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अनदेखी:एल्डरमैन का मनोनयन: सक्ती में 2 और अकलतरा में एक अधिक

जांजगीर8 दिन पहले
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  • फजीहत होने पर जांजगीर से एक एल्डरमैन को हटा दिया पर अकलतरा में साल भर से चल रहा ऐसे ही, जनता के पैसे इन पर हो रहे खर्च

भास्कर न्यूज | राज्य सरकार ने फजीहत होने पर जांजगीर-नैला नगर पालिका से एक एल्डरमैन को तो हटा दिया, लेकिन नियत से अधिक एल्डरमैन का मनोनयन सरकार की चूक नहीं बल्कि जानबूझकर की गई नियुक्ति है। ऐसा मनोनयन केवल जांजगीर- नैला नपा में नहीं हुआ बल्कि साल भर पहले ही अकलतरा में भी नियत से अधिक एल्डरमैन का मनोनयन किया जा चुका है, इसके अलावा नगर पालिका परिषद सक्ती में भी दो अधिक एल्डरमैन बनाए जा चुके हैं। इस तरह सरकार के नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा सुनियोजित ढंग से अवैधानिक एल्डरमैन बनाए गए हैं। जांजगीर-नैला नगर पालिका में 25 वार्ड हैं। इस हिसाब से यहां 5 एल्डमैन होने चाहिए थे, लेकिन सरकार ने यहां एक पहले और पांच बाद में बना दिए। इस अवैधानिक नियुक्ति का मामला दैनिक भास्कर ने उठाया तो पांच नए एल्डरमैन के शपथ लेने के पहले आनन फानन में पुराने एल्डरमैन का मनोनयन निरस्त किया गया। इसके बाद ही नए एल्डरमैन को शपथ दिलाई गई। दैनिक भास्कर ने जब पड़ताल की तो सक्ती और अकलतरा नगर पालिका में भी नियत संख्या से अधिक एल्डरमैन मनोनीत करने का मामला सामने आया है।

सक्ती में 18 वार्ड पर पांच एल्डरमैन
नगरपालिका परिषद सक्ती में केवल 18 वार्ड हैं। नपा अधिनियम के तहत इस नगर पालिका में भी वार्ड की संख्या कम होने के कारण नगर पंचायत की तरह 3 ही एल्डरमैन होने चाहिए, किंतु यहां भाजपा सरकार के समय से ही अवैधानिक नियुक्तियां की गई थी। तब भी पांच एल्डरमैन भवानी प्रसाद तिवारी, नवीन शर्मा, रंजन सिन्हा, संजय देवांगन व श्रीमती अनीता सिंह को एल्डरमैन मनोनीत किया गया था। इस बार भी सूरज सोनी, घनश्याम देवांगन, अनिल राठौर, सुकमत डेंसिल और हाजरा बेगम को एल्डरमैन मनोनीत किया गया है।

अब दिव्यांगों को भी मिल सकता है मौका
राज्य सरकार नगरीय निकायों में दिव्यांगों को भी मनोनीत पार्षद बनाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार साल भर पहले से इसका खाका खिंचा जा चुका है पर अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है, जल्दी ही राज्य सरकार इस पर निर्णय लेकर एक- एक और दिव्यांगों को निकायों में मनोनीत कर सकती है।

अधिक एल्डरमैन होने पर साइड इफेक्ट

  • पार्षदों की तरह 2500 रुपए प्रति माह के हिसाब से प्रति वर्ष 30, 000 रुपए इन्हें सरकार की ओर से मानदेय दिया जाएगा।
  • अकलतरा में एक और सक्ती में दो अधिक होने पर 90 हजार रुपए का अतिरिक्त बोझ सरकार पर।
  • साल भर में दो लाख रुपए एल्डरमैन निधि दी जाएगी। 6 लाख एक साल के हिसाब से यदि अगले तीन साल तक रहेंगे पद पर तो 18 लाख अतिरिक्त निधि खर्च करनी पड़ेगी।

अकलतरा में भी एक बढ़ा दिए एल्डरमैन
जिले में नपा अधिनियम से अलग जाकर निर्धारित संख्या से अधिक एल्डरमैन मनोनीत करने का सिलसिला पिछले साल से चल रहा है। सरकार ने 25 अक्टूबर 2019 को एल्डरमैन की लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में अकलतरा नपा में आशा दीवान, अरूण साहू, महेश्वर टंडन, अभीजित सोनवानी और श्याम खरे को मनोनीत किया जा चुका है। जबकि वहां वार्डों की संख्या 20 है, इस लिहाज से वहां चार ही एल्डरमैन होने चाहिए थे, तत्कालीन राज्य सरकार ने 18 वार्ड होने पर पहले चार एल्डरमैन गौरी रानी गुईन, नानक रोहरा, दधिचि शर्मा और गोपेश तुलस्यान को बनाया। बाद में दो वार्ड और बढ़ने पर अलग आदेश जारी कर नंदकुमार चौधरी को भी एल्डरमैन बनाया था।

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