पुलिस कार्रवाई:लाॅकडाउन में सुबह 4.30 बजे बेचा सामान, 2 दुकानें सील

जांजगीर6 महीने पहले
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दुकान सीलिंग की कार्रवाई करते अधिकारी। - Dainik Bhaskar
दुकान सीलिंग की कार्रवाई करते अधिकारी।

कोरोना की चेन तोड़ने की जिम्मेदारी प्रत्येक व्यक्ति की है। इसे रोकने केवल प्रशासनिक व्यवस्था या पुलिस का डंडा चलाना ही जरूरी नहीं बल्कि सभी को समझना होगा। नियमों का पालन आवश्यक है,किंतु लोग इस भीषण आपदा को देखते हुए भी बेपरवाह हो रहे हैं।

इसलिए अधिकारियों को अलसुबह 4.30 बजे से नगर में घुमना पड़ रहा है, ताकि कोई मॉर्निग वॉक, दूध लेने के बहाने न निकले न दुकानें खुले। इसके बाद भी लोग सतर्क नहीं हैं। बुधवार की अलसुबह एसडीएम की टीम ने दुकान खोलकर सामान बेचने वाले दो किराना दुकानदारों की दुकानें सील कर दी। कोरोना की लहर व संक्रमण कम नहीं होने के कारण जिला दंडाधिकारी ने दूसरी बार जिले में कंटेनमेंट जोन की अवधि 6 मई की सुबह 6 बजे तक बढ़ा दी है।

सख्त आदेश हैं कि कोई दुकानें नहीं खुलेंगी। दूध पार्लर के खुलने पर भी बुधवार की सुबह से रोक लगा दी गई है। अब वे भी होम डिलीवरी करेंगे। ऑनलाइन सेवाओं की होम डिलीवरी भी इसीलिए रोक दी गई, कि इसी बहाने लोग घुमने लगे थे। अब लोग अपने घरों से केवल स्वास्थ्यगत कारणों से ही बाहर निकलेंगे।

इसके बाद भी जिला मुख्यालय में सब्जी व फल बेचने वाले एक जगह इकट्‌ठा हो रहे थे। डेयरी में दूध लेने वालों की भीड़ होने लगी थी। इस पर रोक लगाने पिछले चार दिनों से एसडीएम जांजगीर श्रीमती मेनका प्रधान, तहसीलदार अतुल बैष्णव, एसडीओपी श्रीमती दिनेश्वरी नंद व टीआई विनोद मंडावी लगातार छापा मार कार्रवाई कर रहे थे। बुधवार को भी सुबह 4.30 बजे अधिकारियों का दल कचहरी चौक पहुंच गया। यहां इकट्‌ठा हो रहे सब्जी व्यापारियों को वार्डों में भेजा। शहर की सड़कों में पैदल मार्च किया। लोगों को घरों में रहने निर्देश दिए गए।

दो दुकानें खुली अलसुबह

अधिकारियों का दल नगर भ्रमण करते हुए नैला पहुंचा। यहां पर कमल किराना दुकान नैला के संचालक द्वारा दुकान खोलकर सामान की बिक्री की जा रही थी। इसके अलावा वार्ड नंबर 21 में भी मारुति किराना दुकान खुली थी। दोनों दुकानों को अधिकारियों की टीम ने सील कर दिया।

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