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स्वच्छता में पिछड़े:4 में 2 एसएलआरएम सेंटर 3 साल बाद भी अधूरे, नगर नहीं हो पाया कचरामुक्त

जांजगीर2 दिन पहले
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  • वार्डों की संख्या के हिसाब से संसाधन हैं कम इसलिए सर्वेक्षण में अच्छे अंक मिलने पर संशय

नगर को कचरा मुक्त करने के लिए शुरू किया गया स्वच्छता अभियान अभी तक पटरी पर नहीं आ पाया है। नगर में चार एसएलआरएम सेंटर बनाए जाने थे, इनमें से दो तो शुरू हुए लेकिन दो एसएलआरएम सेंटर अभी तक शुरू नहीं हो सके हैं। जिसके कारण नगर भर का कचरा शांति नगर के मैदान में डंप हो रहा है। इससे नगर को छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। पिछले माह आए स्वच्छ सर्वेक्षण रिपोर्ट में जिला मुख्यालय की नगर पालिका ईस्ट जाेन में चौथे नंबर पर थी। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा कराए जाने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में भी जांजगीर- नैला नगर पालिका शामिल थी। टीम को सर्वे के लिए आना था, लेकिन केंद्रीय टीम ही नहीं आई। इस टीम के द्वारा निकायों को स्वच्छता के हिसाब से रैंकिंग पाइंट दिए जाते हैं, जिसके अाधार पर निकायों को रैंकिंग स्टार मिलता है। चूंकि पिछले बार इस निकाय में टीम ही नर्ही आई इसलिए स्टार रैकिंग मुकाबले में जांजगीर- नैला नगर पालिका शामिल ही नहीं हो पाई थी। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने नए साल के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण की घोषणा कर दी है। इस वर्ष भी जिले के निकायोंे के नाम शामिल हैं। जांजगीर जिला मुख्यालय में नगर के घरों से निकलने वाले कचरा का कलेक्शन करने के बाद स्टोर करने के लिए वार्ड क्रमांक 1, वार्ड क्रमांक 4, वार्ड क्रमांक 18 और वार्ड क्रमांक 25 में एसएलआरएम सेंटर बनाए जाने थे। इसमें से दो तो शुरू हो गए है, लेकिन वार्ड क्रमांक 4 और 18 के सेंटर अभी तक अधूरे हैं।

एक नजर... व्यवस्था पर

  • 05 ट्रीपर
  • 04 ट्रैक्टर
  • 15 हाथ रिक्शा
  • 01 जेसीबी
  • 02 ई रिक्शा
  • 18 नियमित सफाई कर्मी
  • 22 प्लेसमेंट सफाई कर्मी
  • 65 रिक्शा वाली स्वच्छता दीदी
  • 02 एसएलआरएम चालू
  • 02 एसएलआरएम सेंटर बंद

जनता ही तय करेगी शहर धूल व कचरा मुक्त है या नहीं
स्वच्छ भारत मिशन में पहली बार राज्यों और शहरों को मेडल मिलेंगे। सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले को प्लेटिनम मेडल मिलेगा। स्वच्छ भारत मिशन-2021 की नई गाइडलाइन में सर्वे से जनता को और अधिक जोड़ने के लिए डायरेक्ट आब्जर्वेशन को पूरी तरह पब्लिक फीडबैक से जोड़ दिया गया है। यानी सर्वे के लिए आने वाली टीमें आम लोगों से चर्चा करके उनके फीडबैक के आधार पर ही तय करेंगी कि शहर धूल मुक्त, कचरा मुक्त और डस्टबिन मुक्त है या नहीं? शहर में कचरे का 100 प्रतिशत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन और सोर्स पर सेग्रीगेशन होता है या नहीं?

सफाई छोड़ 20 कर्मचारी लगे कोविड कार्य में
सफाई कार्य के लिए 18 नियमित और 22 प्लेसमेंट कर्मचारी नपा में हैं। इनके अलावा डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने वाली करीब 65 महिलाएं हैं। नियमित और प्लेसमेंट कर्मचारियों की संख्या 40 है, इनमें से अाधे कोविड कार्य में लगे हैं।नपा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 6 कर्मचारी कोविड से मरने वालों के दाह संस्कार के लिए हैं,6 कोविड सेंटर्स में लगे हैं तथा 7 कर्मचारी कंटेनमेंट जाेन में साफ सफाई की व्यवस्था संभाल रहे हैं। अब बचे आधे कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है।

जानिए... किस कार्य पर कितने नंबर मिल सकते हैं

  • 100 अंक स्वच्छता में इनोवेशन के हैं। इसमें स्पर्धाएं आयोजित होंगी।
  • 350 अंक स्वच्छता एप के हैं। एप के जरिए आने वाली शिकायतों के निराकरण पर यह तय होंगे।
  • 300 अंक सिटीजन अनुभव के हैं। आब्जर्वेशन में चर्चा के आधार पर।
  • 450 अंक सिटीजन वॉइस के हैं। सफाई में लोगों के जुड़ाव के आधार पर तय होंगे।
  • 600 अंक सिटीजन फीडबैक के हैं। इसमें लोगों से सवाल पूछे जाएंगे।

फंड नहीं होने से निर्माण में आ रही कुछ दिक्कत
"पिछली बार के सर्वे में भी नगर शामिल था, पर टीम नहीं आई थी, नए सर्वे में भी शामिल हैं। त्रैमासिक स्वच्छ सर्वे में बेहतर स्थिति में थे। संसाधनोें की कमी व फंड नहीं होने से कुछ दिक्कतें आ रही है, जल्दी ही एसएलआरएम सेंटर को शुरू करेंगे।''
-मनोज सिंह, सीएमओ, जांजगीर- नैला

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