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बीजेपी पर लगाए गए आरोप:जनता की कमाई से बनी संपत्ति बेचना चाह रही है केंद्र सरकार

जांजगीर20 दिन पहले
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मीडिया से चर्चा करते कांग्रेस पदाधिकारी। - Dainik Bhaskar
मीडिया से चर्चा करते कांग्रेस पदाधिकारी।

केंद्र सरकार द्वारा देश के सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थाओं को एक एक करके बेचने का सिलसिला शुरू किया जा रहा है। देश की जिन संपत्तियों को कांग्रेस ने अपने 70 साल के शासनकाल में बनाया व संभाल कर रखा, अब उन्हीं संपत्तियों को वर्तमान में केंद्र में स्थापित भाजपा की सरकार बेचने का प्रयास कर रही है।

यह आरोप सोमवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश, व जिला के कांग्रेस पदाधिकारियों ने लगाया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ चौलेश्वर चंद्राकर ने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई से बनी संपत्तियों को बेचने का बड़ा खेल सरकार कर रही है। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं के दाम में बेतहाशा बढ़ोत्तरी उनके एकाधिकार को प्रदर्शित करती है। सरकार के 12 मंत्रालयों के 20 परिसंपत्तियों का वर्गीकरण करते हुए इन्हें निजी क्षेत्र को सौंपने के लिए चिन्हित किया गया है। 20 कंपनियों के निजीकरण की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल व रेलवे के निजीकरण से देश को नुकसान होगा। रोजगार छिन जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन कंपनियों में आरटीआई भी लागू नहीं होगा।

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष चुन्नीलाल साहू ने कहा कि 12 वीं योजना काल के दौरान ढांचागत आधार में निवेश को 36 लाख करोड़ रुपए आंका गया। यह जीडीपी का 5.8 प्रतिशत औसत है। वित्तीय वर्ष 2018 और 2019 में यह अनुमान 10 लाख करोड़ पर आ गया। एआईसीसी सदस्य मंजू सिंह ने कहा निजीकरण होने से बाजार में चुनिंदा कंपनियों की मनमर्जी कायम हो जाएगी। केंद्र सरकार यह भले ही हमेशा कहती रहेगी कि निगरानी के लिए उपाय हैं और उसके लिए नियामक हैं।

गांव से लेकर बूथ तक जाएंगे, यह बताएंगे
कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे निजीकरण का विरोध गांव से लेकर बूथ तक करने की बात कही है। उनके अनुसार केंद्र सरकार की गलत नीतियों से प्रत्येक व्यक्ति को अवगत कराया जाएगा।

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