पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

चक्रवात का असर:इस साल नहीं चली लू , नौतपा में 42 से ऊपर नहीं पहुंचा पारा

जांजगीर8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • दो तूफान यास और ताऊते के अलावा चक्रवात और द्रोणिकाएं रहीं सक्रिय इसलिए जिले में तापमान नहीं बढ़ा

जिले में मानसून की दस्तक को अब केवल नौ दिन शेष है, लेकिन देश में उसकी पहुंच हो गई है। इसलिए अब आगे तापमान में बढ़ोतरी की संभावना कम है। नौतपा बित गया अब बारिश के दिन आने वाले हैं, मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान भी 40 डिग्री से कम ही रहेगा, यानि इस साल जिले में लू नहीं चली।

ऐसा भी पहली बार ही हुआ है, पिछले साल 25 मई को ही यानि नौतपा के पहले ही दिन लू की स्थिति थी और पारा 45 डिग्री तक पहुंच गया था। जबकि इस वर्ष नौतपा के दौरान अधिकतम पारा दो दिन 28 व 29 मई को ही 42 डिग्री तक पहुंचा है। इसका एक प्रमुख कारण यास और ताऊ ते तूफान तथा चक्रवात व द्रोणिकाएं रहीं। पिछली गर्मी में सूरज की तपिश ने लोगों को बहुत परेशान किया था, हालांकि लू की स्थिति पिछले साल भी दाे ही दिन यानि 25 और 26 मई को ही बनी थी।

दोनों दिन अधिकतम पारा 45 डिग्री तक पहुंच था। तीन दिन 42 से 44 के बीच पारा चढ़ा पर इस वर्ष ऐसा नहीं हुआ। नौतपा के एक दिन पहले यानि 24 मई को अधिकतम तापमान 43 डिग्री तक पहुंचा। नौतपा के दौरान 28 व 29 मई को ही पारा 42 डिग्री तक पहुंचा। पिछले 10 साल में पहली बार प्रदेशभर में मई का महीना और नौतपा ऐसा बीता, जिसमें लू नहीं चली।

मई में हुई 8 दिन बारिश, यास का असर
इस वर्ष मई में आठ अलग अलग दिन जिले में बारिश हुई। जबकि पिछले साल एक भी दिन बारिश जिले में नहीं हुई थी। बारिश भी यास की ही वजह से हुई। ओडि़शा की ओर से आने वाली हवा और बारिश के कारण भी नौतपा में तापमान कम रहा। यास तूफान का प्रभाव भी नौतपा के ही दौरान रहा। इसके अलावा प्रदेश भर में चक्रवात व द्रोणिकाएं भी सक्रिय रहीं जिसके कारण भी तापमान ऊपर नहीं जा सका।

बादल छाने तापमान बढ़ा नहीं
इस साल मई में दो तूफान यास और ताऊ ते आए इसके बाद लगातार प्रदेश के आसपास चक्रवात तथा द्रोणिकाएं सक्रिय रहीं। इनके कारण समुद्र से बड़ी मात्रा में नमी लगातार आती रही, बादल छाए रहे। इस वजह से तापमान में वृद्धि नहीं हुई।''
-एचपी चंद्रा, मौसम विज्ञानी, लालपुर मौसम केंद्र

खबरें और भी हैं...