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BSP के मरोदा जलाशय में पानी की कमी:प्रबंधन ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर की जल्द पर्याप्त जलापूर्ति की मांग, समय पर पानी नहीं मिला तो करना पड़ सकता है भारी जल संकट का सामना

भिलाई19 दिन पहले
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यदि समय पर पानी नहीं मिला तो लोगोंं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा प्लांट के उत्पादन इकाईयां भी प्रभावित हो सकती हैं। - Dainik Bhaskar
यदि समय पर पानी नहीं मिला तो लोगोंं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा प्लांट के उत्पादन इकाईयां भी प्रभावित हो सकती हैं।

भिलाई टाउनशिप क्षेत्र में रहने वाले लोगों को आने वाले समय में पानी की भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस बात की जानकारी खुद भिलाई स्टील प्लांट(BSP) प्रबंधन ने दी है और राज्य सरकार को पत्र भी लिखा है। प्रबंधन ने बताया है कि राज्य सरकार के द्वारा BSP के लिए कम पानी छोड़ जाने की वजह से मरोदा जलाशय का जल स्तर कम हो गया है। इसके अलावा प्रबंधन ने बताया है कि जल स्तर कम होने से प्लांट के उत्पादन इकाईयों के प्रभावित होने की संभावना है। वहीं, टाउनशिप की जलापूर्ति पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। प्रबंधन ने पत्र के जरिए जल्द पानी की पर्याप्त आपूर्ति करने की मांग की है।

सिर्फ 21 दिनों के लिए ही बचा पानी

प्रबंधन ने राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग को लिखे अपने पत्र में बताया है कि मरोदा-2 जलाशय में 12 जुलाई, 2021 को प्लांट (पेयजल और औद्योगिक जल) के लिए पानी की उपलब्धता करीब 21 दिनों के लिए ही रह गई है। पत्र में प्रबंधन ने कहा है कि पहले भी मरोदा-2 जलाशय में पानी भराव की दर 80 सेमी (500 क्यूसेक) की दर से करने की मांग की गई थी। लेकिन अभी जलाशय में 141 क्यूसेक की दर से ही पानी आपूर्ति हो रही है। जिसके चलते पर्याप्त पानी का भराव नहीं हो रहा है और जल स्तर में भी तेजी से गिरावट आ रही है। इधर, प्रबंधन ने पत्र के माध्यम से लोगों को भी अलर्ट किया है।

BSP के अधिकारी फिल्टर प्लांट का निरीक्षण करते हुए।
BSP के अधिकारी फिल्टर प्लांट का निरीक्षण करते हुए।

गंदी पानी भेजा गया

दरअसल, मरोदा जलाशय में जल स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसकी अलग-अलग वजह भी सामने आ चुकी है। अब जल सत्र कम होनी की वजह से पानी भी गंदा और दूषित होने लगा है। इसके पहले इस जलाशय में तांदुला से दूषित पानी भेज दिया गया था। जिसके कारण भी इस जलाशय का पानी गंदा हो गया था। तब लोगों को गंदे पानी की वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।

पहले भी लिखा था पत्र

इसके बाद प्रबंधन ने खरखरा व गंगरेल से 500 क्यूसेक की दर से साफ पानी की आपूर्ति करने की मांग थी। प्रबंधन ने जलापूर्ती के लिए राज्य सरकार से लेकर दुर्ग कलेक्टर तक को पत्र भी लिखा था, लेकिन बात अब तक नहीं बन सकी है। मरोदा जलाशय का जल स्तर बढ़ाने प्रबंधन ने इसके पहले 31 मई 2021,15 जून 2021, 23 जून 2021 और 07 जुलाई 2021 को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी थी। इसके बावजूद अब तक किसी ने इस मसले पर ध्यान नहीं दिया है। जिसके चलते इस इलाके में एक बार यहां के लोगों के पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।

पानी की कमी नहीं होने देंगे

वहीं इस मामले को लेकर दुर्ग जल संसाधन विभाग के SE समीर ने बताया कि BSP को पानी की कमी नहीं होने दी जाएगी। हम लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैँ। किसी प्रकार से कोई गड़बड़ी नहीं होगी, BSP को पानी की कमी होने नहीं देंगे।

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