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बड़ी परेशानी:एजिथ्रोमाइसिन, जिंक और विटामिन-सी का स्टॉक खत्म

चांपा2 महीने पहले
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  • एनकेएच कोविड अस्पताल का मेडिकल वेस्ट मोहल्लों में फेंक रहे, बीडीएम में महिलाओं को भी भीड़ में खड़ा कर ले रहे सैंपल

नगर में कोविड संक्रमण से लोग पहले ही डरे हुए हैं। ऐसे में कोरोना का इलाज कर रहे निजी अस्पतालों से मेडिकल वेस्ट आवासीय घरों के सामने फेंकने से संक्रमण का डर बढ़ने लगा है। तो दूसरी तरफ बिसाहू दास महंत अस्पताल में कोविड जांच के लिए भीड़ के बीच गर्भवती महिलाओं को भी खड़ा किया जा रहा है।

अस्पताल टेक्नीशियन से लेकर जरूरी दवाओं का अभाव तक लंबे समय से बना हुआ है। वहीं बीडीएम अस्पताल में जरूरी दवा एजिथ्रोमाइसिन, जिंक और विटामिन-डी दवा का स्टॉक खत्म हो गया है। कोविड पॉजीटिव मरीजों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है। नगर के गौरव पथ स्थित रिहायशी इलाके के बीच संचालित एन केएच अस्पताल में कोविड संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। जहां से मेडिकल वेस्ट जहां-तहां अस्पताल प्रबंधन फेंक रहा है। बुधवार को अस्पताल में कर्मचारियों द्वारा इस्तेमाल किया हुआ पीपीई किट, संजय माखीजा के घर के सामने पड़ा हुआ मिला।

पीपीई कीट पड़ा देखने के बाद लोगों ने संक्रमण के डर से उसे हटाया तक नहीं। रात तक किट मौके पर पड़ा रहा। वहीं दूसरी तरफ नगर समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण लोगों कोविड जांच कराने वालों की भीड़ बीडीएम अस्पताल में बढ़ती जा रही है। अस्पताल में कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण गर्भवती व नन्हें बच्चों के साथ अस्पताल पहुंचने वालों को भी भीड़ में खड़ा कर सैंपल लिया जा रहा है। कतार में खड़े लोग सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में यदि कोरोना पॉजीटिव मरीजों के संपर्क में आने से गर्भवती महिलाओं के साथ नन्हें बच्चों भी संक्रमित हो सकते हैं। कोविड जांच केंद्रों की संख्या कम, इसलिए जुट रही भीड़ - नगर व आसपास के ग्रामीण इलाकों में कोविड जांच केंद्रों की संख्या सीमित होने के कारण लोग जांच के लिए बीडीएम पहुंच रहे हैं। यहां एक ही काउंटर पर जांच की जा रही है।

कोरोना मेडिसिन किट बाहर से खरीदने की दे रहे हैं सलाह
बीडीएम अस्पताल में एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन, जिंक, विटामिन सी की टेबलेट खत्म हो गई है। जांच के दौरान पॉजिटिव आने वाले मरीजों को दवा की निशुल्क किट दी जानी है, लेकिन यह तीनों महत्वपूर्ण दवा नहीं होने के कारण लोगों को मेडिकल से खरीदने की सलाह देकर भेजा जा रहा है।

अभी दो दिन और लगेंगे दवा आने में
अस्पताल में एजिथ्रोमाइसिन, जिंक और विटामिन सी की कमी है। इसकी मांग सीजीएमएससी और सीएमएचओ से की गई है। लेकिन अभी दवा मिल नहीं रही, दो दिन और लगेंगे। अस्पताल में अन्य स्थान नहीं होने के कारण अभी टेस्टिंग एक ही जगह पर की जा रही है। एसडीएम से चर्चा कर दूसरी जगह तलाशी जा रहा है। स्टाफ की भी कमी होने के कारण थोड़ी दिक्कत हो रही है।''
डॉ. मनीष श्रीवास्तव, प्रभारी बीडीएम, चांपा

​​​​​​​हम वैन आने पर ही देते हैं कचरा
अस्पताल प्रबंधन सुरक्षा मापदंडों का ख्याल रखते हुए मरीजों का उपचार कर रहा है। अस्पताल में सभी वेस्ट सील बंद पैकेट में रोज दोपहर 12 बजे बिलासपुर से आने वाली वैन को दिया जाता है। इसके अलावा तीन बार हम गली व सड़क को सैनिटाइज करा रहे हैं, यदि इसके बाद भी कहीं कोई चूक हो रही है, मैं दिखवाता हूं।''
डॉ रितेश डोढ़के, एन केएच अस्पताल चांपा

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