निर्माण में देरी:90 किसानों को नहीं मिला मुआवजा, अटका 8 किमी सड़क का निर्माण, इसलिए अब भारी वाहनों पर बैन

जांजगीर19 दिन पहले
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डोंगाकोहरौद की सड़क। - Dainik Bhaskar
डोंगाकोहरौद की सड़क।
  • पामगढ़ से डोंगाकोहरौद-भिलौनी मार्ग की हालत खराब, गिधौरी की ओर से जाना पड़ रहा वाहन चालकों को

चार साल से सड़क नहीं बनने के कारण क्षेत्र के लोगों को परेशानी तो हो रही है। इसके बाद भी इसी सड़क से चलना मजबूरी भी है। रायपुर जाने के लिए शार्टकट रास्ता होने के कारण बड़ी गाड़ियां भी इसी रास्ते से चलने के कारण सड़क अब भारी वाहनों के चलने के लिए लायक नहीं है, अब जिला दंडाधिकारी ने इस सड़क पर भारी वाहनों के चलने पर भी रोक लगा दी है। इस सड़क का काम किसानों को मुआवजा नहीं मिलने के कारण अटका हुआ है।

छग रोड डेवलपर्स कॉर्पोरेशन द्वारा पामगढ़ से भिलौनी, सेानसरी, लाहौद तक सड़क बनाने का काम 2017 में शुरू हुआ, लेकिन बीच बीच में अधूरा निर्माण लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। इस रोड के बन जाने से राजधानी रायपुर की दूरी कम हो जाती, लेकिन इस बीच पड़ने वाले डोंगाकोहरौद और ससहा में प्राइवेट जमीन अधिग्रहण तो किया गया, किंतु मुआवजा नहीं दिया गया है। इस वजह से ग्रामीणों ने डोंगाकोहरौद बस्ती से आगे जाने के लिए सड़क बनाने नहीं दिया। इसके कारण बीच बस्ती में सड़क का काम रूक गया है। छत्तीसगढ़ शासन ने डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से पामगढ़ से लाहौद तक 30 किलोमीटर की सड़क बनाने की योजना बनाई और रायपुर से जोड़ने की लिए काम का ठेका को दिया गया। सड़क निर्माण के तय सीमा समाप्त होने के बाद भी कई स्थानों की सड़कें उबड़-खाबड़ है। सबसे अधिक परेशानी डोंगाकोहरौद की बस्ती लगभग 4 किलोमीटर में है।

9 करोड़ रुपए का मुआवजा शासन स्तर पर लंबित
2017 में किसानों की खेतिहर भूमि को सड़क बनाने के लिए अधिग्रहित किया जा रहा था और शासन ने किसानों का मुआवजा नहीं दिया, जिसके कारण कुछ किसान न्यायालय चले गए। किसानों का प्रकरण शासन ने स्वीकृत कर दिया है, उसके बाद भी मुआवजा का प्रकरण लंबित है। कोर्ट के निर्देश पर सरकार ने कुछ बदलाव किया है और अब यह बताया जा रहा है कि लगभग 90 किसानों का नौ करोड़ मुआवजा देना बाकी है। यह प्रकरण शासन स्तर पर लंबित है।

इन गांवों के लोगों के लिए एक मात्र सड़क
यह रोड डोंगाकोहरौद, भिलौनी, जौरैला, धनगांव, कोसीर, ढाबाडीह, हिर्री, सिर्री, खरखौद, शुक्लाभांठा, ससहा के ग्रामीणों को पामगढ़, शिवरीनारायण, बिलासपुर, जांजगीर जाने की एक मात्र सड़क है। इन गांवों के अलावा पड़ोसी जिला बिलासपुर के सोन, सोनसरी, केवंटाडीह, बिनौरीडीह, बोहारडीह, टांगर, भरारी के लोग इसी रास्ते से पामगढ़ आते हैं। रोड खराब होने के कारण इस रोड पर चलने वाली बस भी बंद हो गई है। इसलिए दर्जन भर से अधिक गांवों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बैन: गिधौरी- शिवरीनारायण की ओर से जाएंगे आगे
जिला दंडाधिकारी जितेंद्र कुमार शुक्ला ने एसडीएम पामगढ़ तथा एसपी जांजगीर-चांपा से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर सड़क को भारी वाहनों के चलने के लिए अयोग्य बताया है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर पामगढ़ से डोंगाकोहरौद-भिलौनी तक 8 किलोमीटर में सड़क की हालत जर्जर होने से भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया है। इस मार्ग से आवागमन करने वाले भारी वाहन गिधौरी-शिवरीनारायण की ओर से परिवर्तित मार्ग से आवागमन करेंगे।

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