अच्छी खबर:माधोपाली का स्टाप डेम छलका, खेतों में लगी सब्जी और फसल को मिलेगा पानी

दानसरा2 महीने पहले
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नवंबर माह में स्टॉप डेम में भरपूर पानी। - Dainik Bhaskar
नवंबर माह में स्टॉप डेम में भरपूर पानी।

रायगढ़ जिले के सारंगढ़ क्षेत्र के माधोपाली और बंधापाली गांव के बीच लातनाला पर एक स्टाप डेम बना है, जहां पर आसपास के ग्रामीण लोगों को रवि फसल एवं सब्जी के लिए पानी मिलता है। अक्टूबर के बाद से स्टाप डेम में पानी को स्टोर कर लिया जाता है,जो नवम्बर के आते-आते लबालब भर जाता है। खरीफ की फसल नवम्बर में कटकर तैयार हो जाती है,तो ग्रामीण रवि फसल लेने के लिए स्टॉप डेम के पानी का सिंचाई के रूप में काफी मात्रा में उपयोगकर सब्जी व गेहूं की फसल डेम के पानी की सहायता से लेते हैं।

बघनपुर के किसान अनंतराम पटेल, बोइरडीह के अजय पटेल,परमानंद पटेल, टाँगर के मुकेश यादव,संजय पटेल,प्रकाश पटेल,माधोपाली के गोपाल पटेल,मदन पटेल,भुनेश्वर पटेल,आकाश यादव, बंधापाली के भुनेश्वर पटेल एवं अन्य किसान बताते हैं कि स्टॉप डेम का पानी खरीब फसल के लिए आसपास के गांव के किसानों के लिए बहुत ही अमृत है, जो सब्जी के रूप में मटर, टमाटर, बरबट्टी, पालक,सरसों एवं गेहूं के फसल में सिंचाई के लिए उपयुक्त और बहुत ही उपयोगी है। अगर स्टॉप डेम में पानी न भरा हो तो इससे सब्जी और गेहूं की खेती की गुंजाइश नहीं कि जा सकती। टांगर के किसान बताते हैं कि गांव में लगभग 400 एकड़ में गेहूं की खेती की जाती ह। इसके अलावा सब्जी की खेती न कि मात्रा में होती है। ऐसे ही सभी अन्य 12 गांवों में अलग-अलग फसल स्टॉप डेम के पानी का उपयोग में लेकर किसान खेती करते हैं।

स्टॉप डेम के आसपास लगभग 12 गांवों के सिंचाई का लाभ
स्टॉप डेम के लबालब होने के बाद आसपास के गांव इसका लाभ लेते हैं औऱ रवि फसल तैयार करते हैं। इन गांवो के किसानो के लिए इस डेम में पानी का होना बड़ा सुकून देता है और आमदनी भी अच्छी होती है। इसका लाभ लेने वाले गांवो में माधोपाली, बंधापाली, बघनपुर, टांगर,बोइरडीह, गोण्डा, हसौद, खैरजीटी, बटाऊपाली, सालर, डोमाडीह, सेमरापाली, आदि गांव शामिल होते हैं। किसानों का कहना है कि डेम का पानी मार्च-अप्रैल तक भरा रहता है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए फसल में पानी की किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रहती। वहीं कुछ किसान ऐसे भी हैं जो छोटे सब्जी व छोटे फसल को दो बार खेती कर लाभ लेते हैं ।

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