पुलिस पर हमला:जुआ पकड़ने गए थे,ग्रामीणों ने घेरा तो आरक्षकों को छोड़ भागे चौकी प्रभारी

जांजगीर24 दिन पहले
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  • जुआरी पकड़े गए, एक ने भागकर भीड़ इकट्‌ठा की और टूटे पुलिस पर

दिवाली की रात जुआ पकड़ने गई अड़भार चौकी प्रभारी की टीम को लीमगांव के ग्रामीणों ने घेर लिया। जुआरी और ग्रामीणों ने टीम पर हमला कर दिया। चौकी प्रभारी तो वहां से निकल भागे पर उनके साथ गए दो अन्य आरक्षक बच नहीं सके। ग्रामीणों ने दोनों की पिटाई कर दी। एक आरक्षक को बिलासपुर रेफर किया गया है। मामले में आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रयास का मामला दर्ज किया गया है।

दिवाली की रात अड़भार चौकी प्रभारी लीमगांव पहुंचे थे। पुलिस इसे पेट्रोलिंग बता रही है, जबकि ग्रामीणों के अनुसार पुलिस की टीम जुआ पकड़ने गई थी, क्योंकि पुलिस को गांव में खुले आम जुआ होने की सूचना मुखबीर से मिली थी। टीम में चौकी प्रभारी प्रधान आरक्षक पुष्पेंद्र कंवर, आरक्षक अशोक साहू और आरक्षक हरिराम जांगड़े थे। जब टीम गांव पहुंची तो भीड़ जुआ खेलने के लिए लगी थी। कुछ लोग तो पुलिस को देखकर भाग निकले। वहीं कुछ लोगों ने पुलिस कर्मियों को घेर लिया। पुलिस ने भी चार जुआरियों को पकड़ लिया था, इसी में से एक जुआरी पुलिस को चकमा देकर भाग गया। वही गांव पहुंचा और ग्रामीणों को इकट्‌ठा कर मौके पर ले आया। इसके बाद पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। जुआरी और ग्रामीणों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस टीम कमजोर हो गई। मारपीट शुरू हो गई। किसी तरह ग्रामीणों से खुद को बचाकर चौकी प्रभारी पुष्पेंद्र कंवर भागते हुए चौकी पहुंचे। उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों को जानकारी दी।

2018 में भी चंडीपारा में हुआ था हादसा
2018 में पामगढ़ थाना के पांच आरक्षकों ने टीम ने दिवाली के दिन चंडीपारा में जुआ पकड़ने की कोशिश की थी। हालांकि आरक्षकों की यह टीम थाना से बनाई नहीं गई थी। आरक्षकों की यह टीम बिना अनुमति के ही निकल गई थी। पुलिस की टीम को देखकर जुआरी भागे तो एक जुआरी का पैर भागते समय टूट गया था। जिसका इलाज भी पुलिस के इन्हीं आरक्षकों ने कराया था, इसलिए मामला दर्ज नहीं हुआ था।

दशहरा के दिन भी हुआ था पुलिस पर हमला
जैजैपुर नगर में ही दशहरा के दिन ड्यूटी पर तैनात आरक्षक अमित कुजूर पर हमला हो गया था। आरक्षक कुजूर व्यवस्था बनाने के लिए मैदान में ड्यूटी कर रहा था। तभी एक युवक बाइक को बीच में खड़ा कर दिया। जिसे मना करने पर युवक व उसके साथियों ने दो आरक्षकों पर हमला किया था। पुलिस ने इस मामले में आधा दर्जन लाेगों को गिरफ्तार किया था।

एक आरक्षक की स्थिति गंभीर
पुलिस ने चार आरोपियों व 15-20 अन्य लोगों के खिलाफ धारा 294, 506बी, 323, 353, 332, 427, 147,149 में अपराध दर्ज किया था। विवेचना के बाद एक आरक्षक की स्थिति गंभीर होने पर हत्या के प्रयास का भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी तीजराम सिदार , मोहरसाय सिदार, पुनेश्वर सिदार, जयवर्धन सिदार उर्फ झसेन पिता रामप्यारे उम्र 30 साल गिरफ्तार कर जेल भेजा है। बाकी आरोपियों की पतासाजी पुलिस द्वारा की जा रही है।

एक आरक्षक की आंख पर आई चोट
हमले में दोनों सिपाहियों को गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन हालत गंभीर देख उन्हें बिलासपुर रेफर कर दिया गया है। एक आरक्षक हरिशंकर जांगड़े के सिर व आंख में गंभीर चोट आई है। उसकी आंख से फिलहाल दिखाई नहीं दे रहा है।

4 साल पहले कांशीगढ़ में हुई थी युवक की मौत
करीब चार साल पहले जैजैपुर पुलिस ने भी दिवाली के दिन जुआरियों पर छापा मार कार्रवाई की थी। यहां एक तालाब के पास जुआ खेल रह थे। पुलिस को देखकर जुआरी भागने लगे। इसी बीच एक युवक तालाब में घुस गया। जिससे उसकी मौत हो गई थी। दूसरे दिन उसका शव तालाब में मिला था।

दशहरा के दिन भी हुआ था पुलिस पर हमला
जैजैपुर नगर में ही दशहरा के दिन ड्यूटी पर तैनात आरक्षक अमित कुजूर पर हमला हो गया था। आरक्षक कुजूर व्यवस्था बनाने के लिए मैदान में ड्यूटी कर रहा था। तभी एक युवक बाइक को बीच में खड़ा कर दिया। जिसे मना करने पर युवक व उसके साथियों ने दो आरक्षकों पर हमला किया था। पुलिस ने इस मामले में आधा दर्जन लाेगों को गिरफ्तार किया था।

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