पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

अकलतरा में इस वर्ष अब तक हुई सबसे अधिक बारिश:कास के फूल खिले फिर भी हो रही अच्छी बारिश

जांजगीर16 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

ऐसा माना जाता है कि जब कास के फूल खिलने लगती है तो बारिश बूढी होने लगती है। यानि कांस के फूलने से बारिश होने की संभावना कम हो जाती है, लेकिन इस वर्ष कांस भी खिलने लगे हैं, तो बारिश भी हो रही है। पिछले चौबीस घंटे यानि 11 से 12 सितंबर की सुबह 8 बजे तक 30 मिमी औसत बारिश जिले के विभिन्न तहसीलों में दर्ज की गई। इस वर्ष की मानसूनी बारिश की तुलना में यह पिछले साल से करीब 41.8 मिमी कम है।

मानसूनी बारिश की शुरुआत 1 जून से मानी जाती है। जिले में मानसूनी बारिश 30 सितंबर तक मानी जाती है। इसके बाद मानसून की विदाई मानी जाती है। अक्टूबर व उसके बाद होने वाली बारिश पोस्ट मानसूनी बारिश कही जाती है। इस वर्ष बारिश को लेकर यह माना जा रहा था कि बारिश अच्छी होगी, लेकिन मानसून ने पूरे अगस्त माह में दगा दिया है। इसी कारण से बारिश का आंकड़ा जिले में पिछड़ गया है। पिछले साल 1 जून से 12 सितंबर के बीच 969.7 मिमी बारिश हुई थी, जबकि इस वर्ष इसी अवधि में 927.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई।

अकलतरा तहसील में सर्वाधिक बारिश
अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार तहसील जांजगीर में 714.5, मिलीमीटर बारिश हुई है। जबकि इस वर्ष सर्वाधिक वर्षा अकलतरा तहसील में 1156 मिमी बारिश हुई है। बलौदा- 1097.1, नवागढ़- 997.2, पामगढ़- 941.6, चांपा- 1026.1, सक्ती- 813.3 जैजैपुर- 782.2, मालखरौदा - 860.5, डभरा- 1047.6, शिवरीनारायण- 950.9, बम्हनीडीह- 787.2मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

खबरें और भी हैं...