पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

मार्कफेड ने मांगा किसान कोड:समिति के कर्मचारी अब पहले नहीं बेच सकेंगे अपना धान

जांजगीर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • तीन दिनों के भीतर भेजनी होगी प्रबंधकों और खरीदी में लगे अन्य कर्मचारियों की जानकारी

समर्थन मूल्य पर धान बेचने का पहला अधिकार किसानों का है, लेकिन यहां समितियों के प्रबंधक, वहां के कर्मचारी ही पहले अपना धान बेचते हैं व अपने लोगों को टोकन दिलाते हैं। यह आरोप समिति के प्रबंधकों पर लगते रहे हैं। अब इसे सरकार ने भी मान लिया है कि ऐसा करके समिति के कर्मचारी अपना खराब धान भी समितियों में पहले खपा देते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए अब उन कर्मचारियों का किसान कोड मार्कफेड ने मांगा है जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि किस समिति में कितने कर्मचारियों ने कब कब कितना धान बेचा। समर्थन मूल्य में धान खरीदी शुरू होने में मात्र 6 दिन बाकी है। लेकिन प्रदेश भर में पिछले साल के धान का निराकरण नहीं हो पाया है। जिले में ही एक लाख क्विंटल से अधिक संग्रहण केंद्रों में रखा हुआ है, ये धान सड़ गए हैं, जिसके कारण कस्टम मिलिंग के लिए उठाव करने से मिलर्स ने मना कर दिया है। खरीदी में संस्था प्रबंधक या खरीदी से जुड़े कंप्यूटर ऑपरेटर, बाबू व अन्य लोगों द्वारा खुद के धान को पहले खरीदने के लिए टोकन देने व खराब धान को भी खरीदने की शिकायतें लगातार आती रही हैं। ऐसे खराब धान मार्कफेड के लिए समस्या बन जाते हैं, इसलिए मार्कफेड ने समितियों में कर्मचारियों की पहले अपने धान को बेचने की पॉलिसी पर ही रोक लगा दी है। मार्कफेड के विशेष सचिव मनोज कुमार सोनी ने ऐसी गतिविधि को रोकने के लिए कड़ा पत्र लिखा है।

जिले में 88 सौ एकड़ धान का घटा रकबा
पिछले साल जिले भर में 1 लाख 73 हजार 233 किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया था। तब जिले में रकबा 2 लाख 19 हजार हेक्टेयर था। इस बार किसानों की संख्या लगभग 15 हजार तो बढ़ी है, लेकिन गिरदावरी के कारण 8 हजार 847 एकड़ रकबा जिले में कम हुआ है।
कल से दिया जाएगा किसानों को टोकन
समर्थन मूल्य पर एक दिसंबर से शुरू हो रही धान खरीदी के लिए सरकार के निर्देशानुसार किसानों को 27 नवंबर से टोकन वितरण किया जाएगा। लेकिन खरीदी प्रभारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अभी तैयारी नहीं हो पाई है। इसलिए 27 नवंबर से टोकन देना संभव नहीं हो सकेगा।

विशेष सचिव की यह चिट्‌ठी जरूर पढ़िए....
खरीफ विपणन वर्ष में यह देखा गया है कि समिति प्रबंधक और कर्मचारियों द्वारा धान खरीदी प्रारंभ होने पर अपना धान, टोकन कटाकर पहले बेचने का प्रयास किया जाता है। साथ ही उनके द्वारा मिश्रित किस्म के नान एफएक्यू धान समितियों में लाने व विक्रय करने का प्रयास किया जाता है। उपरोक्त स्थिति अत्यंत ही चिंतनीय है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज कोई लाभदायक यात्रा संपन्न हो सकती है। अत्यधिक व्यस्तता के कारण घर पर तो समय व्यतीत नहीं कर पाएंगे, परंतु अपने बहुत से महत्वपूर्ण काम निपटाने में सफल होंगे। कोई भूमि संबंधी लाभ भी होने के य...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser