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नई व्यवस्था :हिंदी मीडियम स्कूल को बंद करने इस साल कक्षा नवमी में नहीं देंगे प्रवेश

जांजगीर15 दिन पहले
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  • शहर में इंग्लिश मीडियम स्कूल खुले लेकिन हिन्दी मीडियम स्कूल के बलिदान की शर्त न हो
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जिला मुख्यालय में राज्य सरकार द्वारा अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी  है। यह स्कूल वर्तमान में संचालित हिन्दी मीडियम स्कूल भवन में ही संचालित करना तय किया है,लेकिन इस नए स्कूल के लिए जिले के पुराने हिन्दी मीडियम स्कूल को बंद किया जा रहा है। इस नए शिक्षा सत्र से ही स्कूल काे बंद करने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस बार कक्षा नवमी में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। यानि इस वर्ष केवल तीन कक्षाएं चलेंगी। अगले साल दो कक्षाओं में ही प्रवेश दिया जाएगा फिर हिन्दी मीडियम हायर सेकंडरी स्कूल का अस्तित्व जिला मुख्यालय से खत्म हो जाएगा। 
शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल क्रमांक 2 मुनुंद रोड में संचालित है। नगर के अलावा नैला, खोखसा और कुलीपोटा के स्कूल से दसवीं पास करने वाले विद्यार्थी जो शहर के नंबर एक में पढ़ने आते हैं, उन्हें अब दूसरा विकल्प देखना होगा या फिर अपने गांव से पांच किमी दूर पढ़ने के लिए जाना होगा। 
वर्तमान स्थिति में शहर के बीच से हिन्दी मीडियम स्कूल की बलि देकर अंग्रेजी मीडियम स्कूल खोला 
जा रहा है। जिले में अंग्रेजी माध्यम के दो स्कूल जांजगीर और सक्ती में एक-एक खोले जा रहे हैं। सक्ती में तो किसी प्रकार की परेशानी नहीं  है, जिला मुख्यालय में हिन्दी वर्सेस अंग्रेजी को लेकर शहर बंट गया है। प्रशासन जहां इसे पूर्व से संचालित हिन्दी मीडियम स्कूल में ही शुरू करने की मंशा बना चुका है। कलेक्टर ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बैठककर इस पर चर्चा भी कर ली है। वहीं इस बात का विरोध भी शुरू हाे गया है कि हिन्दी माध्यम स्कूल बंद नहीं होना चाहिए। 
दोनों स्कूल चले ऐसी व्यवस्था बनाएं
दैनिक भास्कर इसका विरोध नहीं कर रहा है कि नगर में सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल न खुले। सरकारी अंग्रेजी स्कूल खुलने से उन गरीब वर्ग के लोगों को बेहतर अंग्रेजी शिक्षा मिलेगी जो अपने बच्चों को अंग्रेजी तो पढ़ाना चाहते हैं, पर प्राइवेट अंग्रेजी स्कूलों की महंगी फीस, ड्रेस, पुस्तकें सहित अन्य खर्च वहन करने में आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होने के कारण नहीं पढ़ा पाते। वे अपने बच्चों को इस स्कूल में पढ़ा सकेंगे। शहर के बीच में सरकारी अंग्रेजी स्कूल होने से प्राइवेट स्कूलों की ओर लोगों का रुझान कम होगा।  स्कूल खुलना निहायत जरूरी है, लेकिन इसके लिए प्रशासन को दूसरी व्यवस्था भी करनी चाहिए। हिन्दी माध्यम के स्कूल को बंद करना इसका विकल्प नहीं होना चाहिए।

ऐसी होनी चाहिए व्यवस्था
अंग्रेजी और हिन्दी दोनों माध्यम के स्कूलों को बचाया जा सकता है, इसके लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को प्लान करना चाहिए। इसी नंबर 1 स्कूल में दो शिफ्ट में कक्षाएं लगाई जा सकती हैं। जैसा नंबर 2 बनने से पहले कक्षाएं लगती थी। या फिर इसी स्कूल के सामने डाइट भी संचालित हो रहा है, वहां अभी पहली से आठवीं तक कक्षाएं चलती है, इसी परिसर में एक हॉस्टल भी पूर्व में बनवाया गया था जिसका फिलहाल काेई उपयोग नहीं है, उसकी मरम्मत कराके दोनों में से किसी भी एक माध्यम को शिफ्ट किया जा सकता है। इससे दोनों स्कूल संचालित हो सकते हैं।

काेई नहीं अंग्रेजी के विरोध में लेकिन जरा नगर के लोगों की भी आवाज सुनिए साहब
हिंदी माध्यम स्कूल को बंद नहीं करना चाहिए
"अंग्रेजी माध्यम स्कूल नगर में खुलना चाहिए, यह अच्छी बात है। लेकिन नगर के सबसे पुराने हिन्दी माध्यम स्कूल को बंद नहीं किया जाना चाहिए। इस स्कूल के बंद होने से हिन्दी माध्यम में पढ़ने वाले बच्चों को पढ़ने के लिए नगर से बाहर जाना पड़ेगा। प्रशासन को दोनों स्कूल चल सके ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए।'' 
-रघुराज पांडेय, वरिष्ठ नागरिक

पूर्व की तरह दो शिफ्ट में कर सकते हैं संचालित
"अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की सरकार की मंशा है, अच्छा है। अंग्रेजी की भूख लोगों को है, इसलिए प्राइवेट स्कूल भी चल रहे हैं। पर अंग्रेजी के लिए हिन्दी की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए। पूर्व में भी कक्षाएं दो पाली में संचालित होती थी, वैसा किया जाना चाहिए। इससे छात्रों का भला होगा।'' 
-ईश्वरी प्रसाद यादव, शिक्षाविद व साहित्यकार जांजगीर

हिन्दी पढ़ने वाले बच्चे बाहर क्यों पढ़ने जाएंगे
"अंग्रेजी माध्यम स्कूल खुलने का विरोध नहीं है, लेकिन हिन्दी भाषी लोग आखिर पढ़ने कहां जाएंगे। जिनको अंग्रेजी पढ़ना है वे अंग्रेजी पढ़ें। शहर के विद्यार्थी बाहर पढ़ने क्यों जाएंगे। हिन्दी को बंद नहीं करना चाहिए, यह हमारी अस्मिता भी है। इससे हिंदी मीडियम स्कूल के छात्रों को परेशानी होगी।'' 
-विजय राठौर, वरिष्ठ साहित्यकार, जांजगीर

हिन्दी मीडियम की व्यवस्था है तो खोलें अंग्रेजी स्कूल
"यदि जिला मुख्यालय में इसे छोड़कर अन्य हिन्दी माध्यम स्कूल है जिसमें हायर सेकंडरी के विद्यार्थियों के पढ़ने की व्यवस्था हो तो किसी को  अंग्रेजी स्कूल खोलने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। प्राइवेट स्कूल संचालक इसी का क्रेज बताकर पैसा ले रहे हैं। सरकारी स्कूल खुले अच्छी बात है। '' 
-विजय दुबे, वरिष्ठ वकील जांजगीर

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