'हम मर जाएंगे, पर प्लांट नहीं खुलने देंगे':एथेनॉल फैक्ट्री का ग्रामीण कर रहे हैं विरोध, बोले-फैसला वापस नहीं हुआ तो भूख हड़ताल करेंगे

जांजगीर5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे थे। - Dainik Bhaskar
शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे थे।

छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री का विरोध शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने कहा है कि हम मर जाएंगे पर प्लांट तो नहीं खुलने देंगे। इस संबंध में उन्होंने शुक्रवार को एसडीएम से भी मुलाकात की है। एसडीएम से मुलाकात में उन्होंने कहा है कि यदि प्लांट लगाने का फैसला वापस नहीं लिया जाता है तो हम भूख हड़ताल करेंगे।

दरअसल, जिले के अकलतरा विकासखंड के मुड़पार गांव में सरकार ने एथेनॉल फैक्ट्री लगाने का फैसला किया है। जिस जमीन पर फैक्ट्री लगनी है उसे पहले ही खरीदा जा चुका है। मगर अब ग्रामीणों का विरोध शुरू हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जगह प्लांट लगेगी। उसके अगल-बगल हमारी काफी जमीनें हैं। यदि ये प्लांट लग जाएगा तो हमारी जमीनें बंजर हो जाएंगी। इसलिए हम चाहते हैं कि प्लांट यहां ना लगें। शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील कार्यालाय पहुंचे थे। यहां उन्होंने एसडीएम से मुलाकात भी की है।

ग्रामीणों का कहना है कि जहां प्लांट लगना है। वहां और उसके आस-पास हमारी अलग-अलग हिस्सों में जमीन हैं। यहीं हम खेती किसानी करती हैं। ऐसे में अगर यहां प्लांट लग गया तो यह जमीन बंजर हो जएगी। हम ऐसे में कहां खेती किसानी करेंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि हमारे पास कहीं और भी जमीन नहीं है कि हम खेती किसानी कर अपना जीवन यापन कर सकें। इसलिए हम चाहते हैं कि प्रशासन अपना फैसला वापस ले। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्लांट खोलने का फैसला वापस नहीं लिया जाता है तो हम भूख हड़ताल करेंगे, आंदोलन करेंगे और चक्काजाम भी करेंगे।

खबरें और भी हैं...