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बैठक:रबी में दलहन, तिलहन पर फोकस, इस बार मात्र 8 हजार हेक्टेयर में ही लगवाएंगे धान की फसल

जांजगीर8 महीने पहले
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  • जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में कलेक्टर की अध्यक्षता में लिया निर्णय

जिले में रबी फसल के लिए तैयारियां शुरू हो गई है। इस रबी सीजन कौन सी फसल कितने हेक्टेयर में ली जाएगी यह भी तय कर लिया गया है। अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने निर्णय लिया है कि इस बार धान की फसल मात्र 8430 हेक्टेयर में लगाई जाएगी। इसके अलावा दलहन, तिलहन फसलें अधिक ली जाएंगी। कलेक्टर यशवंत कुमार की अध्यक्षता में जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक हुई। जिसमें जनप्रतिनिधि ताे शामिल नहीं हुए उन्होंने ऑनलाइन उपस्थिति दी। यह निर्णय लिया गया कि बांध में 85 प्रतिशत सिंचाई जल उपलब्ध है। इसलिए नहरों से पानी 1 जनवरी से छोड़ा जाएगा। कलेक्टर ने कृषकों की मांग पर 15-15 दिनों के अंतराल मे नहरों से पानी छोड़ने के निर्देश सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। कलेक्टर ने किसानों से अपील कर कहा कि वे धान के स्थान पर लाभदायक दलहन तिलहन की खेती करें।

जानिए, कितने रकबे में किसकी होगी खेती
जिले में रबी की खेती हेतु 1,20,137 हेक्टेयर रकबा प्रस्तावित है। जिसमें गेहूं 16,230 हेक्टेयर, मक्का 1,850, ग्रीष्म धान 8,430, चना 12,700, मूंग 1,519, मटर 2,820, उड़द 121 , तिवरा 41,000, राई-सरसों 12,300, अलसी 12,000, कुसुम 640, सूर्यमूखी 310, मूंगफली 1,845 हेक्टेयर एवं अन्य साग सब्जी की 8,250 हेक्टेयर में फसल ली जाएगी।

खेत में बनवाएं नाली ताकि पानी के नुकसान रुके
रबी सिंचाई की व्यवस्था मनरेगा के तहत सिंचाई नाली निर्माण कार्य का जिम्मेदारी कृषि एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी गई। इस कार्य हेतु प्रत्येक ग्रामवार ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं सिचाई विभाग के अधिकारी,कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। जो कृषकों से सलाहकर उनके खेत में मनरेगा योजना के तहत सिंचाई नाली निर्माण कार्य हेतु कार्य योजना बनाएगा, जिससे नहर के पानी का खुली सिंचाई से होने वाले जल हानि को रोका जा सकता है।

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