उपभोक्ता आयोग का SBI को आदेश:ATM से रुपए नहीं निकले, कम हो गया बैलेंस, 45 दिन में 6 फीसदी ब्याज के साथ करना होगा भुगतान

जांजगीर3 महीने पहले
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उपभोक्ता आयोग ने  5000 रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति और 1000 रुपए वाद व्यय के भुगतान का भी आदेश दिया है।  - Dainik Bhaskar
उपभोक्ता आयोग ने 5000 रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति और 1000 रुपए वाद व्यय के भुगतान का भी आदेश दिया है। 

छत्तीसगढ़ के जांजगीर में उपभोक्ता आयोग ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को 45 दिन में ग्राहक को 6 फीसदी ब्याज के साथ रकम लौटाने का आदेश दिया है। ग्राहक का ATM से ट्रांजेक्शन फेल हो गया था। इसके बाद भी उसके खाते में संबंधित रकम नहीं जमा की गई। इस पर उसने कई बार बैंक से शिकायत की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उपभोक्ता आयोग ने इसे सेवा में कमी मानते हुए फैसला सुनाया है।

दरअसल, चांपा तहसील के ग्राम पचोरी निवासी महेश कर्ष का सारागांव स्थित SBI की शाखा में अकाउंट है। उन्होंने 27 फरवरी 2020 को जांजगीर स्थित SBI के एटीएम से ट्रांजेक्शन किया। उनके मोबाइल पर 10 हजार रुपए निकालने का मैसेज तो आया, लेकिन रुपए नहीं निकले। इस पर महेश ने SBI में ऑनलाइन शिकायत की। साथ ही रकम वापस खाते में जमा कराने अपील की, लेकिन बैंक ने दावे को निरस्त कर दिया।

इस पर महेश ने उपभोक्ता आयोग में वाद प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि सेवा शुल्क लेने के बाद भी बैंक सुविधा देने में विफल रहा है। मामले में आयोग ने फैसला सुनाते हुए SBI को 45 दिनों के भीतर महेश के खाते में निकाली गए10 हजार रुपए का भुगतान 6 प्रतिशत ब्याज से करने का आदेश दिया। साथ ही 5000 रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति और 1000 रुपए वाद व्यय के भुगतान का भी आदेश दिया है।