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ये सूरत बदलनी चाहिए:तस्वीरें ही खबर है; शहर की इन सड़कों पर वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी है खतरनाक

जांजगीर12 दिन पहले
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  • ऐसे दृ़श्य जांजगीर से चांपा के बीच आसानी से दिख जाएंगे, बनारी से मसनियाकला तक 45 किमी सड़क की है ऐसी स्थिति

नेशनल हाइवे की सड़कों की क्या स्थिति है, यह जानने के लिए बारिश के बाद जांजगीर से चांपा के बीच की महज नौ किमी की दूरी में यात्रा करना ही पर्याप्त है। कलेक्टोरेट मोड़ से लेकर चांपा के गेमन पुल के उस पास मोड़ तक सड़क की स्थिति ऐसी है कि सड़क में गड्‌ढे नहीं बल्कि गड्ढ़ों में सड़क ढूंढना पड़ता है। कहीं आठ से दस फीट लंबे चौड़े गड्‌ढे हैं तो कहीं डेढ़ से दो फीट सड़क गहरी हो गई है। इन सड़कों में जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। छोटी कारों के तो चेचिस तक इन गड्‌ढों के बाद बने पार से टकरा जाते हैं। इसलिए आज केवल सड़कों की बदहाली की तस्वीर ही खबर है। ये तस्वीरेें जांजगीर और चांपा के बीच की है। ऐसी सड़कें बनारी से मसनियाकला तक 45 किमी है। जिन्हें मरम्मत नहीं बल्कि नई बनाने की दरकार है।

तस्वीर 1: कलेक्टोरेट मोड़ से आगे गड्‌ढे भरी सड़क
कलेक्टोरेट मोड़ से आगे चांपा रोड में एक होटल से लेकर ओवरब्रिज तक सड़क खराब हो चुकी है। कुछ स्थानों पर तो बीच से सड़क पूरी तरह खत्म हो चुकी है। कुछ स्थानों पर महज तीन से चार फीट सड़क बची है। गड्‌ढों से बचने के लिए वाहन चालकों को बड़े वाहनों के गुजरने का इंतजार तक करना पड़ता है।

तस्वीर 2 : कुलीपोटा मेन रोड पर डबरीनुमा गड्‌ढे
कुलीपोटा मेन रोड में पिछले साल भी बारिश के दिनों में गड्‌ढों को पाटने के लिए बजरी व गिट्‌टी डाली गई थी। लेकिन बारिश के दिनों इस प्रकार का पेंच वर्क प्रभावी नहीं है। गिट्‌टी की पकड़ नहीं होने के कारण धूप आने पर धूल बनकर उड़ने लगती है तो हल्की बारिश में कीचड़ बन जाती है, अधिक बारिश होने पर गिट्‌टी पूरी तरह से उखड़ गई है।

तस्वीर 3: लछनपुर सांई मंदिर के पास जर्जर रोड
गेमनपुल से पहले लछनपुर में सांई मंदिर के पास की सड़क की भी बदहाली ऐसी है कि वहां पर तो सड़क ही नहीं बल्कि केवल गड्‌ढे नजर आते हैं। पानी भरा होने पर लोगों को गुजरने के लिए रास्ता तलाशना पड़ता है। इससे आगे गुमन पुल के उस पार तो मोड़ तक सड़क ही नजर नहीं आती है।

तस्वीर 4: स्टेशन तक पैदल चलना भी मुश्किल
चांपा नगर में सर्वाधिक समस्या रेलवे स्टेशन पहुंच मार्ग की है। यहां पीडब्ल्यूडी आफिस से लेकर रेलवे स्टेशन के मेन गेट तक करीब 400 मीटर में गड्‌ढों की संख्या भी 400 से अधिक होगी। यहां बड़े बड़े गड्‌ढे बन गए हैं, नए लोगों को गड्‌ढों का अंदाजा ही नहीं होता। जानकार लोग बड़ी ही एहतियात से गुजरते हैं।

बारिश के बाद चांपा स्टेशन जाने वाली सड़क बन जाती है तालाब
सड़क के दोनों ओर निर्माण तो करा दिया। एक तरफ कॉलोनी बनाई एक ओर स्टेशन है। किंतु दोनों तरफ पानी निकासी के लिए कोई नाली ही नहीं बनाई है। यही वजह है कि बरसात का पानी भर जाता है, यही पानी सड़क को बर्बाद कर देता है। अगस्त माह में कलेक्टर के निर्देश पर पीआईएल से डस्ट लाकर डाला गया था, लेकिन यह और घातक हो गया है। इस सड़क का असर स्टेशन के किनारे फलों का व्यापार करने वालों पर पड़ रहा है। नगर के लोग वहां फल लेने के लिए जाते ही नहीं।

ये जिम्मेदार: नेशनल हाईवे अथॉरिटी व ठेकेदार
सड़कों की इस दुर्दशा के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी भी जिम्मेदार है। चूंकि जिले में अभी एनएच का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन जब तक उस सड़क से परिवहन शुरू नहीं हो जाता एग्जिस्टिंग बाइपास रोड की मरम्मत की जिम्मेदारी इसी विभाग के अधिकारियों व काम कर रहे ठेकेदार की है। एनएच के अधिकारियों के द्वारा केवल पेंच रिपेयरिंग करा दी जाती है। यह पेंच रिपेयरिंग बारिश का पानी नहीं झेल पाती और सड़कें टूट जाती है।

अधिकारी बता रहे डिले को वजह- चूंकि अभी नया नेशनल हाईवे पूरा नहीं बन पाया है। खोखरा के पास ही अतिक्रमण नहीं हटने के कारण काम अटका हुआ है। एनएच के अधिकारी इस कार्य मेंं हो रही देरी को सड़कों की वर्तमान स्थिति के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं। क्योंकि नई सड़क बनाने वाले ठेकेदार को ही वर्तमान सड़क की देखरेख करनी है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि इस सड़क के लिए एस्टीमेट भी सरकार को भेजा गया है।

यह भी पढ़िए क्या कहते हैं जिम्मेदार

अब जनसहयोग से लड़ी जाएगी लड़ाई
सड़कों की स्थिति दयनीय व जानेलवा है। ये सरकार व विभागीय अधिकारियों की लापरवाही है। हमने सीएम, विभागीय मंत्री, प्रभारी मंत्री व विभाग के एसी को कई बार पत्र लिखा है, हर बार जल्दी काम प्रारंभ कराने का जवाब आता है। अब इन सड़कों के लिए जल्दी ही जनसहयोग से सड़क की लड़ाई लड़ी जाएगी।’’
-नारायण चंदेल, विधायक

वन टाइम इंप्रुवमेंट के लिए एस्टीमेट भेजा गया है
नया रोड बना रहे ठेकेदार से ही मरम्मत कराई जा रही है। जिले में ऐसी सड़कें करीब 45 किमी है। बरसात से पहले पेंच वर्क कराया गया था। सड़क बारिश का पानी नहीं झेल पा रही हैं। वन टाइम इंप्रुवमेंट के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, अभी स्वीकृति नहीं मिली है। मंजूरी मिलते ही सड़क का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। ’’
-विजय साहू, एसई, एनएच

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