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कोरोना एक दर्द अनेक:कोरोना मृत महिला की अंत्येष्टि के लिए नहीं दिया पीपीई किट

अकलतराएक महीने पहले
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काेविड से मृत व्यक्ति का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकाल के तहत किया जाना है। यानि शव को उठाने वाले से लेकर अंतिम संस्कार में अग्नि देने वाले अथवा दफनाने वालों को पीपीई किट पहनना अनिवार्य है ताकि दूसरे लोग संक्रमण से बच सकें। लेकिन शुक्रवार को आकांक्षा परिसर में ऐसा मामला सामने आया। जिसमें शव को तो बाहर रख दिया गया, लेकिन उनके परिजन को पहनने के लिए पीपीई किट नहीं दिया गया। जिसके कारण वे लोग बिना पीपीई किट पहने ही उसे वाहन में भरकर गांव पहुंचे और ऐसे ही शव को दफनाया गया।

ग्राम पंचायत तागा के वार्ड नंबर 12 की 45 वर्षीय महिला गीता सूर्यवंशी को काेरोना संक्रमित होने के कारण कोविड हॉस्पिटल जांजगीर किे आकांक्षा परिसर में इलाज के लिए भर्ती किया गया था। शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों को सूचना मिली तो वे लोग शव को लेने गए। एसडीएम द्वारा शव की सुपुर्दगी एवं अंतिम संस्कार के लिए पटवारी सुखनंदन राठौर एवं पंचायत सचिव हेमलाल सिंह की ड्यूटी लगाई गई। दोनों शव लेने आकांक्षा कोविड केयर सेंटर पहुंचे। यहां स्टाफ द्वारा शव को एम्बुलेंस में चढ़ाने से मना कर दिया गया।

महिला के परिजन द्वारा शव को स्वयं एम्बुलेंस में चढ़ाया गया। इन्हें पीपीई किट भी नहीं दिया गया। ग्राम तागा के मुक्तिधाम में चार बजे एम्बुलेंस महिला के शव को लेकर पहुँची महिला के परिजनों द्वारा बिना पीपीई किट पहने जान जोखिम में डालकर शव को एम्बुलेंस से उतारा गया, एंबुलेंस में आए स्वास्थ विभाग के कर्मचारी महिला के शव का दाह संस्कार किए बिना तत्काल एम्बुलेंस से वापस लौट गए। महिला के पति एवं परिजन द्वारा मुक्तिधाम में स्वयं गड्ढा करके महिला के शव काे दफन किया महिला के शव के पास परिजन सहित बच्चे भी उपस्थित रहे।

होम क्वारेंटाइन में थी महिला सांस लेने में तकलीफ होने पर किया गया था एडमिट, अस्पताल में मौत
महिला के पति काशीराम सूर्यवंशी ने बताया कि होम क्वॉरेंटाइन के दौरान पत्नी को सांस लेने तकलीफ होने पर दो दिन पूर्व जांजगीर के आकांक्षा परिसर कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उन्होेंने बताया आकांक्षा परिसर में पहुंचे स्टाफ द्वारा शव को पॉलिथीन में पैक नहीं करने के साथ स शव को वाहन में रखने से मना कर दिया गया। तो परिवार के अन्य लोगों द्वारा शव वाहन में स्वयं शव को चढ़ाया गया। पीपीई किट भी नहीं दिया गया।

अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं व्यवस्था
सुखनंदन राठौर पटवारी ने बताया कि शव की सुपुर्दगी के लिए आदेश प्राप्त होने पर शव लेने के लिए पहुंचे थे। परिसर में स्थित कर्मचारी द्वारा शव वाहन में नहीं रखा गया। पीपीई किट खत्म होने की बात कहते हुए परिजन को नहीं दिया गया।

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