजिटिव मिले हैं। अब सेंटर बंद करने की मांग को लेकर हंगामा हो गया है। शिक्षक घर में रहकर ही ड्यूटी करना चाहते हैं। उनका यह भी कहना है कि उन्हें गलत लिस्ट दी गई है। उसमें कई मरीज ठीक हो चुके हैं, तो कुछ की मौत हो गई है।

दरअसल, शहर के यूथ क्लब में आइसोलेशन कॉल सेंटर बनाया गया है। यहां से होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमित मरीजों को सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इसके लिए सेंटर में 200 से अधिक टीचर की ड्यूटी लगाई गई है। यह टीचर तीन अलग-अलग शिफ्ट में काम कर रहे हैं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम इनकी जांच करने के लिए पहुंची और 48 टीचरों के सैंपल लिए गए। इनमें से 14 टीचर्स की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक की ओर से जारी पत्र के अनुसार 26 अप्रैल की स्थिति में दुर्ग संभाग के 125 शिक्षक और कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। इसमें 27 तो कवर्धा जिले में ही हैं।
शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक की ओर से जारी पत्र के अनुसार 26 अप्रैल की स्थिति में दुर्ग संभाग के 125 शिक्षक और कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। इसमें 27 तो कवर्धा जिले में ही हैं।

शिक्षक सेंटर बंद करने की मांग पर अड़े, प्रदर्शन किया
टीचरों के संक्रमित मिलने के बाद से ही हंगामा शुरू हो गया है। टीचर इस सेंटर को बंद करने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर रविवार सुबह भी सेंटर के बाहर एकत्र हो गए और प्रदर्शन किया। वहीं छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन ने भी कलेक्टर, नोडल अधिकारी और शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है। उनका कहना है कि काम पर बुलाने की जगह वर्क फ्रॉम होम हो। जो टीचर और कर्मचारी संक्रमित मिले हैं, उन्हें कार्यमुक्त कर आइसोलेट किया जाए।

कोरोना संक्रमित के सूची में गलतियां ही गलतियां
कॉल सेंटर में ड्यूटी कर रहे शिक्षकों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जो संक्रमित मरीजों की सूची उन्हें सौंपी गई है, उसमें बहुत सारी गलतियां हैं। लिस्ट में कई नाम 20 दिन से अधिक पुराने है। लिस्ट में दिए नंबरों पर कॉल करते हैं, तो पता चलता है कि मरीज स्वस्थ हो चुका है और 14 से 17 दिन का आइसोलेशन पीरियड भी पूरा कर लिया है। कई ऐसे मामले भी आए हैं, जिनमें कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है।

छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन ने भी कलेक्टर, नोडल अधिकारी और शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है। उनका कहना है कि काम पर बुलाने की जगह वर्क फ्रॉम होम हो।
छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन ने भी कलेक्टर, नोडल अधिकारी और शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है। उनका कहना है कि काम पर बुलाने की जगह वर्क फ्रॉम होम हो।

दुर्ग संभाग में 125 शिक्षक और कर्मचारियों की हो चुकी है मौत
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि टीचर वैक्सीनेशन सेंटर, कांटेक्ट ट्रेसिंग, कोरोना टेस्टिंग सेंटर, बॉर्डर चेक पोस्ट, होम आइसोलेट मरीजों के घर मे दवाएं, कोरोना सर्वे जैसे काम कर रहे हैं। इसके बाद भी शिक्षको को फ्रंटलाइन वर्कर नहीं माना। न ही बीमा कवर दिया गया है। शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक की ओर से जारी पत्र के अनुसार 26 अप्रैल की स्थिति में दुर्ग संभाग के 125 शिक्षक और कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। इसमें 27 तो कवर्धा जिले में ही हैं।

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