कोरोना इफेक्ट:अपने क्षेत्रों में अपनी निधि से अगले साल भर भूमिपूजन नहीं कर पाएंगे माननीय

जांजगीर6 महीने पहले
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  • क्योंकि सरकार ने विधायक निधि पर लगा दी रोक, पहले की अनुशंसा भी हुई रद्द
  • ग्रामीण क्षेत्रों में सीसी रोड, नाली, सामुदायिक भवन जैसे काम होंगे प्रभावित

कोविड का ग्रहण पहले सांसदों की सांसद निधि पर लगा था। केंद्र ने उसके उपयोग पर बैन लगा दिया था, अब राज्य सरकार ने विधायक निधि के सार्वजनिक उपयोग पर रोक लगा दी है। इसका मतलब यह है कि अगले साल भर जिले के विधायक अपने क्षेत्र में नए विकास कार्यों के लिए भूमिपूजन नहीं कर सकेंगे और न ही नए कार्यों की स्वीकृति दे सकेंगे।

राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक विधायक को अपने क्षेत्र में खर्च करने के लिए एक वित्तीय वर्ष में दो करोड़ रुपए दिए जाते हैं। इस राशि से विधायक अपने क्षेत्र के गांवों में सीसी रोड, नाली, सामुदायिक भवन, सामाजिक भवन सहित अन्य जनहित के कार्यों में खर्च करते हैं। विधायकों की अनुशंसा के बाद सांख्यिकी शाखा से कलेक्टर के अनुमोदन के बाद राशि की स्वीकृति मिलती है। इसके बाद काम होता है। हमारे जिला में छह विधान सभा क्षेत्र हैं। यानि बारह करोड़ रुपए विधायक निधि के मिलते हैं।

इनमें से कुछ राशि प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर स्वीकृत होती है। लेकिन इस वर्ष कोरोना के कारण सरकार को व्यवस्था बनाने के लिए अधिक फंड की जरूरत है, इसलिए राज्य सरकार ने सभी विधायकों की राशि आवंटन पर रोक लगा दी है। 26 अप्रैल को इसका आदेश भी जारी कर दिया गया है। इस आदेश के बाद स्वीकृति की अनुशंसा रोक दी गई है। अब विधायक पुराने कार्यों के शिलान्यास व लोकार्पण ही कर पाएंगे।

पिछले साल विधायकों ने की थी राशि खर्च

पिछले साल भी विधायक नारायण चंदेल और विधायक सौरभ सिंह ने अपनी निधि से 25-25 लाख रुपए कोरोना से बचाव के लिए विभिन्न प्रकार की सामग्री खरीदने के लिए दी थी। विधान सभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कोरोना से लड़ने के लिए अपनी निधि से 55 लाख रुपए दिए थे।

सरकार ने दे भी दिया था फंड, अब हो गया वापस

नया वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू हो जाता है। सरकार ने नए वित्तीय वर्ष के शुरू होने के बाद सरकार ने फंड भी दे दिया था। इसके बाद विधायकों की अनुशंसा आ रही थी, लेकिन 26 अप्रैल के आदेश के बाद दी गई राशि भी सरकार ने वापस मांग ली है।

इस वर्ष विधायक चंदेल ने 25 लाख रुपए की दी स्वीकृति पर नहीं हो पाई अनुशंसा

जांजगीर-चांपा के विधायक नारायण चंदेल ने एक बार फिर से कोराेना से पीपीई किट, सैनिटाइजर, मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर सहित कुछ अन्य सामान के लिए अपनी निधि से 25 लाख रुपए देने की घोषणा करते हुए स्वीकृति के लिए पत्र भी कलेक्टर को भेजा था, लेकिन सरकार द्वारा लगाई गई रोक के कारण अब उनकी घोषणा पर अनुशंसा नहीं हो पाएगी। वहीं अकलतरा विधायक सौरभ सिंह व चंद्रपुर के विधायक रामकुमार यादव ने भी कुछ स्वीकृति दी है, पर अब उनकी भी स्वीकृति पर अनुशंसा नहीं मिली।

इधर, सांसद ने अपनी निधि से दी 55 लाख की स्वीकृति

सांसद गुहाराम अजगल्ले ने अपने सांसद निधि से कोविड के लिए सामग्री खरीदने हेतु 55 लाख रुपए की अनुशंसा की है। उन्होंने 19 अप्रैल को जिला अस्पताल में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, वेंटिलेटर, आईसीयू बेड और डेड बॉडी फ्रिजर के लिए 25 लाख रुपए दिए हैं। उन्होंने 26 अप्रैल को भी 30 लाख रुपए अपने एमपी लैड से स्वीकृत करने के लिए पत्र लिखा से है। इस राशि से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदने कहा है, लेकिन ये किस अस्पताल के लिए है। स्पष्ट नहीं लिखा है, हो सकता है इस राशि से खरीदे गए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जिले के अन्य अस्पतालों में दिए जाएं।

सरकार ने वापस मांगा फंड

विधायक निधि से विधायकों को दिए जाने वाले फंड की राशि आई थी। जिसे सरकार ने वापस मंगा लिया है। अब विधायक निधि से स्वीकृति नहीं हो पाएगी। सांसद ने वर्ष 2019-20 से राशि स्वीकृति के लिए अनुशंसा की है।''
-पायल पांडेय, जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी,जांजगीर-चांपा

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