सामूहिक दुष्‍कर्म और हत्‍याा के माामले में खुलासा:गैंगरेप के बाद घर जाने की जिद की तो उसी के ब्लाउज से दबाया

अकलतरा2 महीने पहले
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आरोपी चंद्रमणि। - Dainik Bhaskar
आरोपी चंद्रमणि।
  • पत्थर से कुचला महिला का सिर, लाश बोरे में भर फेंका था नहर में
  • दैनिक भास्कर ने जिनके नाम बताए वही निकले आरोपी

जबरदस्ती संबंध बनाने के बाद महिला ने जब घर जाने की जिद की और उनकी शिकायत थाने में करने की बात कही तो तीनों आरोपियों ने महिला का गला उसी के ब्लाउज से दबाकर उसकी हत्या कर दी फिर पहचान छिपाने सिर को पत्थर से कुचल दिया और लाश को बोरी में भरकर नहर में फेंक दिया।

मंगलवार की रात शव किरारी- तरौद मुख्य नहर में फंसा मिला। भास्कर ने हत्या कर लाश को फेंकने की आशंका और आरोपियों के नाम का खुलासा किया था, जो दूसरे सच साबित हुआ। मामले में पुलिस ने चंद्रमणि वैष्णव, शिव दास महंत एवं सुरेंद्र श्रीवास को गिरफ्तार कर लिया है।

चंद्रमणि से पुरानी पहचान थी इसलिए साथ गई- विवेचना अधिकारी एसआई जीएल चंद्राकर के अनुसार 9 अक्टूबर की दोपहर 2.30 बजे सुरेंद्र श्रीवास और चंद्रमणी वैष्णव बाइक में महिला के घर पहुंचे। महिला की बेटी ने जब बताया कि वह काम करने गई है तो वे वहां भी पहुंच गए।

पहचान के थे इसलिए महिला उनके साथ 2-3 बजे वहां से निकली। रास्ते में शिवदास महंत भी मिला। तीनों उसे लेकर तरौद के क्रशर खदान से बने तालाब के पास उसे लेकर पहुंचे और शाम होने के बाद दुष्कर्म किया। उन्होंने महिला को रात 10 बजे तक रोके रखा, फिर जब महिला ने रिपोर्ट करने की धमकी दी तो उसे मार दिया।

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चंद्रमणी वैष्णव: इसकी पुरानी जान पहचान थी। विवाद होने पर उसी ने महिला का गला ब्लाउज से दबा दिया। कहीं बच न जाए यह सोचकर सिर को पत्थर से कुचल दिया। मौके से चंद्रमणी की घड़ी पुलिस ने जब्त की है।
सुरेंद्र श्रीवास: चंद्रमणी के साथ महिला को लेने गया। महिला की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए अपने घर से बोरी लेकर आया। बोरी में भरा और नहर में ले जाकर फेंक दिया।

शिवदास महंत: महिला से दुष्कर्म किया और जब रिपोर्ट लिखाने की धमकी दी तो चंद्रमणी व सुरेंद्र के साथ मिलकर हाथ पैर पकड़ा और घर से बाेरी लेकर आया। और महिला के शव को उसमें भरने के लिए मदद की।

महिला की पुरानी जान पहचान थी चंद्रमणि से

महिला के पिता एवं मेरे पिता दोनों के एक साथ रायपुर में निजी फर्म में सिक्योरिटी गार्ड थे। जिससे महिला के घर वर्षों से आना जाना था। इससे जान पहचान हो गई। इसके बाद उससे अवैध संबंध बन गए। 9 अक्टूबर को उसे बाइक पर बैठाकर तरोद से किरारी जाने वाली मुख्य शाखा नहर के पास गया और शारीरिक संबंध बनाया।

नहर के पास ही मेरे साथी युवक शिव दास महंत एवं सुरेश श्रीवास भी पहुंचे थे। उन्होंने भी महिला से दुष्कर्म किया। अंधेरा होने पर घर में बच्चे बीमार होने की बात कहकर घर जाने की जिद करने लगी तो उसे रोका। नहीं मानी तो ब्लाउज से गला दबा कर उसकी हत्या कर दी और लाश को बोरी में भरकर सिर को पत्थर से कुचल दिया और लाश को नहर में फेंक दिया। इसके बाद अपने घर चले गए। (आरोपी चंद्रमणि वैष्णव ने जैसा बताया)

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