महंगाई की मार:12 माह में 308 रुपए महंगे हुए घरेलू गैस सिलेंडर

जांजगीर12 दिन पहले
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  • पेट्रोल-डीजल के भाव भी लगातार बढ़ रहे, खाद्यान्न सस्ते, महंगाई के बावजूद जिले में बढ़ी जमीन की बिक्री

बाजार खुलने के बाद राशन से लेकर सभी सामानों के दामों में बढ़ोतरी हो रही है। अप्रत्याशित रूप से बढ़ रही कीमतों ने लोगों को परेशान कर दिया है। रसोई गैस के दाम भी हर माह बढ़ रहे हैं। पिछले साल भर में रसाेई गैस के दामों 308 रुपए तक की अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो चुकी है। दूसरी ओर सब्जी के दाम भी इन दिनों बढ़ने लगे हैं। सब्जी व्यापारी बाहरी आवक व सामान की कम सप्लाई को दाम बढ़ने का कारण बता रहे हैं। रसोई गैस के दाम बढ़ने से लोगाें के घर का बजट बिगड़ गया।

सब्जी भी मंहगी: पेट्रोल और डीजल के महंगे होने का असर सब्जी के दाम पर भी पड़ा है। अधिकतर सब्जियां अब भी 40 से 100 रुपए प्रति किलो के बीच में मिल रही है। प्याज के दाम भी इजाफा हुआ है और वह बाजार में 40 रुपए किलो मिल रही है।

पेट्रोल और डीजल में भी आग

  • पेट्रोल 101.94
  • डीजल 99.92

डेढ़ साल में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 40% से अधिक बढ़ चुकी हैं। इसका असर आम लोगों के मंथली बजट पर पड़ रहा है। पेट्रोल महंगा होने से जहां बाइक और कार चलाना महंगा हुआ है वहीं डीजल की कीमतें बढ़ने से ढुलाई का खर्च बढ़ा है, इसने अप्रत्यक्ष रूप से महंगाई बढ़ाई है। डीजल के कारण पहले बस का किराया 35 फीसदी तक बढ़ चुका है।

राहत भी... दाल, खाद्यान्न और तेल सस्ता
कारोबारियों ने बताया कि तेल और दाल के दाम कम हुए है। जून में सोयाबीन तेल का भाव 155-160 रुपए प्रति लीटर था। अक्टूबर में 145 रुपए हो गया है। दशहरे के बाद फिर दाम कम होंगे। जून में दाल के भाव 120-130 रुपए प्रति किलो थे अब 110 रुपए हैं। दूसरे खाद्यान्नों की कीमतें गिरी हैं या स्थिर हैं। शक्कर महंगी हुई है। चार महीने पहले शक्कर 34-36 रुपए थी अब 38 रुपए है। कारोबारी प्रकाश डालमिया ने बताया कि मार्केट अनलॉक होने के बाद से हर माह दाल, तेल और दूसरे सामान की स्टॉक एंट्री करनी होती है।

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