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महामारी:दूसरी लहर; कोरोना के एक्टिव मरीजों के मामले में जिला प्रदेश में टॉप, पर कम नहीं हो रही लापरवाही

जांजगीरएक महीने पहले
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  • लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या, क्योंकि गांवों में नियंत्रण नहीं, कहीं संक्रमित बाहर घूम रहे हैं तो कोई टेस्ट नहीं करा रहा

जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिंताजनक स्थिति यह है कि रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव जैसे शहरों से भी अधिक मरीज अब हमारे जिले में मिलने लगे हैं। अब स्थिति ऐसी हो गई है कि प्रदेश में एक्टिव मरीजों के मामले में हमने न केवल बिलासपुर संभाग के जिलों बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों को पीछे छोड़ दिया है।

5 मई की स्थिति में जांजगीर-चांपा जिले में 11 हजार 948 एक्टिव मरीज हैं , जबकि रायपुर में यह संख्या 11 हजार 102 है। वैक्सीनेशन के लिए भी तीन से चार किमी का सफर करना पड़ रहा - वैक्सीन लगवाने के लिए भी लोगों को तीन से चार किमी का सफर तय करना पड़ रहा है। हालांकि यह भी तयहै कि प्रत्येक गांव को वैक्सीन सेंटर नहीं बनाया जा सकता। किंतु दूसरे गांव में जाकर वैक्सीन लगवाने में लोगों को उतनी रुचि नहीं है, जितनी होनी चाहिए, इसलिए भी कोरोना का कहर बढ़ रहा है।

ये हैं वे तीन कारण: लॉकडाउन में भी गांवों में नियंत्रण नहीं
इन दिनों सबसे अधिक मरीज गांवों से मिल रहे हैं। इसका एक कारण यह भी है कि लॉकडाउन के बाद भी वहां नियंत्रण नहीं है। न तो गांवांें में प्रशासनिक अधिकारी जा रहे हैं, न पुलिस ही पेट्रोलिंग कर पा रही है। स्थानीय निकाय के सरपंच व पंचों की बात लोग सुनने व मानने को तैयार नहीं है।

छिपा रहे बीमारी, टेस्ट भी नहीं करा रहे
लोग कोरोना जैसी बीमारी को भी छुपा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में अभी भी सर्दी, खांसी, बुखार आने पर मेडिकल से दवा खरीद कर खाने की परंपरा चल रही है। जबकि इन परिस्थितियों में प्रशासन ने बिना डॉक्टर की पर्ची के दवा देने से मना किया है। फिर भी दवाएं आसानी से मिल रही है। लोग कोरोना के डर से ही टेस्ट नहीं करा रहे हैं।

सेंटर दूर-दूर, इससे भी है परेशानी
जिले में टेस्टिंग सेंटर भी कम है। जिसके कारण भी लोगों को परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है। टेस्ट कराने के लिए भी पांच से दस किमी का सफर लोगों को तय करना पड़ रहा है। शुरूआत में तो गांवों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा टेस्ट किया जा रहा था, लेकिन अब वैक्सीनेशन में उनकी ड्यूटी लग जाने के कारण गांवों में टेस्टिंग की सुविधा बंद हो गई है।

मरीजों के मामले में भी संभाग में टॉप 3 में
बिलासपुर संभाग के 5 जिलों बिलासपुर, जांजगीर, कोरबा, रायगढ़, मुंगेली में अब तक के मरीजों के मामले में भी हमारा जिला टॉप 3 में है। जांजगीर-चांपा जिले में अब तक 43433 मरीज मिल चुके हैं। जबकि रायगढ़ इस मामले में सबसे ऊपर है। यहां 47833 तो कोरबा में 43879 मरीज मिले हैं। मुंगेली 16519 मरीजों के साथ बेहतर स्थिति में है।

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