अफसरों की अनदेखी:नगर के मुख्य जलस्राेत तालाब में छाई जलकुंभी, सरंक्षण को लेकर समाजसेवियों की मेहनत भी नहीं आ रही काम

देवरी2 महीने पहले
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नगर का तालाब खेत सा आ रहा नजर, पिछले साल भरा था लबालब पानी - Dainik Bhaskar
नगर का तालाब खेत सा आ रहा नजर, पिछले साल भरा था लबालब पानी

नगर के बीचों बीच स्थित नगर के वरिष्ठ एवं बुजुर्गों ने सैकड़ों वर्ष पूर्व नगर की पानी की समस्या न हो इसके लिए तालाब जैसे जल स्त्राेताें का निर्माण करवाया था, लेकिन इन धरोहरों को बचाने के लिए प्रशासनिक अफसर पहल नहीं कर रहे हैं, न ही समाजसेवियों की मेहनत रंग ला पा रही है।

इन दिनों तालाब के अंदर जलकुंभी आने से खेत सा नजर आने लगा है जबकि पिछले वर्ष यही तालाब में लबालब पानी भरा था। कुछ लोग तालाब के चहुंओर अतिक्रमण कर अस्तित्व खत्म करने में लगे हुए हैं तो वहीं जो समाजसेवी इसे संवारने का प्रयास करते हैं उन्हें आसपास के लोगों का सहयोग नहीं मिल पाने के कारण सफल नहीं हो पा रहे हैं। यदि प्रशासनिक अफसर तालाब को सहेजने के लिए प्रयास करे और समाज सेवियों की मदद करे तो तालाब को संवारा जा सकता है। अभी हालत यह है कि अतिक्रमण के कारण तालाब का अस्तित्व खत्म सा हो गया है, जिसमें जलकुंभी से भरा गया है। वहीं सरंक्षण के अभाव में पानी बदबू मार रहा है और संक्रमण फैलने की भी आशंका है। हालत यह है कि मवेशी पानी पीने पर बीमार हो रहे हैं। 4 महीने पहले तालाब पानी से भरा हुआ था, लेकिन जलकुंभी के कारण मांझी समाज के लोग सिंघाड़े की खेती करने में परेशान हो रहे हैं।

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