आत्मनिर्भर बनीं महिलाएं / सोनादुला के गौठान में स्व सहायता समूह की महिलाएं मशरूम का भी कर रही हैं उत्पादन

Self-help group women are also producing mushrooms in Sonadula's Gowthan
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Self-help group women are also producing mushrooms in Sonadula's Gowthan

  • तीन माह में ले रहीं तीन फसल, लागत से तीन गुना हो रहा है फायदा

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

जांजगीर. जिले के गौठानों में आय आधारित गतिविधियां जोर पकड़ते जा रही है। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के प्रोत्साहन और मदद  से ग्रामीण विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ाते जा रहें हैं। मालखरौदा के ग्राम सोनादुला गौठान से जुड़कर जय मां चंद्रहासिनी महिला स्व-सहायता समूह के 10 सदस्यों ने मशरूम उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया है। 
 मालखरौदा जनपद के सहायक विकास विस्तार अधिकारी भरत साहू ने बताया कि कम मेहनत और छोटी जगह पर मशरूम उत्पादन किया जा सकता है। एक बार मशरूम लगाने के बाद तीन माह में तीन फसल मिल जाती है। उत्पादन के लिए प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।  बाजार में इसका मूल्य 200 रुपए से 400 रुपए किलो तक मिल जाता है। बाजार तथा बड़े हाॅटलो में इसकी बहुत मांग है। श्री साहू ने बताया कि सोनादुला गौठान से जुड़े जय मां चंद्रहासिनी महिला स्व-सहायता समूह के सदस्यों ने प्रशिक्षण उपरांत 25 हजार की लागत लगाकर एक निजी भवन में मशरूम का उत्पादन प्रारंभ किया है। इस फसल से तीन माह में ही 75 हजार रुपए तक मशरूम उत्पादन होने की संभावना है। इसके अलावा इस समूह के द्वारा चारगाह में सब्जी, भाजी, मसाला का उत्पादन भी किया जा रहा है। 

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