​​​​​​​जांजगीर में 10 महीने से RT-PCR लैब अधूरी:3 महीने से ताले में सीटी स्कैन मशीन; 55% पर अटका वैक्सीनेशन, नए साल के बाद 258 संक्रमित मिले

​​​​​​​जांजगीर4 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ में कोराना संक्रमण की तीसरी लहर आ चुकी है। केस दोगुनी और तिगुनी रफ्तार से बढ़ रहे हैं। जांजगीर जिला भी इससे अछूता नहीं है। नए साल के 6 दिनों में ही 258 संक्रमित मिल चुके हैं। सरकार के तमाम आदेश और निर्देश के बावजूद तैयारियां पूरी नहीं हैं। जिले में RT-PCR लैब 10 महीने से अधूरी पड़ी है। सीटी स्कैन मशीन मंगवाई गई, लेकिन वह भी 3 माह से ताले में बंद है। हालात यह हैं कि वैक्सीनेशन भी 55 फीसदी से आगे नहीं बढ़ सका है।

जांजगीर में RT-PCR लैब 10 महीने से अधूरी पड़ी है।
जांजगीर में RT-PCR लैब 10 महीने से अधूरी पड़ी है।

बात सबसे पहले RT-PCR लैब की। कोरोना की दूसरी लहर में स्थिति को देखते हुए तत्कालीन कलेक्टर यशवंत कुमार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लैब की स्थापना को लेकर पहल की। तब सैंपल कोरबा, रायगढ़ और अन्य जिलों में जांच के लिए भेजे जाते थे। हालात बिगड़ते देख 15 दिन में लैब बनाने का टारगेट स्वास्थ्य विभाग को दिया गया। बावजूद इसके अब तक ह्यूमन रिसोर्स, मशीनें और स्टाफ की व्यवस्था नहीं हो सकी। इसके चलते अब भी सैंपल बाहर ही भेजे जा रहे हैं।

मशीन 3 माह बाद भी जिला अस्पताल के स्टोर रूम में बंद धूल खा रही है।
मशीन 3 माह बाद भी जिला अस्पताल के स्टोर रूम में बंद धूल खा रही है।

3 करोड़ की सीटी-स्कैन मशीन, पर चलाने के लिए स्टाफ नहीं
जब कोरोना का संक्रमण जांच में नहीं पकड़ आया तो सीटी-स्कैन मशीन की मदद लेनी पड़ी। केस बढ़े तो लोग जांच के लिए प्राइवेट सेंटर पहुंचे और हजारों रुपए खर्च करा स्कैनिंग कराई। इसे देख प्रशासन ने सीटी-स्कैन मशीन मंगवाई। 3 करोड़ की लागत से आई यह मशीन 3 माह बाद भी जिला अस्पताल के स्टोर रूम में बंद धूल खा रही है। सारा मामला अप्रूवल और मैन पावर को लेकर अटका है। अभी तक टेक्नीशियन की भर्ती तक नहीं हो सकी है।

नया प्लांट 300 लीटर प्रति मिनट का भी लगाया गया, पर उसके शुरू होने का अभी इंतजार है।
नया प्लांट 300 लीटर प्रति मिनट का भी लगाया गया, पर उसके शुरू होने का अभी इंतजार है।

तीसरे ऑक्सीजन यूनिट को भी तीसरी लहर गुजरने का इंतजार
कोरोना की पिछली लहर में ऑक्सीजन की कमी से जूझते देश को पूरी दुनिया ने देखा। ऐसे में हर राज्य और जिले में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना पर तेजी से काम शुरू किया गया। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जांजगीर में भी ऑक्सीजन के 2 प्लांट 70 लीटर प्रति मिनट और 180 लीटर प्रति मिनट स्थापित किए गए, जो कि संचालित हैं। वहीं एक नया प्लांट 300 लीटर प्रति मिनट का भी लगाया गया, पर उसके शुरू होने का अभी इंतजार है।

जिले के कोविड सेंटर में बेड की स्थिति

नॉर्मल बेड183
ऑक्सीजन बेड97
आईसीयू बेड27
वैंटिलेटर04

वैक्सीनेशन का टारगेट 10 लाख, अटके 5 लाख पर
जिले में वैक्सीनेशन का आंकड़ा भी कोई उपलब्धि भरा नहीं है। अब तक 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले 5 लाख 86 हजार 425 लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, जबकि टारगेट 10 लाख 62 हजार 668 का है। वहीं 15 साल प्लस वालों में 1 लाख 4 हजार 164 लोगों को टीका लगना है। इसकी तुलना में फिलहाल 20 हजार 912 बच्चों को टीका लग चुका है। यानी कि अब तक 20.08 प्रतिशत का वैक्सीनेशन हो चुका है।

जिले में पिछले 6 दिनों कोरोना की स्थिति

तारीखपॉजिटिव
01 जनवरी11
02 जनवरी11
03 जनवरी23
04 जनवरी24
05 जनवरी63
06 जनवरी126

जांजगीर कलेक्टर जितेन्द्र शुक्ला ने कहा कि RT-PCR की स्थापना चल रही है उसमें मैन पावर की व्यवस्था नहीं हो पाई है। हमने दो-तीन बार विज्ञापन भी जारी किए हैं। जांच बाहरी जिलों से हो रही है। ऐसी कोई दिक्कत नहीं है अभी, फिर भी हम प्रयास कर रहे हैं। वहीं जिला हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. अनिल जगत का कहना है कि सीटी-स्कैन मशीन के इंस्टॉलेशन के लिए इंजीनियर आए थे। दो-तीन सुझाव और दिए हैं। जल्द ही पूरा किया जाएगा और प्रारंभ किया जाएगा। मैन पावर की व्यवस्था बाकी है। उसके लिए विज्ञापन निकालने की तैयारी की जा रही है।