कोरोना का कहर:टीका लगाते वक्त संक्रमित हुई, इलाज के दौरान मौत

जांजगीर/बलौदा6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • वैक्सीन का दूसरा डोज नहीं लगा था नर्स को

स्वास्थ्य विभाग की कार्यकर्ता जो दूसरों को कोविड 19 से बचाने के लिए टीका लगा रही थी। इस दौरान वह कोरोना से संक्रमित हो गई। उसका ऑक्सीजन लेवल घटा तो उसे सबसे पहले ईसीटीसी लेकर गए, लेकिन वहां बेड नहीं मिल पाया। मजबूरी में महुदा कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया गया। यहां स्थिति बिगड़ने पर उसे ईसीटीसी जांजगीर में भर्ती किया गया, लेकिन लोगों को जिंदगी के लिए खुराक देने वाली सिस्टर जिंदगी की जंग हार गई।

बलौदा ब्लॉक के जर्वे (ब) के पीएचसी में सिस्टर द्रौपदी तिवारी (61 वर्ष) पदस्थ थीं। उनकी ड्यूटी कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए लगाई गई थी। सिस्टर हेल्थ वर्कर होने के कारण खुद को वैक्सीन का एक डोज करीब 25 दिन पहले लगवा चुकी थी। दूसरी डोज नहीं लग पाई थी। इस दौरान वह गांव के लोगों को वैक्सीन लगा रही थी।

बीपीएम पार्थ सिंह के अनुसार नर्स द्रौपदी तिवारी की तबीयत खराब होने पर उन्होेंने टेस्ट कराया, जिसमें वह संक्रमित मिली। 23-23 अप्रैल से वह होम आइसोलेशन में थीं। इनकी तबीयत होम आइसोलेशन में अधिक खराब होने पर उनके घर के लोग इलाज के लिए ईसीटीसी लेकर आए, लेकिन बेड खाली नहीं होने के कारण उनकी भर्ती नहीं हो सकी। इसलिए उन्हें महुदा (ब) के कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया गया। यहां भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें ईसीटीसी वापस भेजा गया, जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

इलाज के लिए लाए तो ऑक्सीजन सेचुरेशन 40 था

कोविड केयर सेंटर महुदा के डॉ. रामायण सिंह ने बताया कि जब नर्स को अस्पताल लाया गया तो उनका ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल 40 था। उन्होंने बताया कि गंभीर स्थिति में भर्ती करने के बाद इलाज शुरू होने पर ऑक्सीजन लेवल 65-70 तक पहुंच गया था। इसके बाद उन्हें ईसीटीसी में इलाज के भर्ती किया गया था, जहां उसकी मौत हो गई है।

खबरें और भी हैं...