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बजट 2021-22:कोरोना ने बिगाड़ा पालिका का बजट, 14% कम होगी कमाई, इसलिए खर्च में भी 16% की कटौती

जांजगीर15 दिन पहले
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  • अनुमानित आय 31 करोड़ 76 लाख रुपए, तो खर्च होंगे 30 करोड़ 94 लाख रु., बचत सिर्फ 79 लाख रुपए
  • वर्ष 2020-21 में कहां कितनी राशि करेंगे खर्च जानिए

कोरोना ने नगर के साथ-साथ पालिका का भी बजट बिगाड़ दिया। पिछले वित्तीय वर्ष के आय और व्यय के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए पालिका का नया बजट तैयार किया है। पालिका के इस बजट में आय पिछले वर्ष से 14 प्रतिशत कम होने का अनुमान है। ऐसे में खर्च में भी 16 प्रतिशत की कटौती की है।

इस वित्तीय वर्ष में निकाय अंतर्गत अलग-अलग स्त्रोतों से कुल वार्षिक आय 8 करोड़ 66 लाख 63 हजार रुपए का लक्ष्य है, जो कि बीते वर्ष से कुल एक करोड़ 22 लाख रुपए कम है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद 1 अप्रैल से आय-व्यय की गणना नगर पालिका में नए बजट के अनुरूप शुरू हो गई है। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के कारण पालिका में परिषद की बैठक नहीं होने के कारण औपचारिक मंजूरी शेष है। पिछले दिनों हुई पीआईसी की बैठक में सीएमओ ने बजट में किए गए प्रावधानों व आय-व्यय को लेकर जनप्रतिनिधियों से चर्चा की थी। उन्होंने सालभर की अनुमानित आय 30 करोड़ 76 लाख रुपए व कुल व्यय 30 करोड़ 94 लाख रुपए बताई थी, वहीं पिछले वर्ष पालिका की कुल आय 35 करोड़ 64 लाख और खर्च 33 करोड़ 66 लाख रुपए थीं।

वहीं जलकर संपत्तिकर, समेकित कर की राशि 2020-21 में 2 करोड़ 34 लाख वसूल करने का लक्ष्य रखा था, जो कि 2021-22 में 18 लाख रुपए की बढ़ोतरी के साथ 2 करोड़ 52 लाख रुपए का लक्ष्य रखा है। वार्षिक प्रशासनिक व्यय, पीएमजेएसवाई अंतर्गत बीएलसी, वहीं एसबीएम में केंद्र व राज्य के प्राप्त होने वाली राशि को शामिल करने के बाद भी तय राशि पिछले वित्तीय वर्ष से कम है। पीआईसी की बैठक में सदस्यों से चर्चा के बाद इस बजट में थोड़े संसोधन हो सकते हैं पर कोरोना के कारण बजट पेश करने की तिथि पर संशय है। बजट में पालिका ने अधोसरंचना अंबेडकर सामुदायिक भवन के अलावा दूसरे निर्माण के लिए राशि का प्रावधान नहीं किया है। नए बजट में राज्य परिवर्तित मद में 50 लाख रुपए, अधोसरंचना में 5 करोड़ रुपए व केंद्र परिवर्तित योजनाओं के कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपए और भीम राव अंबेडकर भवन के लिए अलग से एक करोड़ 50 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है।

फंड मिला तो अनुपूरक बजट लाएगा पालिका
फिलहाल नगर पालिका में ढेरों निर्माण कार्यों के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है। शहर को जलभराव की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए व्यापक स्तर पर सर्वे कराया है। कंसलटेंट एजेंसी द्वारा प्रस्तुत इस्टीमेट के अनुरूप व्यवस्थित ड्रेनेज निर्माण के लिए करोड़ों के प्रस्ताव थोड़े समय बाद शासन को भेजी जाएगी। यदि इन कार्यों को स्वीकृति मिली तो पालिका अनुपूरक बजट परिषद की बैठक में लाएगी।

इस बार बचेंगे सिर्फ 79 लाख 7 हजार रुपए
इस वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित कुल अनुमानित आय और व्यय की राशि में अंतर के बाद पालिका के हाथ में सिर्फ 79 लाख 7 हजार रुपए बचेंगे। पिछले साल अंतर की राशि कुल 10 लाख 85 हजार रुपए ज्यादा थी, हालांकि इस वित्तीय वर्ष में कोरोना की वजह से राजस्व वसूली व राज्य शासन से मिलने वाली चुंगी क्षतिपूर्ति मुद्रांक शुल्क आदि में कम राजस्व प्राप्त हुए हैं।

यहां खर्च में कटौती

  • पीएम आवास की राशि में कटौती - इस साल पीएम आवास के बीएससी योजना तहत 5 करोड़ रुपए का प्रावधान बजट में किया है। पिछले बजट में 5 करोड़ 20 लाख रुपए किया गया था।
  • बड़े निर्माण कार्यों के लिए फंड नहीं- बजट में बड़े निर्माण कार्य के लिए अलग से प्रावधान नहीं है, जबकि बजट में 6 करोड़ रुपए भीमा तालाब के लिए अलग से रखा गया था।
  • प्रशासनिक व्यय में कटौती - प्रशासनिक व्यय जैसे की प्रिटिंग, स्टेशनरी, बीमा, लेखा परीक्षण, विज्ञापन आदि के लिए कुल 24 लाख 73 हजार खर्च होंगे, पिछले वर्ष यह राशि 25 लाख 10 हजार रुपए थी।
  • नाली निर्माण के लिए फंड नहीं - पिछले साल वार्डों में जल भराव की समस्या को देखते हुए ढाई से तीन करोड़ रुपए अलग से नाली बनाने के लिए रखे थी, पर आय प्रभावित होने से एक रुपए अलग से प्रावधान नहीं किया गया है।
  • शिक्षकों के लिए अनुदान नहीं - नगर पालिका अंतर्गत वर्तमान में 34 शिक्षक है, इनके लिए 2020-21 तक राज्य शासन द्वारा प्रति वर्ष करीब एक करोड़ रुपए मिलते थे, लेकिन इस वर्ष यह राशि पालिका को नहीं मिलेगी।

यहां करेंगे ज्यादा खर्च

  • वेतन पर राजस्व का 3% ज्यादा व्यय - स्थापना व्यय यानी वेतन भत्ता, भविष्यनिधि, मेडिकल, बोनस, आदि पर 4 करोड़ 47 लाख 32 हजार रुपए खर्च होंगे, जो कि संपत्तिकर, जलकर, समेकित कर से प्राप्त होने वाले कुल राजस्व का 51 प्रतिशत होगा। पिछले साल से 3% ज्यादा व्यय का अनुमान है।
  • बिजली ईंधन पर 21 लाख ज्यादा खर्च- बिजली ईंधन व मरम्मत के लिए इस बार ज्यादा पैसे खर्च होंगे। इस बार कुल 2 करोड़ 22 लाख रुपए बजट में प्रावधान किया है, जोकि 2020-21 के बजट में मात्र दो करोड़ 1 लाख रुपए था।

पालिका के आय के अनुरूप बनाया बजट
राजस्व प्रभारी विवेक सिंह सिसोदिया ने बताया कि बजट को लेकर लगभग सभी तैयारी पूरी हो गई है। बीते वित्तीय वर्ष में भीमा तालाब व अन्य नए कार्यों की वजह से बजट 35 करोड़ का था, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के बाद भी हमने बजट 30 करोड़ से कम नहीं होने दिया। आय में 14 प्रतिशत की कमी को ध्यान में रखते हुए कुछ खर्चों पर कटौती की गई है।

परिषद की औपचारिक मंजूरी मिलनी ही शेष
बजट को लेकर पिछली पीआईसी की बैठक में जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा हुई है। बैठक में उनके सुझाव के अनुरूप थोड़े बहुत परिवर्तन हुए हैं। एक अप्रैल से आय व्यय की गणना नए बजट के अनुरूप की जा रही है। अभी कोविड के चलते सभी बैठक स्थगित कर दी है, परिस्थितियां सामान्य होते ही परिषद की बैठक में इसे औपचारिक मंजूरी दी जाएगी।''
राजेश गुप्ता, सीएमओ जांजगीर

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